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रात में बिगड़ी प्रसूता की हालत, एम्बूलेंस दे गई धोखा
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फोटो संख्या 25 उदी सीएचसी पर शोपीस बनी खड़ी एम्बुलेंस
- फोटो : ETAWHA
स्थानीय सीएचसी में तीन एंबुलेंस होने के बाद भी जिला अस्पताल रेफर की गई प्रसूता कोे एंबुलेंस के लिए इंतजार करना पड़ा। बाद में जिला अस्पताल से एंबुलेंस मंगाकर प्रसूता को भेजा गया। एंबुलेंस के चालकों का तर्क है कि डीजल नहीं होने से ऐेसे हालात बने।
गर्भवती महिलाओं को एक फोन पर घर से सरकारी अस्पताल तक पहुंचाने वाली एंबुलेंस कसौटी पर कितनी खरी उतर रही हैं। इसका उदाहरण सोमवार की रात को देखने को मिला।
दरअसल, ग्राम असबा निवासी मंजीत पत्नी प्रीति को डिलीवरी कराने सोमवार को उदी सीएचसी लाया था।
बच्चा होने के बाद प्रीती की हालत बिगड़ गई। इस पर डॉ. सुनील कुमार ने महिला को तत्काल जिला अस्पताल रेफर कर दिया और एंबुलेंस से तत्काल ले जाने को कहा।
अस्पताल में तीन एंबुलेंस है, लेकिन गाड़ियों के चालकों ने कहा कि डीजल नहीं है। इस पर डॉ. सुनील कुमार यादव ने एंबुलेंस के इंचार्ज विशाल से जिला चिकित्सालय से एंबुलेंस मंगवाने को कहा। बाद में जिला अस्पताल से आई एंबुलेंस से महिला का अस्पताल भेजा जा सका।
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मंजीत ने बताया कि डॉ.सुनील यादव की वजह से पत्नी की जान बच सकी है और उसे नई जिंदगी मिली है। ग्रामीणों का कहना है कि एंबुलेंस कभी भी हमारे काम नहीं आई यह केवल देखने के लिए ही रखी गई है।
सीएमओ एनएस तोमर का कहना है कि अभी इसकी जानकारी नहीं है। एमओआईसी से बात कर जानकारी का पता लगाते हैं।
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गर्भवती महिलाओं को एक फोन पर घर से सरकारी अस्पताल तक पहुंचाने वाली एंबुलेंस कसौटी पर कितनी खरी उतर रही हैं। इसका उदाहरण सोमवार की रात को देखने को मिला।
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दरअसल, ग्राम असबा निवासी मंजीत पत्नी प्रीति को डिलीवरी कराने सोमवार को उदी सीएचसी लाया था।
बच्चा होने के बाद प्रीती की हालत बिगड़ गई। इस पर डॉ. सुनील कुमार ने महिला को तत्काल जिला अस्पताल रेफर कर दिया और एंबुलेंस से तत्काल ले जाने को कहा।
अस्पताल में तीन एंबुलेंस है, लेकिन गाड़ियों के चालकों ने कहा कि डीजल नहीं है। इस पर डॉ. सुनील कुमार यादव ने एंबुलेंस के इंचार्ज विशाल से जिला चिकित्सालय से एंबुलेंस मंगवाने को कहा। बाद में जिला अस्पताल से आई एंबुलेंस से महिला का अस्पताल भेजा जा सका।
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मंजीत ने बताया कि डॉ.सुनील यादव की वजह से पत्नी की जान बच सकी है और उसे नई जिंदगी मिली है। ग्रामीणों का कहना है कि एंबुलेंस कभी भी हमारे काम नहीं आई यह केवल देखने के लिए ही रखी गई है।
सीएमओ एनएस तोमर का कहना है कि अभी इसकी जानकारी नहीं है। एमओआईसी से बात कर जानकारी का पता लगाते हैं।