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ममता झूठी पड़ गई नाटक का मंचक देख रो पड़े दर्शक
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फोटो संख्या 13- नाटक का मंचन प्रस्तुत करते कलाकार
- फोटो : ETAWAH
जसवंतनगर (इटावा)। श्री इंद्र ध्वज महामंडल विधान में गुुरुवार को मां की ममता झूठी पड़ गई नाटक का मंचन किया गया। मंच पर जीवंत प्रस्तुति देखकर नाटक देख रहे लोग एक दूसरे से लिपटकर रोने लगे। वंशिका जैन, भूमि जैन, आराध्य जैन, महक जैन, वंश जैन, लब्धि जैन एवं सौम्या जैन ने अभिनय से आज के समाज की सच्चाई को बयां किया।
नाटक में दिखाया गया कि किस तरह आजकल लोग स्वार्थी होकर जमीन जायदाद के लिए मां को अपनाते हैं। रुपया-पैसा, सोना आदि लेकर मां को घर से निकाल देते हैं। इससे पहले कोटा से पधारे विधानाचार्य पं संजय ने अलौकिक संगीतमय कथा प्रस्तुत की।
उन्होंने बताया कि सियार जैसे पशु ने दिगंबर मुनिराज के कहने पर मांस भक्षण एवं रात्रि भोजन त्याग कर जैन धर्म एवं अपने आत्म स्वरूप की साधना की। इससे हमें किसी भी विपत्ति में धर्म का साथ नहीं छोड़ने की सीख लेनी चाहिए। धर्म एवं साधर्मी के प्रति समर्पण एवं वात्सल्य रखना चाहिए। अनुपम जैन, राजेश जैन, संजय जैन, विमल जैन, मनोज जैन, सत्येंद्र जैन, मणिकांत जैन ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग किया।
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नाटक में दिखाया गया कि किस तरह आजकल लोग स्वार्थी होकर जमीन जायदाद के लिए मां को अपनाते हैं। रुपया-पैसा, सोना आदि लेकर मां को घर से निकाल देते हैं। इससे पहले कोटा से पधारे विधानाचार्य पं संजय ने अलौकिक संगीतमय कथा प्रस्तुत की।
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उन्होंने बताया कि सियार जैसे पशु ने दिगंबर मुनिराज के कहने पर मांस भक्षण एवं रात्रि भोजन त्याग कर जैन धर्म एवं अपने आत्म स्वरूप की साधना की। इससे हमें किसी भी विपत्ति में धर्म का साथ नहीं छोड़ने की सीख लेनी चाहिए। धर्म एवं साधर्मी के प्रति समर्पण एवं वात्सल्य रखना चाहिए। अनुपम जैन, राजेश जैन, संजय जैन, विमल जैन, मनोज जैन, सत्येंद्र जैन, मणिकांत जैन ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग किया।
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