{"_id":"618eaea1ae21ba230f6a92e6","slug":"kort-ke-ephaeeaar-darj-karane-ke-aadesh-etawah-news-knp663600372","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोर्ट के एफआईआर दर्ज करने के आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोर्ट के एफआईआर दर्ज करने के आदेश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इटावा। भरथना क्षेत्र में धमकी, रंगदारी मांगने व धमकी देने के मामले में कोर्ट ने तीन नामजद व उनके साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने के आदेश पुलिस को दिए हैं। कोर्ट ने पुलिस को मामले की विवेचना करने का भी आदेश दिया है।
सिविल लाइन क्षेत्र के रुरा गांव के रामकेश का कहना है कि एक जून 2021 को अहमदाबाद गुजरात से अपने गांव आया था। उसी दिन बेटे का दोस्त साथियों संग बाइकों से घर पर आए और गालीगलौज किया।
दो दिन के भीतर 10 लाख रुपये मांगे। रुपये देने से मना करने पर जान से मारने की धमकी देकर चले गए। पांच जून को आरोपियों ने उन्हें भरथना बुलाया। वहां असलहे के बल पर जबरदस्ती स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर करवा लिए।
विज्ञापन
लिखावट ठीक न होने से स्टांप पर क्या लिखा है, नहीं पढ़ सका। आरोपी उससे जबरदस्ती पैसा वसूलना चाह रहे हैं। घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने को भरथना व सिविल लाइन थाने में तहरीर दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की।
एसएसपी को भी शिकायती पत्र दिया। फिर भी कुछ नहीं हुआ। तब कोर्ट में अर्जी देकर न्याय की गुहार लगाई। एससी/एसटी (पीए) एक्ट के विशेष न्यायाधीश अवधेश कुमार ने थाना पुलिस को एफआईआर दर्ज कर विवेचना के निर्देश दिए।
भरथना थाना प्रभारी का कहना है कि रामकेश के मामले में एफआईआर दर्ज करने के संबंध में कोर्ट का आदेश अभी नहीं मिला। आदेश मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
सिविल लाइन क्षेत्र के रुरा गांव के रामकेश का कहना है कि एक जून 2021 को अहमदाबाद गुजरात से अपने गांव आया था। उसी दिन बेटे का दोस्त साथियों संग बाइकों से घर पर आए और गालीगलौज किया।
विज्ञापन
दो दिन के भीतर 10 लाख रुपये मांगे। रुपये देने से मना करने पर जान से मारने की धमकी देकर चले गए। पांच जून को आरोपियों ने उन्हें भरथना बुलाया। वहां असलहे के बल पर जबरदस्ती स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर करवा लिए।
विज्ञापन
लिखावट ठीक न होने से स्टांप पर क्या लिखा है, नहीं पढ़ सका। आरोपी उससे जबरदस्ती पैसा वसूलना चाह रहे हैं। घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने को भरथना व सिविल लाइन थाने में तहरीर दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की।
एसएसपी को भी शिकायती पत्र दिया। फिर भी कुछ नहीं हुआ। तब कोर्ट में अर्जी देकर न्याय की गुहार लगाई। एससी/एसटी (पीए) एक्ट के विशेष न्यायाधीश अवधेश कुमार ने थाना पुलिस को एफआईआर दर्ज कर विवेचना के निर्देश दिए।
भरथना थाना प्रभारी का कहना है कि रामकेश के मामले में एफआईआर दर्ज करने के संबंध में कोर्ट का आदेश अभी नहीं मिला। आदेश मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।