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सूची छोड़ो...प्रमाणपत्र लाएं, मुआवजा पाएं

Fri, 19 Nov 2021 11:15 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 19 Nov 2021 11:15 PM IST
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Leave the list... get the certificate, get compensation
इटावा। कोरोना से जान गंवाने वाले लोगों के आश्रितों को मुआवजा देने के लिए सूची जारी कर दी गई। हालांकि, सूची में बड़ी संख्या में कोरोना से मृत ऐसे लोगों के नाम नहीं हैं, जिनके परिजनों के पास कोरोना का मृत्यु प्रमाणपत्र नहीं है।
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फिर भी चिंता की कोई बात नहीं है, बस परिजनों के पास कोरोना से मृत होने का प्रमाणपत्र होना चाहिए। अगर है तो आपको मुआवजा अवश्य मिलेगा। जिन लोगों के नाम सीएमओ की सूची में नहीं हैं, उनकी मौत भी अन्य जिले और अन्य प्रदेश में नहीं, बल्कि इसी जिले के अस्पतालों में हुआ है।
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बाकायदा अस्पताल की ओर से मृत्यु का कारण बताते हुए प्रमाणपत्र भी दिया गया है, लेकिन सीएमओ कार्यालय के जारी कोरोना से मरने वालों की सूची में इनका नाम शामिल नहीं है।
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सीएमओ की तरफ से जारी 292 मृतकों की सूची में नाम न होने पर कई मृतकों के आश्रित निराश होकर लौट चुके हैं। ऐसे लोगों की भी निराशा दूर करने के लिए शासन ने व्यवस्था की है।
यदि आपके पास अपने परिजन की कोरोना से मृत्यु का प्रमाणपत्र है तो सूची में नाम न होने के बावजूद आवेदन कर सकते हैं। आवेदन पत्र में मांगे गए सभी दस्तावेज देने होंगे। मृतक का निवास प्रमाणपत्र होना चाहिए।
मृतक का निवास प्रमाणपत्र इटावा जिले का होना चाहिए। फिर कोरोना से मृत्यु जिले से किसी सरकारी या निजी अस्पताल में हुई हो या फिर किसी दूसरे जिले या प्रदेश में। हालांकि, मृतकों की सूची में नाम न होने पर आश्रितों को अभी आवेदन के लिए तहसील में भटकना पड़ रहा है।
यहां करें आवेदन
सीएमओ कार्यालय की तरफ से जारी सूची के मुताबिक, जिले में कोरोना की पहली व दूसरी लहर के दौरान 292 लोगों की मौत हुई है। मृतकों की यह सूची उसके गृह क्षेत्र की तहसील में भेज दी गई है।
मुआवजे के फार्म भी तहसील में भेज दिए गए हैं। तहसील में कोरोना मृतकों की सूची भी चस्पा करने को कहा गया है। तहसील कार्यालय में जाकर मृतक आश्रित इसमें नाम ढूंढ कर आवेदन कर सकते हैं।
ई-मेल आई जरूरी
मुआवजे के लिए आवेदन करते समय फार्म में ई-मेल आईडी भरना जरूरी है। ई-मेल आईडी के बिना फार्म पोर्टल पर अपलोड नहीं किया जाएगा। बाद में परेशानी से बचने के लिए आवेदन करते वक्त ही आईडी-मेल लिख दें।
सीएमओ दफ्तर के चक्कर लगा रहे आश्रित
कोरोनाकाल के दौरान जिले के कई लोगों की गैर जिले व प्रांतों में निजी व सरकारी अस्पतालों में कोरोना से मौत हुई। उस दौरान परिजनों ने अपनों की कोरोना से मौत होने की जानकारी सीएमओ कार्यालय अथवा प्रशासनिक अफसरों को नहीं दी।
अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रदेश सरकार ने कोरोना से जान गंवाने वालों के आश्रितों को मुआवजा देने का एलान किया, तो मृतकों के आश्रित सीएमओ की सूूची में परिवार के शख्स का नाम जुड़वाने के लिए सीएमओ कार्यालय और सरकारी अस्पताल में चक्कर लगा रहे हैं।
इनमें कई तो ऐसे लोग भी शामिल हैं, जिनके अपनों की कोरोना से मौत हुई। परिजन उन्हें अस्पताल ले गए। डॉक्टर ने मृत घोषित किया, लेकिन कोरोना से मौत होने प्रमाणपत्र नहीं दिया। उस वक्त डॉक्टरों ने कह दिया था कि पहले अपनों का अंतिम संस्कार करो, बाद में प्रमाणपत्र ले जाना।
कोरोना 10 अगस्त को हुआ अलविदा
जिले में कोरोना का आखिरी केस 10 अगस्त 2021 को मिला था। उसके बाद से एक भी कोरोना का मामला सामने नहीं आया है। जिले में अभी भी स्वास्थ्य विभाग कोरोना की जांच करा रहा है, लेकिन वर्तमान में एक भी केस नहीं मिला है। न ही कोरोना का एक भी मरीज एक्टिव है।
कोरोना के 13,952 मामले आए थे सामने
कोरोना काल में जिले में 13,952 मामले सामने आए थे। सरकारी आंकड़े के मुताबिक, 293 लोगों की मौत कोरोना संक्रमण से हुई थी। बाकी सभी कोरोना के सभी रोगी स्वस्थ हो चुके हैं। अब तक 12 लाख 39 हजार 614 लोगों की कोरोना की जांच भी जिले में हो चुकी है।
जिले में कोरोना से अभी तक 292 लोगों की मौत हुई है। इनकी सूची सीएमओ कार्यालय ने जारी की है। यह सूची सभी तहसीलों में मुआवजा आवेदन फार्म के साथ भेज दी गई है।
कोरोना से जान गंवाने वाले लोगों के आश्रित संबंधित तहसील में जाकर मुआवजे के लिए आवेदन कर सकते हैं। कोरोना से जिन लोगों की जान गई है, अगर उनके नाम सूची में नहीं है, तो उनके आश्रित भी तहसील जाकर मुआवजे के लिए आवेदन कर सकते
हैं। बस परिजनों के पास अपनों की कोरोना से मौत होने का प्रमाणपत्र होना चाहिए। ऐसे लोगों को भी लाभ दिलाने जाने के लिए शासन तक बात पहुंचाई जाएगी। फिलहाल 292 मृतकों के आश्रितों को मुआवजा पहुंचाना प्राथमिकता में है।
-जय प्रकाश, एडीएम (वित्त एवं राजस्व) इटावा।
सैफई में डेंगू के 14 मरीज भर्ती
इटावा/सैफई। जिला अस्पताल में शुक्रवार को 356 मरीजों ने पर्चे बनवाए। पैथोलॉजी में बुखार के 122 मरीजों ने खून की जांच कराई। इनमें से 33 की किट से डेंगू जांच की गई, जबकि 10 सेंपल एलाइजा जांच के लिए सैफई भेजे गए।

उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई में शुक्रवार को ओपीडी में बुखार के चार मरीज आए, जबकि डेंगू का एक मात्र मरीज भर्ती हुआ। चिकित्सा अधीक्षक प्रो. डॉ. आदेश कुमार ने बताया कि शुक्रवार को अस्पताल से डेंगू के दो मरीजों की छुट्टी की गई।
वर्तमान में 14 डेंगू के मरीज भर्ती हैं। इनमें इटावा के चार मरीज हैं।
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