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Etawah News: स्नान ध्यान, दान और पुण्य का पर्व है मकर संक्राति

Sat, 14 Jan 2023 06:30 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 14 Jan 2023 06:30 AM IST
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makar sankranti will be celibrated tomorrow
इटावा। स्नान, ध्यान और दान पुण्य का पर्व मकर संक्रांति 15 जनवरी को मनाया जाएगा। लोग गंगा स्नान कर ध्यान लगाने के बाद दान करेंगे। बाजार में तिल, लड्डू और गजक की दुकानें सज गईं हैं।
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चौगुर्जी स्थिति प्राचीन शिव मंदिर के महंत आचार्य भुवनेश मिश्र ने बताया कि मकर संक्रांति का पर्व 15 को मनाया जाएगा। 14 जनवरी की रात 8:43 बजे सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे। हिंदू मान्यताओं के अनुसार उदया तिथि का विशेष महत्व होने की वजह से पर्व रविवार को मनाया जाएगा।
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पर्व की लोगों ने तैयारी शुरू कर दी है। काले तिल, सफेद तिली व खोया तिली के लड्डू तीन-तीन सौ रुपये किलो हैं। मूंग की दाल व बेसन का लड्डू 250 रुपये, रामदाना का लड्डू 200 रुपये किलो, गजक 200 रुपये किलो, मूंगफली की गुड़ से बनी पट्टी 160 रुपये किलो बिक रही है। शुक्रवार को लोगों ने इनकी खरीद की।
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यमुना घाट प्रदूषित
मकर संक्राति के पर्व पर श्रद्धालु गंगा स्नान करते हैं। भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना करने के बाद दान पुण्य करते हैं। दान में कच्ची अथवा पकी खिचड़ी व कंबल बांटा जाता है। यमुना जी के घाटों के सामने प्रदूषित पानी भरा है व घाटों के आसपास गंदगी व्याप्त है। ऐसी स्थिति में लोगों को करीब एक किलोमीटर दूर जाकर स्नान करना होगा। खटखटा बाबा आश्रम के पुजारी ठाकुर बाबा ने बताया कि जो लोग गंगासागर, प्रयाग नहीं जा पाते वह नदियों में स्नान करते हैं।
लकड़ी का पुल बनवाने का दिया निर्देश
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी विनय मणि त्रिपाठी ने बताया कि कर्मियों को लकड़ी का पुल बनवाने के निर्देश दिए हैं। ताकि श्रद्धालुओं को आवागमन में दिक्कतें न हो।
लोहड़ी पर किया भांगड़ा
इटावा। श्री गुरु तेग बहादुर साहिब गुरुद्वारे में शुक्रवार को लोहड़ी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर संगत ने लोहड़ी जलाई और कच्ची लस्सी, तिल, गुड़, मूंगफली डालकर लोहड़ी की परिक्रमा की।

गुरुद्वारा कमेटी के अध्यक्ष तरन पाल सिंह कालड़ा ने कहा कि लोहड़ी का पर्व परिवार में आने वाले नए मेहमान बहू, बच्चा या फिर हर साल होने वाली फसल के स्वागत के लिए मनाया जाता है। गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब में लोहड़ी जलाने के बाद सभी को रेवड़ी, गजक ,मूंगफली आदि बांटकर संगत ने एक दूसरे को लोहड़ी की बधाइयां दीं। भांगड़ा किया गया। (संवाद)
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