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‘रक्तदान के प्रति भ्रांतियां दूर करने की जरूरत’
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
Updated Wed, 01 Jul 2015 11:30 PM IST
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‘आज रक्तदान की भ्रांतियों से जनसामान्य को जागरूक करने की आवश्यकता है। प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति का यह सामाजिक दायित्व है कि खुद रक्तदान करने के साथ अपने परिवार के सदस्यों, मित्रों एवं अन्य लोगों को भी स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित करे।’
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यह बात उत्तर प्रदेश ग्रामीण आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान सैफई निदेशक डा. (ब्रिगेडियर) टी प्रभाकर ने कही। वह रिम्स के पैथोलाजी, ब्लड बैंक विभाग तथा राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (नाको) के सहयोग से डाक्टर्स डे पर स्वैच्छिक रक्तदान शिविर को संबोधित कर रहे थे। इससे पूर्व उन्होंने इसका उद्घाटन भी किया।
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शिविर में 17 चिकित्सकों ने स्वैच्छिक रक्तदान किया तथा 22 ने रजिस्ट्रेशन कराया। स्वैच्छिक रक्तदान करने वालों में डा. सुनील कुमार, डा. प्रशांत कुमार वर्मा, डा. राबिन गुप्ता, काउंसलर ब्लड बैंक आदि शामिल रहे।
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संस्थान के चिकित्सा अधीक्षक डा. (ब्रिगेडियर) एस के गुप्ता ने बताया कि स्वैच्छिक रक्तदान के लिए कोई भी स्वस्थ व्यक्ति संस्थान के ब्लड बैंक में कभी भी संपर्क कर स्वैच्छिक रक्तदान कर सकता है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में तकनीकी विकास के कारण एक व्यक्ति के दिए गए रक्त से दो-तीन मरीजों का जीवन बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्वैच्छिक रूप से रक्तदान के लिए आज सभी स्वस्थ व्यक्ति को आगे आने की जरूरत है।
ब्लड बैंक प्रभारी डा. श्वेता चौधरी कहा कि नियमित रूप से रक्तदान करने से शरीर में रक्त बनने की प्रक्रिया तेज होती है। नियमित रक्तदान करने वाला व्यक्ति सामान्य या गंभीर चोट लगने की दशा में अन्य की तुलना में जल्दी स्वस्थ हो जाता है क्योंकि उसके शरीर में सामान्य व्यक्ति की तुलना में रक्त बनने की प्रकिया ज्यादा सक्रिय होती है।
मुफ्त चिकित्सकीय परामर्श दिए डाक्टरों ने
इटावा। पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री डा. बीसी राय की जयंती पर मनाए जाने वाले डाक्टर्स डे पर अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से दीप किरन अस्पताल में ईएनटी डा. संजय कुमार औरर डा. किरन ने 145 मरीज देखे। इन दोनों डाक्टरों ने 28 जून को भी नि:शुल्क मरीज देखे थे।
इनके अलावा शहर में बैजल कालोनी स्थित दांतों के अस्पताल में डा. सिद्धार्थ ने 15 मरीजों की फ्री में दांतों की जांच की। नौरंगाबाद स्थित शिवनाथ अस्पताल में फिजीशियन डा. सुरेंद्र मल्होत्रा ने 15 मरीज देखे।
आईएमए की तरफ से सुबह 10 से 11 बजे तक डाक्टरों ने मरीजों को नि:शुल्क परामर्श दिए। 556 मरीजों को को विभिन्न डाक्टरों ने देखा। डा. शीला पाल, डा. किरण सक्सेना, आशीर्वाद पैथोलाजी, गुरुकृपा पैथोलाजी सेंटर ने सहयोग किया।