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Etawah News: बसों के शीशे और फॉग लाइटें नहीं हुईं सही
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इटावा। आरामदायक और सुविधाजनक सफर कराने का दावा करने वाले परिवहन निगम के चालक घने कोहरे और कड़ाके की ठंड में टूटे शीशा और बिना फाॅग लाइट के बसें दौड़ाते रहे। सर्दी का मौसम अब ढलान पर है लेकिन अभी तक न तो बसों में टूटे शीशे बदले गए और न ही फॉग लाइटें ही लगीं।
इटावा डिपो में परिवहन निगम की 73 की बसें हैं। इटावा से दिल्ली,आगरा, कानपुर के अलावा फर्रुखाबाद के लिए ही सबसे ज्यादा सवारियां मिलतीं हैं। करीब एक महीने से कोहरे और धुंध के दौरान शीतलहर की वजह से हाड़कंपाऊ सर्दी पड़ रही है। परिवहन निगम का दावा था कि ठंड से पहले ही सभी बसों में फॉग लाइट और शीशे आदि सही करा दिए जाएंगे, लेकिन ठंड के दो माह बीतने के बावजूद बिना फॉगलाइट के ही बसें दौड़ती रहीं। टूटे शीशे भी नहीं बदले गए, इससे यात्रियों को ठंड के बीच सफर करना पड़ा।
बसों में सर्दी और कोहरे की वजह से शीशे अथवा फाॅग लाइटें लगवा दिए गए थे। यात्रियों की सुविधा का ध्यान रखते हुए घना कोहरा होने पर चालकों को ढाबों पर अथवा टोल पर बसें रोकने के निर्देश हैं। यदि फिर भी किसी बस में शीशा या फाॅग लाइट नहीं है, इस कमी को जल्द दूर कराया जाएगा।
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- डीएम सक्सेना, एआरएम, परिवहन निगम।
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इटावा डिपो में परिवहन निगम की 73 की बसें हैं। इटावा से दिल्ली,आगरा, कानपुर के अलावा फर्रुखाबाद के लिए ही सबसे ज्यादा सवारियां मिलतीं हैं। करीब एक महीने से कोहरे और धुंध के दौरान शीतलहर की वजह से हाड़कंपाऊ सर्दी पड़ रही है। परिवहन निगम का दावा था कि ठंड से पहले ही सभी बसों में फॉग लाइट और शीशे आदि सही करा दिए जाएंगे, लेकिन ठंड के दो माह बीतने के बावजूद बिना फॉगलाइट के ही बसें दौड़ती रहीं। टूटे शीशे भी नहीं बदले गए, इससे यात्रियों को ठंड के बीच सफर करना पड़ा।
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बसों में सर्दी और कोहरे की वजह से शीशे अथवा फाॅग लाइटें लगवा दिए गए थे। यात्रियों की सुविधा का ध्यान रखते हुए घना कोहरा होने पर चालकों को ढाबों पर अथवा टोल पर बसें रोकने के निर्देश हैं। यदि फिर भी किसी बस में शीशा या फाॅग लाइट नहीं है, इस कमी को जल्द दूर कराया जाएगा।
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- डीएम सक्सेना, एआरएम, परिवहन निगम।