{"_id":"574349844f1c1b1d166917a7","slug":"no-subcidy-on-lone","type":"story","status":"publish","title_hn":"लोन पर सब्सिडी गोल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लोन पर सब्सिडी गोल
अमर उजाला इटावा
Updated Mon, 23 May 2016 11:48 PM IST
विज्ञापन
पांच दिन बंद रहेंगी बैंक
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डूडा से संचालित राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के लाभार्थी ब्याज सब्सिडी न मिलने से परेशान हैं। बैंक व डूडा के बीच सामंजस्य न होने से लाभार्थियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। लाभार्थियों को नुकसान का डर सता रहा है। जबकि डूडा पीओ इसके लिए बैंकों को ही जिम्मेदार ठहरा रही हैं। उनका कहना है कि बैंकों के क्लेम किए बिना ब्याज सब्सिडी कैसे दी जा सकती है।
विज्ञापन
केंद्र की राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन योजना के तहत जरूरतमंद लोगों को दो लाख रुपये तक का लोन मुहैया कराया जाता है। गत वित्तीय वर्ष में इस योजना के तहत 104 आवेदकों के लोन बैंकों से पास हुए। इनमें से 70 लोगों को लोन मुहैया कराया गया। योजना के तहत लाभार्थी को लोन पर ब्याज में 5 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाती है। ये डूडा के माध्यम से बैंकों को पहुंचाई जाती है। ब्याज सब्सिडी हर तिमाही देने का प्रावधान है। इसके लिए लाभार्थी को हर महीने लोन की निर्धारित किस्त जमा करना अनिवार्य है। ऐसा न होने पर उसे इस सब्सिडी नहीं मिलती। लेकिन इस पूरी प्रक्रिया में डूडा और बैंकों के बीच तालमेल के अभाव में लाभार्थी परेशान हैं। उन्हें ब्याज सब्सिडी के लिए बैंक और डूडा दफ्तर के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
विज्ञापन