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मतगणना केंद्रों पर उड़ी कोरोना प्रोटोकाल की धज्जियां
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कोरोना महामारी के बीच हुई पंचायत चुनाव की मतगणना में प्रत्याशियों और उनके एजेंटों ने न ही मास्क लगाने की समझादारी दिखाई और न ही सामाजिक दूरी का पालन ही किया।
ज्यादातर प्रत्याशी बिना मास्क लगाए पास-पास बैठे रहे। उनमें धारा 144 के उल्लंघन का डर भी नजर नहीं दिखा। पुलिस अधिकारी तमाशबीन बने रहे।
ताखा, चकरनगर, नवीन मंडी और दुग्ध महाविद्यालय, जसवंत नगर के जीजीआईसी, सैफई के अमिताभ बच्चन इंटर कालेज समेत सभी मतगणना केंद्रों पर ऐसा ही दिखाई दिया। सुबह सात बजते-बजते मतगणना केंद्र के बाहर सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंच गए थे। करीब डेढ़ घंटे तक मतगणना केंद्रों पर मेला लगा रहा।
गणना शुरू होते ही कुछ एजेंट प्रत्याशी अंदर चले गए लेकिन बाजार हजारों की भीड़ जमा रही। इसकी सूचना अधिकारियों तक पहुंची तो ताखा में बड़ी संख्या में पुलिस बल पहुंचा और बेवजह भीड़ लगाए खड़े लोगों को खदेड़ दिया।
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इसके बाद भीड़ करीब डेढ़ किलोमीटर दूर गांव नगला खन्ना बांध के पास जमा हो गई। चकरनगर में भी यही स्थिति रही। सुबह ही सैकड़ों की संख्या में लोग जमा हो गए। भीड़ हो हटाने में पुलिस व प्रशासन को मशक्कत करनी पड़ी।
भीड़ में ज्यादातर लोग मास्क नहीं लगाए थे। लोग एक दूसरे से बिल्कुल सटकर भी खड़े थे। मतगणना केंद्र पर भी अंदर जाने के लिए जो लाइन लगी थी उसमें भी सोशल डिस्टेंसिंग नहीं थी।
संवाद प्रतिनिधि बकेवर के अनुसार जनता कालेज बकेवर कर्मचारी व एजेंट एक दूसरे से सटकर बैठे नजर आए। बड़ी संख्या में एजेंट जो कि मतगणना केन्द्र के सामने फील्ड में पास-पास बैठै रहे। संवाद प्रतिनिधि चकरनगर के अनुसार निरंजन नगर इंटर कॉलेज में हुई मतगणना में सामाजिक दूरी की धज्जियां उड़ाईं।
मतगणना स्थल पर पुलिस प्रशासन की ढिलाई के चलते प्रत्याशी बिना मास्क के लाइन में लगे दिखे। मतगणना केंद्र के बाहर प्रत्याशियों के वाहनों का जमावड़ा लगा रहा।
फोटो संख्या 02- जनता कॉलेज बकेवर में टैंकर से पानी पीते एजेंट और प्रत्याशी ।
पीने के लिए मिला टैंकर का पानी
बकेवर। जिला प्रशासन ने मतगणना स्थल पर मोबाइल और पानी की बोतल ले जाने की मनाही की थी। प्रत्याशियों के एजेंट और प्रत्याशी पानी की बोतल साथ नहीं ले गए। परंतु मतगणना केंद्र पर पेयजल की व्यवस्था बहुत खराब रही। लोगों को पीने के पानी के लिए इधर उधर भटकना पड़ा। नगर पंचायत ने पानी का एक टैंकर भेज दिया था। डयूटी पर तैनात पुलिस कर्मचारी और एजेंटों ने उसी पानी को पीकर अपनी प्यास बुझायी। (संवाद)
फोटो संख्या 04- बकेवर में मतगणना केंद्र पर पहुंची महिलाएं
महिला एजेंटों में भी दिखा जोश
बकेवर। जनता कालेज बकेवर में महिला अभिकर्ताओं में भी जोश दिखा। मतगणना में अपनी जिम्मेदारी निभाने पहुंची महिलाओं को गेट पर ही रोका गया। उनकी बारी आने तक उन्हें इंतजार करने को कहा गया। महिलाओं ने शांति के साथ अपनी बारी आने का इंतजार किया। थकान मिटाने के लिए जमीन पर बैठी रही।
एक से सवा घंटे देरी से शुरू हो सकी मतगणना
इटावा। राज्य निर्वाचन आयोग से मतगणना शुरू करने के लिए सुबह आठ बजे का समय निर्धारित था। मतगणना कर्मचारियों को सुबह सात बजे बुलाया गया था। दुग्ध महाविद्यालय, महेवा, जसंवतनगर की मतगणना एक से सवा घंटे देरी से शुरू हो सकी। एसडीएम सदर सिद्धार्थ ने बताया की बढ़पुरा तथा बसरेहर के वोटों की गिनती शहर में कृषि इंजीनियरिंग कॉलेज तथा नई मंडी में कराई जा रही है। मतगणना न्याय पंचायत वार लगाई गई टेबलों में की गई। स्ट्रांग रूम से मतपेटिका लाने के बाद चार पदों के मतपत्र अलग अलग करके उनकी गड्डियां बनाई गई। इसके बाद गिनती कर परिणाम घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की गई। (संवाद)
मतगणना केंद्रों पर चाय-पान की दुकानें नहीं लगीं
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। पंचायत चुनावों में सबसे ज्यादा जन सहभागिता होती है। यही कारण है कि मतगणना केंद्रों के आसपास मेले जैसा माहौल रहता है। वर्ष 2015 के चुनाव के मुकाबले कोरोना ने इस बार माहौल को बिल्कुल बदल दिया। पहले आसपास चाय पान की दुकानें सज जाती थी। लोग वहां बैठकर खाने पीने की व्यवस्था करते थे लेकिन इस बार स्थितियां बिल्कुल बदली हुई है। इस बार मतगणना स्थलों के आसपास कर्फ्यू लगा हुआ है जिसके कारण कोई भी दुकान नहीं खुली है। चकरनगर में इक्का दुक्का जगह समोसे आदि की दुकानें खुली परंतु वहां भीड़भाड़ नहीं दिखी। मतगणना केंद्र के बाहर भीड़ एकत्रित होने या बैठने की इजाजत भी नहीं है। सुबह की समय कुछ मतगणना केंद्रों पर काफी भीड़ हो गई थी और लोग एकत्रित हो गए थे लेकिन थोड़ी देर बाद पुलिस ने उन्हें वहां से खदेड़ दिया गया।
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ज्यादातर प्रत्याशी बिना मास्क लगाए पास-पास बैठे रहे। उनमें धारा 144 के उल्लंघन का डर भी नजर नहीं दिखा। पुलिस अधिकारी तमाशबीन बने रहे।
ताखा, चकरनगर, नवीन मंडी और दुग्ध महाविद्यालय, जसवंत नगर के जीजीआईसी, सैफई के अमिताभ बच्चन इंटर कालेज समेत सभी मतगणना केंद्रों पर ऐसा ही दिखाई दिया। सुबह सात बजते-बजते मतगणना केंद्र के बाहर सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंच गए थे। करीब डेढ़ घंटे तक मतगणना केंद्रों पर मेला लगा रहा।
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गणना शुरू होते ही कुछ एजेंट प्रत्याशी अंदर चले गए लेकिन बाजार हजारों की भीड़ जमा रही। इसकी सूचना अधिकारियों तक पहुंची तो ताखा में बड़ी संख्या में पुलिस बल पहुंचा और बेवजह भीड़ लगाए खड़े लोगों को खदेड़ दिया।
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इसके बाद भीड़ करीब डेढ़ किलोमीटर दूर गांव नगला खन्ना बांध के पास जमा हो गई। चकरनगर में भी यही स्थिति रही। सुबह ही सैकड़ों की संख्या में लोग जमा हो गए। भीड़ हो हटाने में पुलिस व प्रशासन को मशक्कत करनी पड़ी।
भीड़ में ज्यादातर लोग मास्क नहीं लगाए थे। लोग एक दूसरे से बिल्कुल सटकर भी खड़े थे। मतगणना केंद्र पर भी अंदर जाने के लिए जो लाइन लगी थी उसमें भी सोशल डिस्टेंसिंग नहीं थी।
संवाद प्रतिनिधि बकेवर के अनुसार जनता कालेज बकेवर कर्मचारी व एजेंट एक दूसरे से सटकर बैठे नजर आए। बड़ी संख्या में एजेंट जो कि मतगणना केन्द्र के सामने फील्ड में पास-पास बैठै रहे। संवाद प्रतिनिधि चकरनगर के अनुसार निरंजन नगर इंटर कॉलेज में हुई मतगणना में सामाजिक दूरी की धज्जियां उड़ाईं।
मतगणना स्थल पर पुलिस प्रशासन की ढिलाई के चलते प्रत्याशी बिना मास्क के लाइन में लगे दिखे। मतगणना केंद्र के बाहर प्रत्याशियों के वाहनों का जमावड़ा लगा रहा।
फोटो संख्या 02- जनता कॉलेज बकेवर में टैंकर से पानी पीते एजेंट और प्रत्याशी ।
पीने के लिए मिला टैंकर का पानी
बकेवर। जिला प्रशासन ने मतगणना स्थल पर मोबाइल और पानी की बोतल ले जाने की मनाही की थी। प्रत्याशियों के एजेंट और प्रत्याशी पानी की बोतल साथ नहीं ले गए। परंतु मतगणना केंद्र पर पेयजल की व्यवस्था बहुत खराब रही। लोगों को पीने के पानी के लिए इधर उधर भटकना पड़ा। नगर पंचायत ने पानी का एक टैंकर भेज दिया था। डयूटी पर तैनात पुलिस कर्मचारी और एजेंटों ने उसी पानी को पीकर अपनी प्यास बुझायी। (संवाद)
फोटो संख्या 04- बकेवर में मतगणना केंद्र पर पहुंची महिलाएं
महिला एजेंटों में भी दिखा जोश
बकेवर। जनता कालेज बकेवर में महिला अभिकर्ताओं में भी जोश दिखा। मतगणना में अपनी जिम्मेदारी निभाने पहुंची महिलाओं को गेट पर ही रोका गया। उनकी बारी आने तक उन्हें इंतजार करने को कहा गया। महिलाओं ने शांति के साथ अपनी बारी आने का इंतजार किया। थकान मिटाने के लिए जमीन पर बैठी रही।
एक से सवा घंटे देरी से शुरू हो सकी मतगणना
इटावा। राज्य निर्वाचन आयोग से मतगणना शुरू करने के लिए सुबह आठ बजे का समय निर्धारित था। मतगणना कर्मचारियों को सुबह सात बजे बुलाया गया था। दुग्ध महाविद्यालय, महेवा, जसंवतनगर की मतगणना एक से सवा घंटे देरी से शुरू हो सकी। एसडीएम सदर सिद्धार्थ ने बताया की बढ़पुरा तथा बसरेहर के वोटों की गिनती शहर में कृषि इंजीनियरिंग कॉलेज तथा नई मंडी में कराई जा रही है। मतगणना न्याय पंचायत वार लगाई गई टेबलों में की गई। स्ट्रांग रूम से मतपेटिका लाने के बाद चार पदों के मतपत्र अलग अलग करके उनकी गड्डियां बनाई गई। इसके बाद गिनती कर परिणाम घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की गई। (संवाद)
मतगणना केंद्रों पर चाय-पान की दुकानें नहीं लगीं
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। पंचायत चुनावों में सबसे ज्यादा जन सहभागिता होती है। यही कारण है कि मतगणना केंद्रों के आसपास मेले जैसा माहौल रहता है। वर्ष 2015 के चुनाव के मुकाबले कोरोना ने इस बार माहौल को बिल्कुल बदल दिया। पहले आसपास चाय पान की दुकानें सज जाती थी। लोग वहां बैठकर खाने पीने की व्यवस्था करते थे लेकिन इस बार स्थितियां बिल्कुल बदली हुई है। इस बार मतगणना स्थलों के आसपास कर्फ्यू लगा हुआ है जिसके कारण कोई भी दुकान नहीं खुली है। चकरनगर में इक्का दुक्का जगह समोसे आदि की दुकानें खुली परंतु वहां भीड़भाड़ नहीं दिखी। मतगणना केंद्र के बाहर भीड़ एकत्रित होने या बैठने की इजाजत भी नहीं है। सुबह की समय कुछ मतगणना केंद्रों पर काफी भीड़ हो गई थी और लोग एकत्रित हो गए थे लेकिन थोड़ी देर बाद पुलिस ने उन्हें वहां से खदेड़ दिया गया।