फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etawah News ›   IPS, IRS officer caught cheating gang

आईपीएस, आईआरएस अफसर बनकर ठगी करने वाला गिरोह पकड़ा गया

Sat, 13 Jun 2020 10:27 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 13 Jun 2020 10:27 PM IST
विज्ञापन
IPS, IRS officer caught cheating gang
फोटो संख्या 06 ठगी गैंग से बरामद हुई नीली बत्ती लगी इनोवा कार - फोटो : ETAWHA
भारतीय पुलिस और राजस्व सेवा के अफसर बनकर ठगी करने वाले गिरोह के पांच सदस्यों को इटावा पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। जसवंतनगर थाना क्षेत्र के जगसौरा गांव निवासी मनीष कुमार सरगना है।
विज्ञापन

पुलिस के मुताबिक, वह सिंडीकेट बैंक में पीओ था। लोन में हेराफेरी करने पर दो साल पहले उसे बर्खास्त कर दिया गया था।
गिरोह के सदस्य इनोवा गाड़ी में लाल-नीली बत्ती लगाकर चलते थे। इनके पास से बड़ी मात्रा में फर्जी दस्तावेज और दस करोड़ रुपये के दो चेक बरामद हुए हैं।
सिविल लाइन थाने की पुलिस ने शुक्रवार देर रात चेकिंग के दौरान नीली बत्ती लगी इनोवा कार रोककर पांच जालसाजों को दबोच लिया।
इनमें गैंग सरगना मनीष कुमार पुत्र रामप्रकाश, अमरोहा जिला के मंडी कस्बा धनौरा निवासी योगेश कुमार पुत्र सतीश कुमार, बिहार प्रांत के रामगढ़ जिला के भभुआ थाना के तरैथा गांव निवासी बलवंत कुमार खरवार पुत्र मदन खरवार के साथ इकदिल थाना क्षेत्र के दो फर्जी पत्रकार बीलमपुर गांव निवासी रामकुमार पुत्र छोटेलाल और विकास कालोनी पक्काबाग निवासी सौरभ चौहान पुत्र देवेंद्र चौहान शामिल हैं।
विज्ञापन

एसएसपी आकाश तोमर के मुताबिक, मनीष सिंडीकेट बैंक में पीओ था। दो साल पहले बड़े लोन के मामले में हेराफेरी के आरोप में उसे बर्खास्त कर दिया गया था। इसके बाद उसने गैंग बनाकर जालसाजी का धंधा शुरू कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

पूछताछ में मिली जानकारी के मुताबिक, वह अभी तक दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा, इटावा, गोंडा, बहराइच सहित करीब दो दर्जन से ज्यादा जिले में करोड़ों रुपये की ठगी कर चुका है। अधिकारियों और बड़े व्यापारियों पर दबाव बनाने के लिए वह अपने साथ कथित पत्रकारों को रखता था।
पुलिस ने गैंग के पास से डिप्टी कमिश्नर दिल्ली का फर्जी परिचय पत्र, दस करोड़ रुपये और के सिंडीकेट बैंक के दो चेक, चार फर्जी लेटर पेड, यूपीएससी की फर्जी मैरिट लिस्ट, ई प्रवेश पत्र,
आठ मोबाइल, पांच टीवी चैनल की माइक आईडी, कई विभागों की नौ मुहरें, राइफल, पिस्टल, दो तमंचा, कारतूस, और शस्त्र लाइसेंस बरामद किए हैं।
पकड़े जाने पर मनीष ने खुद को आईआरएस अफसर बताकर पुलिसवालों को अर्दब में लेने का प्रयास किया। इस पर एसएसपी ने उससे यूपीएससी की रैंक, प्रमोशन, सिलेक्शन ग्रेड की डेट और इंटरव्यू बोर्ड में मौजूद लोगों के बारे में पूछताछ की तो वह कुछ नहीं बता पाया।

इस पर एसएसपी ने उसे गिरफ्तार करवाकर हवालात में डलवा दिया। मनीष ने अपने कुछ और साथियों के नाम बताए हैं, जिनका पुलिस पता लगा रही है। एसएसपी का कहना है कि गैंग को किसी प्रशासनिक अफसर या विभाग के कर्मचारी का सहयोग मिल रहा था या नहीं इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed