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सीएम के जिले में लड़खड़ा रही सुकन्या योजना
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
Updated Wed, 24 Jun 2015 11:07 PM IST
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सीएम के जिले में प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी सुकन्या योजना के कदम लड़खड़ाने लगे हैं। चार महीने की कवायद के बाद भी दस हजार खाते तक नहीं खुल पाए हैं।
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अधिक से अधिक खाते खुलवाने के लिए ब्रांच पोस्ट मास्टर और बचत एजेंटों को सुकन्या योजना के दस-दस खाते खुलवाने का टारगेट दिया गया था लेकिन ज्यादातर टारगेट पूरा नहीं कर पाए हैं। सुकन्या योजना दस साल तक की बेटियों के भविष्य के लिए लाभकारी साबित हो सकती है लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण इसकी गति बढ़ नहीं पाई।
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गौरतलब है कि बेटियों की पढ़ाई-लिखाई और अन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए प्र्रधामंत्री ने देश भर में ड्रीम स्कीम सुकन्या शुरू की थी। मार्च से योजना के खाते खुलने शुरू हो गए थे। चार माह बीतने के बाद भी अब तक मात्र 9923 सुकन्या के खाते खुले हैं। और करीब तीन करोड़ रुपये की राशि जमा हुई है।
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जिले में अधिकारियों के अनुमान के अनुसार 0 से 10 साल की लड़कियाें की संख्या 1.50 लाख के करीब है यानि अभी तक 7 फीसदी लड़कियों के खाते ही खुल पाए हैं। यह हाल तब है जब सुकन्या योजना को प्रमोट करने के लिए डीएम और बचत विभाग को भी जोड़ लिया गया है। ब्लाक तथा तहसील स्तर पर वर्कशॉप आयोजित कर प्रचार भी कि या जा चुका है।
गांव में काम करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, एएनएम तथा आशा बहूओं को भी सुकन्या के अधिक से अधिक खाते खुलवाने के निर्देश दिए गए हैं। इसकी शुरुआत होने के बाद ही डीएम की ओर से डाक अधीक्षक को निर्देेश दिए गए थे कि शाखा डाकपाल, उपडाकपाल, डाकपाल से प्रतिदिन न्यूनतम 10 सुकन्या के खाते खुलवाने का लक्ष्य दिया जाए।
इसके अलावा बचत एजेंटाें को भी कम से कम 10 सुकन्या के खाते खुलवाने के लिए कहा गया था। इसके बाद भी सीएम के गृह जिले में भी योजना के नतीजे निराशाजनक हैं।
अधिकारियों के गोद लिए गांवों पर नजर
जिलेे में कुपोषण को दूर भगाने के लिए अधिकारियों ने 116 गांव गोद लिए हैं। अब इनमें संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। डाक अधीक्षक को इन गांवों की सूची उपलब्ध करा दी गई है और 0 से 10 साल की बेटियों के सुकन्या योजना खाता खुलवाने के लिए कहा गया है।
यदि कोई खाता खुलवाने के लिए तैयार नहीं है तो उसका आरडी खाता खुलवा दिया जाए। संासद के गोद लिए गांव महेवा में छह दिवसीय शिविर का आयोजन किया जा चुका है। आंगनबाड़ियों के माध्यम से लड़कियों की सूची तैयार की जा रही है।
कमीशन न होने से नहीं ली जा रही रुचि
सुकन्या योजना की खास बात यह है कि इसमें किसी का कोई कमीशन नहीं है जबकि अन्य खाते खुलवाने में बचत एजेंटों को कमीशन मिलता है। यही कारण है कि वे सुकन्या के खाते खुलवाने में कोई रुचि नहीं ले रहे।
इसी प्रकार एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी किसी प्रकार का लाभ नहीं है यही कारण है कि सुकन्या योजना जिले में भगवान भरोसे हो गई है। खाते खुलवाने वालों में ज्यादातर लोग खुद ही आ रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र से अच्छा रिस्पांस नहीं मिल रहा है क्योंकि दो साल से लगातार फसल नष्ट होने के कारण किसान आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। और उसके पास खाता खुलवाने के लिए एक हजार रुपये नहीं हो पा रहे।
सुकन्या खाता खोलने के लाभ
जमा राशि पर 9.2 फीसदी वार्षिक चक्रवृद्धि ब्याज दिया जाएगा।
एक साल में 1000 से 1.50 लाख रुपये तक जमा किए जा सकते है।
लड़की की उम्र 18 साल होने पर 50 फीसदी राशि निकाली जा सकती है।
21 साल की उम्र होने पर खाता परिपक्व हो जाएगा, पूरी राशि निकाली जा सकती है।
जमा राशि पर आयकर अधिनियम की धारा 80 के तहत आयकर में छूट दी जाएगी।
खाता खोलने के लिए एएनएम, एएनएम, प्रधान, स्कूल से जारी जन्म प्रमाण पत्र भी मान्य किया जाएगा।