{"_id":"83546c6e06925d852bdc9e3a9ba9bece","slug":"lion-safari-will-be-a-world-class-cm-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विश्व स्तरीय बनेगा लॉयन सफारी:सीएम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विश्व स्तरीय बनेगा लॉयन सफारी:सीएम
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
Updated Fri, 26 Jun 2015 11:17 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सैफई (इटावा)। मुख्यमंत्री अखिलेश सिंह यादव ने कहा कि लॉयन सफारी को विश्व स्तरीय बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं विश्व के बड़े विशेषज्ञों से इसके लिए राय ली जा रही है। उन्होंने लॉयन सफारी में अब तक के कामकाज पर भी संतोष जताया।
विज्ञापन
कहा कि सेंट्रल जू अथारिटी (सीजेडए) से परमीशन मिलते ही लॉयन सफारी में और जानवर बढ़ाए जाएंगे। मुख्यमंत्री सैफई में अपने चचेरे भाई अंशुल यादव की बेटी के कार्यक्रम में भाग लेने आए थे। सैफई से हवाई पट्टी जाते समय उन्होंने पत्रकारों से बातचीत की।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री सैफई पर हवाई जहाज से उतरने के बाद सीधे सपा मुखिया मुलायम सिंह के ड्रीएम प्रोजेक्ट लॉयन सफारी पहुंचे। उनके साथ दिल्ली से आए दो विशेषज्ञ भी थे। लॉयन सफारी में पौन घंटे तक निर्माण कार्यों का जायजा लेकर वह फिर सीधे सैफई चले गए। वहां पर उन्होंने कोठी में अंशुल की बेटी के कार्यक्रम में भाग लिया।
विज्ञापन
इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि लॉयन सफारी विश्व स्तरीय बनाई जा रही है। विशेषज्ञों ने जो राय दी है, उसी के अनुसार काम हो रहा है। लॉयन सफारी में शेरनी के गर्भवती होने पर उन्होंने खुशी भी जताई। सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार विकास पर ध्यान दे रही है। एक्सप्रेस वे पर तेजी से काम चल रहा है।
इसके बनने से दिल्ली से लखनऊ जाने वालों के लिए बहुत आसानी होगी। मुख्यमंत्री को सैकड़ों लोगों ने ज्ञापन भी दिया। इस पर उन्होंने कहा कि शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान सियासी सवालों का जवाब नहीं दिया। भाजपा की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और मंत्रियों पर गबन के आरोप लगने के सवालों पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
सीएम आए, लॉयन सफारी देखा और चले गए
इटावा। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का नगर दौरा महज लॉयन सफारी में सिमट गया। सैफई हवाई पट्टी से वह सीधे लॉयन सफारी पहुंचे। यहां करीब आधा घंटे रुके और वापस सैफई के लिए रवाना हो गए।
मुख्यमंत्री न तो किसी लोहिया ग्राम को देखने पहुंचे और न ही किसी तहसील का निरीक्षण किया। सीएम का दौरा सीमित होने से अधिकारियों ने जरूर राहत की सांस ली जबकि फरियादियों को मायूसी हाथ लगी।
मुख्यमंत्री श्री यादव के इस प्रस्तावित दौरे को लेकर शहरवासियों में काफी उत्सुकता बनी हुई थी। हालांकि इस दौरे को लेकर सिर्फ तारीख का एलान किया गया था।
सीएम कहां-कहां जाएंगे, इसका ऐन वक्त तक कोई खुलासा नहीं हुआ था लेकिन यह माना जा रहा था कि मुख्यमंत्री किसी लोहिया ग्राम, कामधेनु डेरी और लॉयन सफारी आदि अहम योजनाओं की जमीनी हकीकत परख सकते हैं।
प्रशासन भी इसी दिशा में प्रयासरत रहा था। शुक्रवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव दोपहर करीब 12 बजे सैफई हवाई पट्टी पर उतरे। वहां से उनका काफिला दोपहर 12:45 पर सीधे लॉयन सफारी पहुंचा।
यहां काफिले की सिर्फ चार-पांच गाड़ियां ही सफारी के अंदर प्रवेश कर सकी जिसमें सीएम के अलावा सुपरटेक के एमडी, डीएम, एसएसपी और ब्लैक कैट कमांडों की गाड़ियां शामिल रहीं। करीब आधा सैकड़ा वाहनों को सफारी गेट पर ही रोक दिया गया। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सफारी के अंदर तकरीबन आधा घंटे तक रहे। दोपहर 1:25 पर वह बाहर निकले और सीधे सैफई चले गए।
पिकनिक स्पॉट से किया मुआयना
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लॉयन सफारी के निर्माण कार्यों का स्थलीय जायजा लिया। वह ब्रीडिंग सेंटर तो नहीं गए, पिकनिक स्पॉट और वॉच टॉवर पर जाकर सफारी क्षेत्र की प्र्रगति देखी। सफारी सूत्रों के मुताबिक सीएम खुद अपनी आंखों से निर्माण कार्य को देखना चाहते थे। इसलिए वह यहां आए।
सफारी की अंदरुनी सड़क से गुजरते समय उन्होंने इसका जायजा लिया। उनके साथ में सुपरटेक के एमडी से मुख्यमंत्री ने सफारी में होने वाले अन्य बेहतर डेवलपमेंट पर बात की। उन्होंने यहां अन्य जानवरों के लिए बनने वाली सफारियों के बारे मालूमात की। इन्हें किस एरिया में प्लान किया जा रहा है। सफारी डायरेक्टर केके सिंह से जानकारी की।
‘स्टांप बेचने की सीमा असीमित की जाए’
इटावा। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को सैफई और नगर इटावा में कुछ संगठनों ने ज्ञापन सौंपे। इनमें जिला स्टांप विक्रेता एसोसिएशन ने सैफई आवास पर सौंपे ज्ञापन में मांग की कि स्टांप वेंडर की विक्रय सीमा को 15 हजार से बढ़ाकर असीमित कर देना चाहिए।
एसोसिएशन के सदर तहसील अध्यक्ष मिर्जा इफ्तिखार ने बताया कि मुख्यमंत्री से कहा गया कि वर्तमान में जमीनों की कीमतें अधिक होने से रजिस्ट्री कराने में अधिक मूल्य के स्टांप लग रहे हैं जबकि स्टांप वेंडर को सिर्फ 15 हजार रुपये तक के स्टांप बेचने की अनुमति है। ऐसे में यह प्रतिबंध को हटा कर असीमित कर दिया जाए।
सीएम से यह भी मांग की गई कि स्टांप की बिक्री पर मिलने वाले एक प्रतिशत कमीशन को बढ़ाकर चार प्रतिशत किया जाए क्योंकि महंगाई को देखते हुए स्टांप विक्रेता को भरण पोषण करने में परेशानी हो रही है।
5 हजार रुपये मूल्य से अधिक के स्टांप भी विक्रेताओं को उपलब्ध कराए जाएं। इससे रजिस्ट्री कराने वाले को सहूलियत मिलेगी। कोषागार से मांग के आधार पर हर रोज स्टांप की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएं। मांग करने वालों में जिलाध्यक्ष गिरीश चंद्र शुक्ला आदि स्टांप विक्रेता शामिल रहे।
विद्युत संविदा श्रमिकों ने भी सीएम अखिलेश यादव से मांग की कि बाहरी एजेंसियों व अधिकारियों के शोषण को रोका जाए। विद्युत मजदूर पंचायत के बैनर तले इन श्रमिकों ने लॉयन सफारी गेट पर मांग करते हुए कहा कि महंगाई के दौर में लाइनमैन को इस समय कुल 5300 रुपये और एसएसओ को 5500 रुपये दिए जा रहे हैं जबकि संविदा श्रमिकों को मानदेय 10 से 12 हजार रुपये प्रति माह होना चाहिए।
आरोप लगाया कि ठेकेदारों व अधिकारियों की मिलीभगत एवं कमीशनखोरी के चक्कर में नहीं मिल रहा। इससे उन्हें परिवार के भरण पोषण में दिक्कतें आ रहीं हैं। इसी तरह लाल साफा बांधकर आए गांव के चौकीदारों ने लॉयन सफारी गेट पर मुख्यमंत्री से गुहार लगाई कि उनके पारिश्रमिक को बढ़ाया जाए। चौकीदारों ने बताया कि उनका शोषण हो रहा है। लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही।