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सर्दी बढ़ गई, दिल संभाल कर रखिए
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
Updated Fri, 19 Dec 2014 12:39 AM IST
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इटावा। पारा गिरने के साथ दिल के मरीजों की दिक्कतें बढ़ने लगीं हैं। जिला अस्पताल में पिछले दो साल से कार्डियोलॉजिस्ट न होने से करोड़ों रुपये से निर्मित हार्ट यूनिट में ताला पड़ा रहता है। सप्ताह के पांच दिन ओपीडी में सैफई के डाक्टर बैठते तो हैं लेकिन सुबह नौ बजे से दोपहर एक बजे तक।
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इसके बाद इटावा के हार्ट रोगियों के लिए पीजीआई सैफई ही सहारा है। डाक्टर्स की माने तो सर्दी के मौसम में हार्टअटैक का खतरा सामान्य दिनों की अपेक्षा कई गुना तक बढ़ जाता है। सर्दी के मौसम में खून गाढ़ा हो जाने के कारण बॉडी में सर्कुलेट नहीं हो पाता।
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ऐसे में हार्ट पेसेंट को सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। करोड़ों रुपये की लागत से जिला अस्पताल में दो आईसीसीयू वार्ड, ईसीजी जांच की सुविधा के साथ परिसर में ही आक्सीजन प्लांट बनवाया गया था। बीते दो साल से कार्डियोलॉजिस्ट के अभाव में हार्ट यूनिट खुद ही बीमार है।
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दोनों वार्डों का ताला सफाई के लिए ही खोला जाता है। डॉक्टर्स की मानें तो शहर में पांच सौ से अधिक हार्ट पेसेंट ऐसे हैं जिन्हें निरंतर चिकित्सकीय परामर्श की आवश्यकता है। विकल्प के तौर पर पीजीआई सैफई के चार डाक्टर सप्ताह में पांच दिन सोमवार से शुक्रवार को जिला अस्पताल में ओपीडी लगाते हैं।
ये डाक्टर सुबह 9 बजे आते हैं और एक बजे चले जाते हैं। किसी मरीज को ज्यादा परेशानी है तो सैफई रेफर करने के अलावा कोई दूसरा चारा नहीं बचता। शनिवार और रविवार को तो मरीजों को सीधे सैफई के लिए रेफर कर दिया जाता है।
किस अटैक पर कितना रहता है वक्त
डाक्टरों के मुताबिक पहली बार अटैक आया है तो मरीज को पांच घंट के भीतर या इससे भी पहले उपचार मिल जाना चाहिए। दूसरी बार अटैक में चार और तीसरी बार में तीन घंटे के भीतर उपचार मिल जाना चाहिए। अमूमन देखा गया है कि मरीज को जिला अस्पताल तक आने में ही एक से डेढ़ घंटे का समय लग जाता है। रेफर होकर सैफई पहुंचने में काफी समय नष्ट हो जाता है। ऐसे में मरीजों क ी जान पर बन आती है।
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हॉर्टअटैक से बचने को ये करें
नियमित कम से कम दो घंटे तक व्यायाम करें। शरीर के वजन को कंट्रोल में रखने की कोशिश करें। शाकाहारी बनें, हरी सब्जियां, सलाद का सेवन करें। तीन बार खाना खा सकता हैं, लेकिन कंट्रोल रखें। सर्दी में गर्म कपड़े पहने, ब्लड प्रेशर कम न होने दें। नियमित जांच कराएं, दिक्कत पर डॉक्टर के पास पहुंचे। सर्दी में पाचन क्रिया शिथिल रहती है, हल्का भोजन लें। जंक फूड या फिर चिकनाई युक्त खाना खाने से बचें।
डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर से होता खतरा
जिन लोगों को डायबिटीज की समस्या अनुवांशिक है, उन्हें तुरंत अपने वजन पर नियंत्रण कर लेना चाहिए। डायबिटीज का फास्टिंग लेबिल 110 के नीचे और खाना खाने के बाद का 180 के नीचे रहना चाहिए। इससे ऊपर है तो डाक्टर से सलाह लें। हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को हार्ट अटैक का खतरा रहता है, ब्रेन हेमरेज भी हो सकता है। हाई ब्लड प्रेशर के मरीजाें को 40 साल की उम्र के बाद रक्त चाप की जांच कराते रहना चाहिए। नार्मल ब्लड प्रेशर 120/80 होना चाहिए। 150/90 से ऊपर है तो खतरा है।
रोग के लक्षण
सीने के बीचोंबीच या दाएं बाएं भारीपन लगे। दर्द दाहिने हाथ की तरफ या दोनों ओर फैल रहा हो। बाहों कंधों, जबड़े, गर्दन में दर्द हो रहा हो। व्यायाम करने पर दर्द बढ़ रहा हो। आराम क रने पर कम हो रहा हो। ज्यादा पसीना आ रहा हो और सांस फूल रही हो।
डा. धीरज श्रीवास्तव, एमडी, असिस्टेंट प्रोफेसर, पीजीआई सैफई ने बताया कि आम दिनों की अपेक्षा सर्दी के मौसम में हार्ट अटैक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। नियमित जांच, शुगर व ब्लड प्रेसर कंट्रोल रखकर खतरे से बचा जा सकता है। पहली बार अटैक पर पांच घंटेे के भीतर उपचार मिल जाना चाहिए। दूसरी बार में चार और तीसरे में तीन घंटे के भीतर इलाज शुरू हो जाना चाहिए। पीजीआई में पर्याप्त सुविधाएं है।
डॉ. वीएस अग्निहोत्री, सीएमएस, जिला अस्पताल ने बताया कि लंबे समय से जिला अस्पताल में कार्डियोलाजिस्ट का पद रिक्त है। सप्ताह में पांच दिन के लिए पीजीआई से डाक्टर आते है। हम कई बार उच्चाधिकारियों को लिखकर डिमांड कर चुके हैं। डाक्टरों की कमी के चलते पद भर नहीं पा रहे हैं।