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इटावाः जैन समाज ने घरो में रहकर मनाया सुगंध दशमी पर्व
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फोटो संख्या 26 नशिया जी मंदिर पर धूप खेवन करते विश्व जैन संगठन के अध्यक्ष आकाशदीप जैन
- फोटो : ETAWHA
इटावा। जैन धर्म में भाद्रपद शुक्ल दशमी को सुगंध दशमी का पर्व मनाया जाता है। शुक्रवार को वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के चलते जिनालयों में जैन अनुयाइयों की संख्या कम रही।
इन दिनों जैन समाज कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए सादगी से घर में रहकर ही दश लक्षण पर्व मना रहा है। जहां मंदिरों में ज्यादा भीड़ नहीं दिखाई दे रही है। वहीं जिनालयों में किसी भी तरह के धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्य भी संपन्न नहीं किए जा रहे हैं। विश्व जैन संगठन के अध्यक्ष आकाशदीप जैन बेटू ने बताया सुगंध दशमी पर्व का दिगंबर जैन धर्म में काफी महत्व है। महिलाएं हर वर्ष इस व्रत को करती हैं। धार्मिक व्रत को विधिपूर्वक करने से मनुष्य के सारे अशुभ कर्मों का क्षय होकर पुण्य की प्राप्ति होती है। मोक्ष की प्राप्ति होती है साथ ही सांसारिक दृष्टि से उत्तम शरीर प्राप्त होना भी इस व्रत का फल बताया गया है।
नया शहर जैन मंदिर के सुदर्शन जैन ने कहा सुगंध दशमी के दिन हिंसा, झूठ, चोरी, कुशील, परिग्रह इन पांच पापों के त्याग रूप व्रत को धारण करते हुए चारों प्रकार के आहार का त्याग, स्वाध्याय, धर्मचिंतन-श्रवण, सामयिक आदि में अपना समय व्यतीत करने का महत्व है। सराय शेख जैन मंदिर के पारू जैन ने कहा सुगंध दशमी व्रत कथा पढ़ने के साथ-साथ पूर्व में सभी जैन जिनालयों में 24 तीर्थंकरों, पुराने शास्त्रों तथा जिनवाणी के सम्मुख चंदन की धूप अग्नि को अर्पित करके धूप खेवन पर्व मनाया जाता रहा है।
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नशिया जी मंदिर के अध्यक्ष संजीव जैन संजू ने कहा उत्तम संयम धर्म के साथ ही नशिया जी मंदिर पर धूप दशमी पर्व सादगी के साथ मनाया गया। नगर के लालपुरा जैन मंदिर, बरहीपुरा, पंसारी टोला, करनपुरा, नशिया जी, डाडा, छपैटी, सराय शेख, चैगुजी, नया शहर, कटरा स्थित जैन मंदिरों में कमेटी के पदाधिकारियों ने सुगंध दशमी पर जिनालयों में धूप खेई और साथ ही विश्व को कोरोना महामारी से बचाने की प्रार्थना कर उत्तम संयम धर्म की पूजा कर उपवास किया
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इन दिनों जैन समाज कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए सादगी से घर में रहकर ही दश लक्षण पर्व मना रहा है। जहां मंदिरों में ज्यादा भीड़ नहीं दिखाई दे रही है। वहीं जिनालयों में किसी भी तरह के धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्य भी संपन्न नहीं किए जा रहे हैं। विश्व जैन संगठन के अध्यक्ष आकाशदीप जैन बेटू ने बताया सुगंध दशमी पर्व का दिगंबर जैन धर्म में काफी महत्व है। महिलाएं हर वर्ष इस व्रत को करती हैं। धार्मिक व्रत को विधिपूर्वक करने से मनुष्य के सारे अशुभ कर्मों का क्षय होकर पुण्य की प्राप्ति होती है। मोक्ष की प्राप्ति होती है साथ ही सांसारिक दृष्टि से उत्तम शरीर प्राप्त होना भी इस व्रत का फल बताया गया है।
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नया शहर जैन मंदिर के सुदर्शन जैन ने कहा सुगंध दशमी के दिन हिंसा, झूठ, चोरी, कुशील, परिग्रह इन पांच पापों के त्याग रूप व्रत को धारण करते हुए चारों प्रकार के आहार का त्याग, स्वाध्याय, धर्मचिंतन-श्रवण, सामयिक आदि में अपना समय व्यतीत करने का महत्व है। सराय शेख जैन मंदिर के पारू जैन ने कहा सुगंध दशमी व्रत कथा पढ़ने के साथ-साथ पूर्व में सभी जैन जिनालयों में 24 तीर्थंकरों, पुराने शास्त्रों तथा जिनवाणी के सम्मुख चंदन की धूप अग्नि को अर्पित करके धूप खेवन पर्व मनाया जाता रहा है।
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नशिया जी मंदिर के अध्यक्ष संजीव जैन संजू ने कहा उत्तम संयम धर्म के साथ ही नशिया जी मंदिर पर धूप दशमी पर्व सादगी के साथ मनाया गया। नगर के लालपुरा जैन मंदिर, बरहीपुरा, पंसारी टोला, करनपुरा, नशिया जी, डाडा, छपैटी, सराय शेख, चैगुजी, नया शहर, कटरा स्थित जैन मंदिरों में कमेटी के पदाधिकारियों ने सुगंध दशमी पर जिनालयों में धूप खेई और साथ ही विश्व को कोरोना महामारी से बचाने की प्रार्थना कर उत्तम संयम धर्म की पूजा कर उपवास किया