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परदेश से आए मजदूर काम मांगे, बनेगा जाबकार्ड
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इटावा। दूसरे प्रांतों और शहरों से आए मजदूर काम मांगे तो जॉबकार्ड बनाकर उन्हें गांवों में ही मनरेगा रोजगार दिलाया जाएगा। 260 गांवों में मनरेगा के काम शुरू भी हो गए हैं।
बाहर से आए जिन मजदूरों के परिवार के नाम जॉबकार्ड बना है, उसमें मजदूर का नाम जुड़वाया भी जा रहा है। मनरेगा से पहले रास्तों और जलस्रोतों को गहरा करने का काम किया जा रहा है।
सीडीओ राजागणपति आर ने बताया कि जिले में डेढ़ लाख से अधिक मनरेगा के जॉबकार्ड बने हैं। इसमें लगभग 60 हजार ही सक्रिय मजदूर हैं। इन सक्रिय मजदूरों को पिछले महीने मुफ्त राशन भी दिया गया था। 10 हजार से अधिक मजदूर दूसरे प्रदेशों और प्रदेश के दूसरे शहरों से जनपद में लौटे हैं। इन मजदूरों को उनके गांवों में ही रोजगार मुहैया कराया जाएगा। फिलहाल मनरेगा से काम दिया जाने लगा है। सीडीओ ने बताया कि जिले में 471 ग्राम पंचायतें हैं। 260 ग्राम पंचायतों में मनरेगा से 21 अप्रैल से काम शुरू करा दिए गए हैं। अलग-अलग जगह पर 591 काम कराए जा रहे हैं। इन कार्र्यों में फिलहाल 4391 मजदूर काम कर रहे हैं। सीडीओ ने कहा कि अभी फसल की कटाई और मड़ाई का काम भी चल रहा है। इससे ज्यादातर मजदूर उस काम में लगे हैं। एक सप्ताह में कटाई मड़ाई का काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद मनरेगा के कामों में और तेजी आएगी। सीडीओ ने बताया कि प्रत्येक ग्राम पंचायत को मनरेगा के काम शुरू करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। एक ग्राम पंचायत एक से अधिक काम भी एक साथ करा सकती है। ज्यादा से ज्यादा मजदूरों को काम मिले और विकास कार्य तेज हों इस दिशा में काम किया जा रहा है। सीडीओ ने बताया कि जो मजदूर बाहर से आए हैं अगर उनके परिवार के नाम जॉबकार्ड बना है तो उनके नाम उस कार्ड में जोड़े जाएंगे। बहुत से ऐसे मजदूरों के नाम उनके परिवार के जॉबकार्ड में जोड़े जा चुके हैं।
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बाहर से आए जिन मजदूरों के परिवार के नाम जॉबकार्ड बना है, उसमें मजदूर का नाम जुड़वाया भी जा रहा है। मनरेगा से पहले रास्तों और जलस्रोतों को गहरा करने का काम किया जा रहा है।
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सीडीओ राजागणपति आर ने बताया कि जिले में डेढ़ लाख से अधिक मनरेगा के जॉबकार्ड बने हैं। इसमें लगभग 60 हजार ही सक्रिय मजदूर हैं। इन सक्रिय मजदूरों को पिछले महीने मुफ्त राशन भी दिया गया था। 10 हजार से अधिक मजदूर दूसरे प्रदेशों और प्रदेश के दूसरे शहरों से जनपद में लौटे हैं। इन मजदूरों को उनके गांवों में ही रोजगार मुहैया कराया जाएगा। फिलहाल मनरेगा से काम दिया जाने लगा है। सीडीओ ने बताया कि जिले में 471 ग्राम पंचायतें हैं। 260 ग्राम पंचायतों में मनरेगा से 21 अप्रैल से काम शुरू करा दिए गए हैं। अलग-अलग जगह पर 591 काम कराए जा रहे हैं। इन कार्र्यों में फिलहाल 4391 मजदूर काम कर रहे हैं। सीडीओ ने कहा कि अभी फसल की कटाई और मड़ाई का काम भी चल रहा है। इससे ज्यादातर मजदूर उस काम में लगे हैं। एक सप्ताह में कटाई मड़ाई का काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद मनरेगा के कामों में और तेजी आएगी। सीडीओ ने बताया कि प्रत्येक ग्राम पंचायत को मनरेगा के काम शुरू करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। एक ग्राम पंचायत एक से अधिक काम भी एक साथ करा सकती है। ज्यादा से ज्यादा मजदूरों को काम मिले और विकास कार्य तेज हों इस दिशा में काम किया जा रहा है। सीडीओ ने बताया कि जो मजदूर बाहर से आए हैं अगर उनके परिवार के नाम जॉबकार्ड बना है तो उनके नाम उस कार्ड में जोड़े जाएंगे। बहुत से ऐसे मजदूरों के नाम उनके परिवार के जॉबकार्ड में जोड़े जा चुके हैं।
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