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राज निर्वाण बटी को उत्तराखंड सरकार से मिली मान्यता
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इटावा। कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए एलोवैदिक औषधि राज निर्वाण बटी को उत्तराखंड सरकार ने मान्यता प्रदान की है। यह जानकारी मंगलवार को सैफई स्थित उप्र आयुर्विज्ञान चिकित्सा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राजकुमार ने दी। उन्होंने दावा किया कि यह विश्व की पहली एलोवैदिक औषधि है।
कुलपति ने बताया कि सैफई के कोविड-19 अस्पताल में भर्ती साधारण, मध्यम एवं गंभीर लक्षणों वाले कोरोना संक्रमित मरीजों पर विश्व की प्रथम एलोवैदिक औषधि राज निर्वाण बटी (आरएनबी) का रेंडमाइज्ड कंट्रोल्ड ट्रायल (आरसीटी) का प्रयोग सफल रहा है। इस औषधि को उत्तराखंड सरकार ने गत 28 अगस्त को औषधि निर्माण का लाइसेंस प्रदान किया है। यह लाइसेंस आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवाएं देहरादून, उत्तराखंड के औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम 1940 के नियम 154 ए के तहत दिया गया है। इसकी लाइसेंस संख्या यूकेएवाईएल- 447/2020 है।
डॉ. राजकुमार ने बताया कि इस एलोवैदिक औषधि का उपयोग श्वांसकाश ,रोग प्रतिरोधक, धातूपोषक व ज्वारनाशक के रूप में करने की अनुमति मिली है। उन्होंने बताया कि राज निर्वाण बटी (आरएनबी) से संबंधित पूरी जानकारी विश्वविद्यालय के अधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी।
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कुलपति ने बताया कि सैफई के कोविड-19 अस्पताल में भर्ती साधारण, मध्यम एवं गंभीर लक्षणों वाले कोरोना संक्रमित मरीजों पर विश्व की प्रथम एलोवैदिक औषधि राज निर्वाण बटी (आरएनबी) का रेंडमाइज्ड कंट्रोल्ड ट्रायल (आरसीटी) का प्रयोग सफल रहा है। इस औषधि को उत्तराखंड सरकार ने गत 28 अगस्त को औषधि निर्माण का लाइसेंस प्रदान किया है। यह लाइसेंस आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवाएं देहरादून, उत्तराखंड के औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम 1940 के नियम 154 ए के तहत दिया गया है। इसकी लाइसेंस संख्या यूकेएवाईएल- 447/2020 है।
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डॉ. राजकुमार ने बताया कि इस एलोवैदिक औषधि का उपयोग श्वांसकाश ,रोग प्रतिरोधक, धातूपोषक व ज्वारनाशक के रूप में करने की अनुमति मिली है। उन्होंने बताया कि राज निर्वाण बटी (आरएनबी) से संबंधित पूरी जानकारी विश्वविद्यालय के अधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी।
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