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लूट का खुलासा न होने पर आंदोलन होगा
loot did not disclose Movement
Updated Fri, 04 Dec 2015 11:25 PM IST
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अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुमंत गुप्ता ने कहा कि बढ़ते अपराधों के कारण आम आदमी परेशान है। बढ़ते अपराध व आरक्षण पर चर्चा के लिए 17 जनवरी को फतेहपुर में परिषद का प्रांतीय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हाल ही में इटावा में दिन दहाडे़ सुधीर माहेश्वरी का रुपयों से भरा थैला लूट लिया गया। इस संबंध में गुरुवार को परिषद का एक प्रतिनिधि मंडल एसएसपी से मिला और लुटेरों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की । दो सप्ताह में लुटेरों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा नहीं हुआ तो परिषद आंदोलन करेगी।
वह आज यहां पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। डॉ. सुमंत गुप्ता ने कहा कि सामाजिक आर्थिक व शैक्षिक व सामाजिक न्याय की दृष्टि से वैश्य समाज के अधिकांश उपवर्गों की बड़ी आबादी पिछड़ी पंक्ति का जीवन यापन करने को मजबूर हैं। इस कारण वह पिछड़े व अति पिछडे़ वर्ग में आते हैं।
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समाज का अधिकांश तबका ग्रामीण क्षेत्रों कस्बों व शहरों में निवास करते हैं। वह मझोले स्तर का व्यवसाय कर अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। परिवार की आर्थिक परिस्थितियां प्रतिकूल होने के कारण अधिकांश छात्र पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं। परंपरागत व्यवसाय करना उनकी मजबूरी है।
सम्मेलन में प्रदेश सरकार को वैश्य समाज को पिछड़े वर्ग में शामिल कर आरक्षण देने, व्यापारियों के लिए व्यापारी सुरक्षा आयोग बनाने, व्यापारी सुरक्षा सेल गठित करने आदि मांगों को लेकर मांगपत्र दिया जाएगा। इसके अलावा पांच सूत्री मांग को लेकर केंद्र सरकार को भी ज्ञापन दिया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि हाल ही में इटावा में दिन दहाडे़ सुधीर माहेश्वरी का रुपयों से भरा थैला लूट लिया गया। इस संबंध में गुरुवार को परिषद का एक प्रतिनिधि मंडल एसएसपी से मिला और लुटेरों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की । दो सप्ताह में लुटेरों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा नहीं हुआ तो परिषद आंदोलन करेगी।
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वह आज यहां पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। डॉ. सुमंत गुप्ता ने कहा कि सामाजिक आर्थिक व शैक्षिक व सामाजिक न्याय की दृष्टि से वैश्य समाज के अधिकांश उपवर्गों की बड़ी आबादी पिछड़ी पंक्ति का जीवन यापन करने को मजबूर हैं। इस कारण वह पिछड़े व अति पिछडे़ वर्ग में आते हैं।
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समाज का अधिकांश तबका ग्रामीण क्षेत्रों कस्बों व शहरों में निवास करते हैं। वह मझोले स्तर का व्यवसाय कर अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। परिवार की आर्थिक परिस्थितियां प्रतिकूल होने के कारण अधिकांश छात्र पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं। परंपरागत व्यवसाय करना उनकी मजबूरी है।
सम्मेलन में प्रदेश सरकार को वैश्य समाज को पिछड़े वर्ग में शामिल कर आरक्षण देने, व्यापारियों के लिए व्यापारी सुरक्षा आयोग बनाने, व्यापारी सुरक्षा सेल गठित करने आदि मांगों को लेकर मांगपत्र दिया जाएगा। इसके अलावा पांच सूत्री मांग को लेकर केंद्र सरकार को भी ज्ञापन दिया जाएगा।