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- जिला अस्पताल में कई सालों से लिफ्ट है खराब
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इटावा। बीमार होने पर इलाज के लिए सबसे पहले लोग जिला अस्पताल पहुंचते हैं। अस्पताल में 13 साल पहले लगी लिफ्ट खराब पड़ी है। मरीजों व उनके साथ आने वाले तीमारदारों को मजबूरी में सीढ़ियों के रास्ते से ही आना-जाना पड़ता है। यदि मरीज या तीमारदार की सीढ़ियों से गिरकर मौत हो जाए तो उसके लिए किसे जिम्मेदार ठहराया जाएगा। इसका जवाब किसी के पास नहीं है। सोमवार को जिला अस्पताल में ऐसे ही एक बुजुर्ग की मौत हो गई। जसवंतनगर निवासी बुजुर्ग पत्नी की आंख के इलाज के लिए आया था। कई बार सीढ़ी चढ़ने उतरने के दौरान वह अचानक गिर गया। जिससे मौत हो गई। हालांकि अस्पताल प्रशासन वृद्ध की मौत हार्ट अटैक से होना बता रहा है।
बुजुर्ग की मौत के बाद लोग कह रहे हैं कि शायद यह लिफ्ट चालू होती तो उसकी जान न जाती। अस्पताल में 6 जनवरी 2009 को लिफ्ट लगी थी लेकिन पिछले 13 सालों में कब चली, ये किसी को याद नहीं। कई सालों से यहां आने वाले मरीजों व तीमारदारों को भूतल से प्रथम, द्वितीय तृतीय तल पर सीढ़ियों से आना-जाना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में रोजाना करीब एक हजार मरीज आते हैं। प्रथम तल से तीसरे तल तक जाने के लिए सीढ़ियों का ही इस्तेमाल करना पड़ता है। लिफ्ट के अभाव में दम तोड़ चुके तीमारदार की मौत के बाद भी जिला अस्पताल प्रशासन ने कोई सबक नहीं मिला। मंगलवार को भी यहां तीमारदार मरीजों को स्ट्रेचर या व्हील चेयर पर सीढ़ियों से ही लाते ले जाते दिखे।
प्रथम तल पर ऑपरेशन थिएटर के बाहर स्ट्रेचर पर बैठे शहर के नौरंगाबाद निवासी कैलाश ने बताया पैर में पुरानी चोट की वजह से एक पैर की हड्डी में इंफेक्शन हो गया है। डॉक्टर ने आज एक पैर काटने के लिए बुलाया है। बताया सीढ़ी से आने में काफी परेशानी उसे और परिजनों को हुई।
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भरथना क्षेत्र के ग्राम सरावा से आए कालीचरण ने बताया सांस की परेशानी है और खांसी में भी ब्लड आने पर जिला अस्पताल इलाज कराने आए हैं। बताया द्वितीय तल पर सीढ़ियों से चढ़कर आने में काफी परेशानी हुई। तीमारदार अखिलेश ने बताया भाई को सोमवार को जिला अस्पताल के तृतीय तल के वार्ड में भर्ती कराया था। लिफ्ट बंद होने पर पकड़कर सीढिय़ों से रुक-रुक कर लाना पड़ा। रेंप से खाली व्हील चेयर ला रहे ग्राम मक्कखनपुर जनपद फिरोजाबाद निवासी राधाकृष्ण ने बताया वह अपनी 90 वर्षीय मां समेत छह महिलाओं के आंख का ऑपरेशन कराने आए हैं। तीन लोगों को ऑपरेशन के बाद व्हील चेयर में बैठाकर वार्ड तक छोड़ चुके हैं, तीन और मरीजों को ले जाना है।
जिला अस्पताल आए कौमी तहफ्फुज कमेटी के संयोजक खादिम अब्बास ने कहा अस्पताल की सीढ़ियों पर चढ़ते समय किसी व्यक्ति की मौत हो जाना, सरकारी सिस्टम की लापरवाहियों को उजागर करता है। कहा क्या कारण है कि लिफ्ट होने के बावजूद उसे चालू नहीं किया जा रहा है। दोषियों को सजा जरुर मिलनी चाहिए।
सिस्टम में दोष की वजह से लिफ्ट नहीं चलती
जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व जिलाध्यक्ष उदयभान सिंह यादव जो अपने पिता को लेकर जिला अस्पताल आए थे। प्रथम तल पर मुलाकात होने पर उन्होंने कहा जब लिफ्ट लगी है तो बंद क्यों पड़ी है। चालू क्यों नहीं किया जा रहा है। कहा सिस्टम में ही दोष है।
इस बारे में सीएमएस डॉ. एमएम आर्या का कहना है कि लिफ्ट काफी समय से बंद है। चलाने के लिए कई बार पत्राचार किया जा चुका है, लेकिन कोई जवाब नहीं मिल सका। हम लोगों के पास लिफ्ट चलाने के लिए कोई मैन पावर नहीं है। पदनाम से कोई कर्मचारी भी नहीं है। लिफ्ट को चलाने के लिए कम से कम आठ से दस कर्मचारी चाहिए।
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बुजुर्ग की मौत के बाद लोग कह रहे हैं कि शायद यह लिफ्ट चालू होती तो उसकी जान न जाती। अस्पताल में 6 जनवरी 2009 को लिफ्ट लगी थी लेकिन पिछले 13 सालों में कब चली, ये किसी को याद नहीं। कई सालों से यहां आने वाले मरीजों व तीमारदारों को भूतल से प्रथम, द्वितीय तृतीय तल पर सीढ़ियों से आना-जाना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में रोजाना करीब एक हजार मरीज आते हैं। प्रथम तल से तीसरे तल तक जाने के लिए सीढ़ियों का ही इस्तेमाल करना पड़ता है। लिफ्ट के अभाव में दम तोड़ चुके तीमारदार की मौत के बाद भी जिला अस्पताल प्रशासन ने कोई सबक नहीं मिला। मंगलवार को भी यहां तीमारदार मरीजों को स्ट्रेचर या व्हील चेयर पर सीढ़ियों से ही लाते ले जाते दिखे।
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प्रथम तल पर ऑपरेशन थिएटर के बाहर स्ट्रेचर पर बैठे शहर के नौरंगाबाद निवासी कैलाश ने बताया पैर में पुरानी चोट की वजह से एक पैर की हड्डी में इंफेक्शन हो गया है। डॉक्टर ने आज एक पैर काटने के लिए बुलाया है। बताया सीढ़ी से आने में काफी परेशानी उसे और परिजनों को हुई।
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भरथना क्षेत्र के ग्राम सरावा से आए कालीचरण ने बताया सांस की परेशानी है और खांसी में भी ब्लड आने पर जिला अस्पताल इलाज कराने आए हैं। बताया द्वितीय तल पर सीढ़ियों से चढ़कर आने में काफी परेशानी हुई। तीमारदार अखिलेश ने बताया भाई को सोमवार को जिला अस्पताल के तृतीय तल के वार्ड में भर्ती कराया था। लिफ्ट बंद होने पर पकड़कर सीढिय़ों से रुक-रुक कर लाना पड़ा। रेंप से खाली व्हील चेयर ला रहे ग्राम मक्कखनपुर जनपद फिरोजाबाद निवासी राधाकृष्ण ने बताया वह अपनी 90 वर्षीय मां समेत छह महिलाओं के आंख का ऑपरेशन कराने आए हैं। तीन लोगों को ऑपरेशन के बाद व्हील चेयर में बैठाकर वार्ड तक छोड़ चुके हैं, तीन और मरीजों को ले जाना है।
जिला अस्पताल आए कौमी तहफ्फुज कमेटी के संयोजक खादिम अब्बास ने कहा अस्पताल की सीढ़ियों पर चढ़ते समय किसी व्यक्ति की मौत हो जाना, सरकारी सिस्टम की लापरवाहियों को उजागर करता है। कहा क्या कारण है कि लिफ्ट होने के बावजूद उसे चालू नहीं किया जा रहा है। दोषियों को सजा जरुर मिलनी चाहिए।
सिस्टम में दोष की वजह से लिफ्ट नहीं चलती
जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व जिलाध्यक्ष उदयभान सिंह यादव जो अपने पिता को लेकर जिला अस्पताल आए थे। प्रथम तल पर मुलाकात होने पर उन्होंने कहा जब लिफ्ट लगी है तो बंद क्यों पड़ी है। चालू क्यों नहीं किया जा रहा है। कहा सिस्टम में ही दोष है।
इस बारे में सीएमएस डॉ. एमएम आर्या का कहना है कि लिफ्ट काफी समय से बंद है। चलाने के लिए कई बार पत्राचार किया जा चुका है, लेकिन कोई जवाब नहीं मिल सका। हम लोगों के पास लिफ्ट चलाने के लिए कोई मैन पावर नहीं है। पदनाम से कोई कर्मचारी भी नहीं है। लिफ्ट को चलाने के लिए कम से कम आठ से दस कर्मचारी चाहिए।