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जेई व लाइनमैनों को बनाया बंधक
अमर उजाला, इटावा
Updated Thu, 28 Apr 2016 12:43 AM IST
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पुराने विद्युत पोल को हटाती जेसीबी मशीन।
- फोटो : अमर उजाला
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सराय दयानत क्षेत्र में फोरलेन निर्माण कार्य के बीच में आए पोल को हटाने पहुंची विद्युत टीम को जेई सहित क्षेत्रवासियों ने मारपीटकर बंधक बना लिया। एक घंटे बाद सूचना पर पहुंची पुलिस ने बंधक बनाए जेई और उनके सहयोगियों को ग्रामीणों के कब्जे से मुक्त कराया। दूसरे दिन विभागीय अधिकारियों ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर पुराने विद्युत पोल हटाकर सड़क का निर्माण कार्य शुरू कराया। उक्त मामले में विद्युत विभाग के किसी अधिकारी व कर्मचारी ने किसी के खिलाफ कोई मामला थाने में दर्ज नहीं कराया है।
सिविल लाइन थाना में इटावा- आगरा मार्ग पर स्थित ग्राम सराय दयानत के सामने फोरलेन निर्माण का कार्य चल रहा है। इस स्थान पर पूर्व में सिंगल लेन होने के कारण 11 हजार क ी लाइन के विद्युत पोल अब बीच सड़क में आ चुके हैं। पूर्व में इन्हीं पोल पर क्षेत्र को सप्लाई देने वाली लाइन भी थी, जिसे कुछ दिन पूर्व ही सड़क के किनारे नए पोल गाड़कर ट्रांसफर कर दिया गया था।
मंगलवार दोपहर विद्युत विभाग के जेई अनिल कुमार, लाइनमैन हीरालाल व संजू अन्य ठेके की लेबर के साथ गांव के ठीक सामने बीच सड़क पर खडे़ पुराने छह पोलों को हटाने के लिए पहुंचे। यह देख गांव के लोग सड़क पर आ गए और गांव को दी जाने वाली विद्युत सप्लाई के बारे में जानकारी मांगने लगे। जेई अनिल कुमार ने बताया कि अब गांव के सामने से 11 हजार की लाइन नहीं निकलेगी और गांव को दो भागों में बांटते हुए इंजीनियरिंग कालेज फीडर व सरैया फीडर से सप्लाई दी जाएगी।
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यह बात सुनते ही ग्रामीण भड़क गए और पूरे गांव को इंजीनियरिंग कालेज फीडर से लाइन दिए जाने की मांग करने लगे। इस पर जब जेई ने इसमें विभागीय निर्देशों का हवाला देते हुए असमर्थता जताई । यह सुनकर ग्रामीण उग्र हो गए और पोल हटाने के कार्य को बीच में ही रुकवा दिया और जेई व अन्य कार्य कर रहे विद्युत कर्मचारियों से मारपीट कर दी।
कुछ ठेके के कर्मचारियों ने तो इधर- उधर भागकर जान बचा ली, लेकिन जेई सहित लाइनमैन व चार अन्य ठेके के कर्मचारियों को ग्रामीणों ने यह कहते हुए बंधक बना लिया कि वह उन्हें तब मौके से जाने देंगे, जब वह पोल से हटाए गए तारों को फिर से कनेक्ट न कर दें।
जेई अनिल कुमार ने किसी तरह से इसकी सूचना सिविल लाइन थाना पुलिस को दी। एक घंटे बाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस को आते देख ग्रामीण विद्युत कर्मियों को छोड़ भाग खड़े हुए और पुलिस जेई व अन्य विद्युत कर्मियों को ग्रामीणों से मुक्त कराकर वापस ले गए। बुधवार को अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड प्रथम आरके ग्रोवर थाना पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की।
ग्रामीणों का कहना था कि गांव क ो जिस सरैया फीडर से विद्युत सप्लाई देने की तैयारी की जा रही है, वह ग्रामीण क्षेत्र को सप्लाई देता है। इसलिए उन्हें आगे रूरल शेड्यूल से कम बिजली मिलेगी और उन्हें गर्मियों के दिनों में भारी मुसीबत का सामना करना पडे़गा।
अधिशासी अभियंता ग्रोवर ने ग्रामीणों को आश्वासन देते हुए कहा कि उन्हें शहर की ही तरह पूर्व की भांति आगे भी बिजली मिलेगी। इसके बाद ग्रामीण सहमत हुए और बीच सड़क पर लगे पोलों को हटवा दिया गया। अधिशासी अभियंता आरके ग्रोवर व जेई अनिल कुमार का कहना है कि मामला अब पूरी तरह से शांत हो चुका है। इसलिए वह और अन्य विभागीय कर्मचारी बात को यही शांत करते हुए किसी के भी विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं करेंगे।
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सिविल लाइन थाना में इटावा- आगरा मार्ग पर स्थित ग्राम सराय दयानत के सामने फोरलेन निर्माण का कार्य चल रहा है। इस स्थान पर पूर्व में सिंगल लेन होने के कारण 11 हजार क ी लाइन के विद्युत पोल अब बीच सड़क में आ चुके हैं। पूर्व में इन्हीं पोल पर क्षेत्र को सप्लाई देने वाली लाइन भी थी, जिसे कुछ दिन पूर्व ही सड़क के किनारे नए पोल गाड़कर ट्रांसफर कर दिया गया था।
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मंगलवार दोपहर विद्युत विभाग के जेई अनिल कुमार, लाइनमैन हीरालाल व संजू अन्य ठेके की लेबर के साथ गांव के ठीक सामने बीच सड़क पर खडे़ पुराने छह पोलों को हटाने के लिए पहुंचे। यह देख गांव के लोग सड़क पर आ गए और गांव को दी जाने वाली विद्युत सप्लाई के बारे में जानकारी मांगने लगे। जेई अनिल कुमार ने बताया कि अब गांव के सामने से 11 हजार की लाइन नहीं निकलेगी और गांव को दो भागों में बांटते हुए इंजीनियरिंग कालेज फीडर व सरैया फीडर से सप्लाई दी जाएगी।
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यह बात सुनते ही ग्रामीण भड़क गए और पूरे गांव को इंजीनियरिंग कालेज फीडर से लाइन दिए जाने की मांग करने लगे। इस पर जब जेई ने इसमें विभागीय निर्देशों का हवाला देते हुए असमर्थता जताई । यह सुनकर ग्रामीण उग्र हो गए और पोल हटाने के कार्य को बीच में ही रुकवा दिया और जेई व अन्य कार्य कर रहे विद्युत कर्मचारियों से मारपीट कर दी।
कुछ ठेके के कर्मचारियों ने तो इधर- उधर भागकर जान बचा ली, लेकिन जेई सहित लाइनमैन व चार अन्य ठेके के कर्मचारियों को ग्रामीणों ने यह कहते हुए बंधक बना लिया कि वह उन्हें तब मौके से जाने देंगे, जब वह पोल से हटाए गए तारों को फिर से कनेक्ट न कर दें।
जेई अनिल कुमार ने किसी तरह से इसकी सूचना सिविल लाइन थाना पुलिस को दी। एक घंटे बाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस को आते देख ग्रामीण विद्युत कर्मियों को छोड़ भाग खड़े हुए और पुलिस जेई व अन्य विद्युत कर्मियों को ग्रामीणों से मुक्त कराकर वापस ले गए। बुधवार को अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड प्रथम आरके ग्रोवर थाना पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की।
ग्रामीणों का कहना था कि गांव क ो जिस सरैया फीडर से विद्युत सप्लाई देने की तैयारी की जा रही है, वह ग्रामीण क्षेत्र को सप्लाई देता है। इसलिए उन्हें आगे रूरल शेड्यूल से कम बिजली मिलेगी और उन्हें गर्मियों के दिनों में भारी मुसीबत का सामना करना पडे़गा।
अधिशासी अभियंता ग्रोवर ने ग्रामीणों को आश्वासन देते हुए कहा कि उन्हें शहर की ही तरह पूर्व की भांति आगे भी बिजली मिलेगी। इसके बाद ग्रामीण सहमत हुए और बीच सड़क पर लगे पोलों को हटवा दिया गया। अधिशासी अभियंता आरके ग्रोवर व जेई अनिल कुमार का कहना है कि मामला अब पूरी तरह से शांत हो चुका है। इसलिए वह और अन्य विभागीय कर्मचारी बात को यही शांत करते हुए किसी के भी विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं करेंगे।