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घरों की रंगाई पर भी महंगाई का तड़का
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लवेदी। दीपावली पर घर की पुताई भी अबकी महंगी हो गई है। डीजल-पेट्रोल और केमिकल के दाम बढ़ने से प्राइमर और डिस्टेंपर के दामों में भी 15 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। तारपीन के तेल में भी उछाल आया है।
कोरोनाकाल में लगे लॉकडाउन के बाद दुकानदारों ने दीपावली पर बिक्री अच्छी होने का अनुमान लगाया है। इस महंगाई के कारण लखना में दुकानों पर जो भीड़ होनी चाहिए, वह अभी देखने को नहीं मिल रही, जिससे दुकानदार मायूस नजर आ रहे हैं।
नवरात्र के प्रारंभ होते ही घरों में साफ-सफाई और रंगाई-पुताई का काम प्रारंभ हो जाता है। इस बार दुकानों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। 30 किलो डिस्टेंपर की बाल्टी पिछले साल 760 रुपये की थी। इस साल इसकी कीमत बढ़कर 840 हो गई है।
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कीमत करीब 10 फीसदी से अधिक बढ़ने से बिक्री पर भी असर पड़ा है। इसके अलावा प्राइमर और तारपीन के तेल के भी रेट बढ़ गए हैं। कारोबारी भी बढे़ दामों को लेकर परेशान हैं। उधर, दीपावली के कुछ दिन बचे हुए हैं।
लोग अपने घरों की साफ-सफाई करने में जुटे हुए हैं। वहीं रंगाई-पुताई का काम भी चल रहा है। पुताई करने बदले मजदूर भी अपनी दिहाड़ी 300 रुपये प्रतिदिन से बढ़ाकर 500 रुपये कर दी है। इन पर भी महंगाई का असर देखने को मिल रहा है।
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कोरोनाकाल में लगे लॉकडाउन के बाद दुकानदारों ने दीपावली पर बिक्री अच्छी होने का अनुमान लगाया है। इस महंगाई के कारण लखना में दुकानों पर जो भीड़ होनी चाहिए, वह अभी देखने को नहीं मिल रही, जिससे दुकानदार मायूस नजर आ रहे हैं।
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नवरात्र के प्रारंभ होते ही घरों में साफ-सफाई और रंगाई-पुताई का काम प्रारंभ हो जाता है। इस बार दुकानों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। 30 किलो डिस्टेंपर की बाल्टी पिछले साल 760 रुपये की थी। इस साल इसकी कीमत बढ़कर 840 हो गई है।
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कीमत करीब 10 फीसदी से अधिक बढ़ने से बिक्री पर भी असर पड़ा है। इसके अलावा प्राइमर और तारपीन के तेल के भी रेट बढ़ गए हैं। कारोबारी भी बढे़ दामों को लेकर परेशान हैं। उधर, दीपावली के कुछ दिन बचे हुए हैं।
लोग अपने घरों की साफ-सफाई करने में जुटे हुए हैं। वहीं रंगाई-पुताई का काम भी चल रहा है। पुताई करने बदले मजदूर भी अपनी दिहाड़ी 300 रुपये प्रतिदिन से बढ़ाकर 500 रुपये कर दी है। इन पर भी महंगाई का असर देखने को मिल रहा है।