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तेंदुए की चहलकदमी बढ़ी, मवेशियों को बनाया शिकार
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चकरनगर। बीहड़ क्षेत्र में तेंदुओं की चहलकदमी बढ़ती जा रही है। गुरुवार को भी तेंदुए ने चकरनगर, बरचौली, गढ़चौली गांव में छह बकरियों और एक बछड़े को निवाला बनाया। एक से ज्यादा तेंदुए होने की आशंका है। बुधवार को ही चकरनगर और आसपास के गांवों में तीन बकरियों का शिकार कर चुके हैं। इससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है।
गुरुवार को चकरनगर स्थित चंबल सेंक्चुरी कार्यालय के पीछे ही जंगल के पास चर रही तीन बकरियों को ग्रामीणों के देखते-देखते तेंदुए निवाला बना गए। चकरनगर कस्बा निवासी महावीर सिंह यादव ने बताया कि अपने एक साथी सिंह चौहान के साथ साइकिल से गुरुवार को सुबह 10 बजे बरचौली गांव जा रहे थे। गांव के बाहर बने पंचायत घर के निकट बीहड़ की ओर से अचानक तेंदुआ निकला और बछड़े को दबोच कर सड़क पार करता हुआ बीहड़ की ओर चला गया।
सगरा गांव निवासी सोनवीर सिंह यादव ने बताया कि गुरुवार को लगभग दो बजे अपनी बकरी रेंज कोठी के पीछे गढ़चौली पर चरा रहा था। उसी दौरान खेरे की तरफ से तेंदुआ आता दिखाई दिया। वह जान बचाकर सुरक्षित स्थान तरफ भाग गया। काफी देर बाद वापस आकर देखा तो तीन बकरियां लहूलुहान पड़ीं थीं। खेरा मंदिर के पास भी तेंदुआ देखा गया।
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वहीं, 13 किलोमीटर दूर सिंडौस गांव निवासी विश्राम सिंह ने बताया कि बुधवार को बकरियों को चराने कुंवारी नदी स्थित जंगलों में ले गया था। अचानक दो तेंदुए आए दो बकरियों को खींचकर ले गए।
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गुरुवार को चकरनगर स्थित चंबल सेंक्चुरी कार्यालय के पीछे ही जंगल के पास चर रही तीन बकरियों को ग्रामीणों के देखते-देखते तेंदुए निवाला बना गए। चकरनगर कस्बा निवासी महावीर सिंह यादव ने बताया कि अपने एक साथी सिंह चौहान के साथ साइकिल से गुरुवार को सुबह 10 बजे बरचौली गांव जा रहे थे। गांव के बाहर बने पंचायत घर के निकट बीहड़ की ओर से अचानक तेंदुआ निकला और बछड़े को दबोच कर सड़क पार करता हुआ बीहड़ की ओर चला गया।
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सगरा गांव निवासी सोनवीर सिंह यादव ने बताया कि गुरुवार को लगभग दो बजे अपनी बकरी रेंज कोठी के पीछे गढ़चौली पर चरा रहा था। उसी दौरान खेरे की तरफ से तेंदुआ आता दिखाई दिया। वह जान बचाकर सुरक्षित स्थान तरफ भाग गया। काफी देर बाद वापस आकर देखा तो तीन बकरियां लहूलुहान पड़ीं थीं। खेरा मंदिर के पास भी तेंदुआ देखा गया।
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वहीं, 13 किलोमीटर दूर सिंडौस गांव निवासी विश्राम सिंह ने बताया कि बुधवार को बकरियों को चराने कुंवारी नदी स्थित जंगलों में ले गया था। अचानक दो तेंदुए आए दो बकरियों को खींचकर ले गए।