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Etawah News: नैनो उर्वरकों से घटती है खेती की लागत, पैदावार में होगा सुधार
Fri, 09 Oct 2026 11:21 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Fri, 09 Oct 2026 11:21 PM IST
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जसवंतनगर। नैनो उर्वरकों के वैज्ञानिक प्रयोग से खेती की लागत कम करने और फसल पैदावार में सुधार लाने में मदद मिल सकती है। किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से इफको की ओर से शुक्रवार को शासकीय कृषि फार्म जोनई में क्षेत्र दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें किसानों को नैनो यूरिया प्लस, नैनो डीएपी और संतुलित उर्वरक प्रबंधन की जानकारी दी गई। इसके साथ ही फसल अवशेष और पराली न जलाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए इफको उप महाप्रबंधक डॉ. एसके सिंह ने कहा कि आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के साथ मृदा स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण पर ध्यान देना जरूरी है। पराली जलाने से मिट्टी की उर्वरता प्रभावित होती है और पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। उन्होंने किसानों को नैनो यूरिया, नैनो डीएपी, नैनो जिंक, नैनो कॉपर और जैव उर्वरकों के वैज्ञानिक उपयोग की जानकारी दी।
मुख्य अतिथि कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. जायसवाल ने कहा कि उर्वरकों का प्रयोग मृदा परीक्षण और कृषि वैज्ञानिकों की संस्तुति के आधार पर करना चाहिए। इस अवसर पर इफको के राहुल यादव, विनोद यादव, एडीओ सहकारिता नवीन गुप्ता, नरेंद्र यादव, उमाशंकर, अनिल कुमार और क्षेत्र प्रबंधक सौरभ पांडेय मौजूद रहे।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए इफको उप महाप्रबंधक डॉ. एसके सिंह ने कहा कि आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के साथ मृदा स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण पर ध्यान देना जरूरी है। पराली जलाने से मिट्टी की उर्वरता प्रभावित होती है और पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। उन्होंने किसानों को नैनो यूरिया, नैनो डीएपी, नैनो जिंक, नैनो कॉपर और जैव उर्वरकों के वैज्ञानिक उपयोग की जानकारी दी।
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मुख्य अतिथि कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. जायसवाल ने कहा कि उर्वरकों का प्रयोग मृदा परीक्षण और कृषि वैज्ञानिकों की संस्तुति के आधार पर करना चाहिए। इस अवसर पर इफको के राहुल यादव, विनोद यादव, एडीओ सहकारिता नवीन गुप्ता, नरेंद्र यादव, उमाशंकर, अनिल कुमार और क्षेत्र प्रबंधक सौरभ पांडेय मौजूद रहे।
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