{"_id":"58275c644f1c1b7304b39374","slug":"marie-dumper-hit-the-school-bus-the-child-survived","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्कूली बस में डंपर ने मारी टक्कर, बाल-बाल बचे बच्चे ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्कूली बस में डंपर ने मारी टक्कर, बाल-बाल बचे बच्चे
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
Updated Sat, 12 Nov 2016 11:46 PM IST
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भरथना मार्ग पर टक्कर के बाद खडे़ दोनों वाहन
- फोटो : अमर उजाला
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ऊसराहार से भरथना जा रही स्कूली बच्चों से भरी बस में सामने से आ रहे डंपर के टक्कर मार दी। जिससे बस क्षतिग्रस्त हो गई। गनीमत यह रही कि दुर्घटना में छात्रों को गंभीर चोट नहीं आई। हादसे के बाद गुस्साए अभिभावकों ने घटनास्थल पर जमकर हंगामा किया।
भरथना के जायत्री एकेडमी में पढ़ने वाले नौनिहाल स्कूल की बस से जा रहे थे। बहादुरपुर गांव के पास जब बस पहुंची तो भरथना की तरफ से आ रहे डंपर ने उसमें टक्कर मार दी। जिससे बस में सवार अंतिमा, निकेता, परी, कृष्ण मुरारी आदि बच्चे जख्मी हो गए। हालांकि बच्चों को ज्यादा चोट नहीं आई, मगर इस घटना से वह सहम गए। मदद के लिए चीख पुकार के बाद वह रोने लगे।
जैसे ही स्कूली बच्चों की बस दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर अभिभावकों तक पहुंची सभी परेशान होकर अपने बच्चों का हाल जानने घटनास्थल के लिए निकल पड़े। कई बार सूचना के बाद भी थाना ऊसराहार की पुलिस नहीं पहुंची तो अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने अपर पुलिस अधीक्षक रामकिशन को सूचना दी। तब जाकर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। डंपर के चालक को लोगों ने पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया।
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डंपर के चालक को ग्रामीणों ने पकड़ लिया तो मौके पर पहुंचे ग्राम प्रधान राजीव गुप्ता ने साथियों सहित उसे ग्रामीणों से बचाया। घटना से सहमे बच्चों को अपनी कार से घर भिजवाया।
डायल 100 योजना का मतलब पुलिस सूचना पर तुरंत मौके पर पहुंच सके। मगर दुर्घटना के बाद एक सप्ताह में यह दूसरा मौका था। जब थाना ऊसराहार पुलिस घटनास्थल पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सूचित करने के बाद पहुंची। इससे पहले थाना से सौ मीटर की दूरी पर दुर्घटना में हुई एक व्यक्ति की मौत के मामले में आधे घंटे तक पुलिस नहीं पहुंची थी। इसकी सूचना वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शिवहरि मीना से की। इसी तरह स्कूली बच्चों की बस के दुर्घटनाग्रस्त होने पर भी पुलिस काफी देर तक नहीं पहुंची तो अभिभावकों ने इसकी सूचना अपर पुलिस अधीक्षक रामकिशन से की।
अपने नौनिहालों को सुरक्षित देख अभिभावकों की आंखों में आंसू आ गए। मौके पर ही लोग ईश्वर को धन्यवाद देते देखे गए, वहीं रोते हुए बच्चे भी अपने अपने अभिभावकों के सीने से लग गए।
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भरथना के जायत्री एकेडमी में पढ़ने वाले नौनिहाल स्कूल की बस से जा रहे थे। बहादुरपुर गांव के पास जब बस पहुंची तो भरथना की तरफ से आ रहे डंपर ने उसमें टक्कर मार दी। जिससे बस में सवार अंतिमा, निकेता, परी, कृष्ण मुरारी आदि बच्चे जख्मी हो गए। हालांकि बच्चों को ज्यादा चोट नहीं आई, मगर इस घटना से वह सहम गए। मदद के लिए चीख पुकार के बाद वह रोने लगे।
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जैसे ही स्कूली बच्चों की बस दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर अभिभावकों तक पहुंची सभी परेशान होकर अपने बच्चों का हाल जानने घटनास्थल के लिए निकल पड़े। कई बार सूचना के बाद भी थाना ऊसराहार की पुलिस नहीं पहुंची तो अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने अपर पुलिस अधीक्षक रामकिशन को सूचना दी। तब जाकर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। डंपर के चालक को लोगों ने पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया।
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डंपर के चालक को ग्रामीणों ने पकड़ लिया तो मौके पर पहुंचे ग्राम प्रधान राजीव गुप्ता ने साथियों सहित उसे ग्रामीणों से बचाया। घटना से सहमे बच्चों को अपनी कार से घर भिजवाया।
डायल 100 योजना का मतलब पुलिस सूचना पर तुरंत मौके पर पहुंच सके। मगर दुर्घटना के बाद एक सप्ताह में यह दूसरा मौका था। जब थाना ऊसराहार पुलिस घटनास्थल पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सूचित करने के बाद पहुंची। इससे पहले थाना से सौ मीटर की दूरी पर दुर्घटना में हुई एक व्यक्ति की मौत के मामले में आधे घंटे तक पुलिस नहीं पहुंची थी। इसकी सूचना वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शिवहरि मीना से की। इसी तरह स्कूली बच्चों की बस के दुर्घटनाग्रस्त होने पर भी पुलिस काफी देर तक नहीं पहुंची तो अभिभावकों ने इसकी सूचना अपर पुलिस अधीक्षक रामकिशन से की।
अपने नौनिहालों को सुरक्षित देख अभिभावकों की आंखों में आंसू आ गए। मौके पर ही लोग ईश्वर को धन्यवाद देते देखे गए, वहीं रोते हुए बच्चे भी अपने अपने अभिभावकों के सीने से लग गए।