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Etawah News: डायरिया, टाइफाइड व बुखार के मरीज बढ़े
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फोटो 02 : जिला अस्पताल में मरीजों को देखते डॉ. सौरभ यादव। संवाद
-जिला अस्पताल में ओपीडी बंद होने के बाद इमरजेंसी में पहुंच रहे मरीज
संवाद न्यूज़ एजेंसी
इटावा। गर्मी के कारण उल्टी-दस्त व बुखार के मरीजों की संख्या में इजाफा होने लगा है। बृहस्पतिवार को ओपीडी में 795 मरीज पहुंचे। इनमें करीब 25-30 प्रतिशत उल्टी-दस्त और बुखार से पीड़ित थे। वहीं, ओपीडी बंद होने के बाद इमरजेंसी में मरीजों की भीड़ रही।
शनिवार को बाबा भीमराव आंबेडकर संयुक्त जिला अस्पताल की ओपीडी डायरिया, टाइफाइड व बुखार के मरीजों की संख्या में खासा इजाफा हुआ है। स्थिति बिगड़ने पर मरीज को भर्ती करने की नौबत भी आती है। जिला अस्पताल में रोजाना ऐसे 250 से 300 मरीज पहुंचते हैं जो पेट दर्द, डायरिया, बुखार, टाइफाइड आदि से पीड़ित होते हैं। दूषित पानी के कारण टाइफाइड के रोगियों की संख्या में भी इजाफा हुआ है।
वरिष्ठ फिजीशियन डाॅ. अजय शर्मा ने बताया कि गर्मी मौसम में लोगों को खास ध्यान रखने की जरूरत है। बीमारी की मुख्य वजह बासी, बाजार का तली-भुना, तेज मसालेदार चीजें खाना भी है। उल्टी और दस्त होने से मरीज के शरीर में पानी की कमी हो जाती है। ऐसी स्थिति में भर्ती करने की जरूरत भी पड़ती है।
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उन्होंने बताया कि ओआरएस या नमक-चीनी का घोल लें। इससे शरीर में पानी की कमी को पूरा किया जा सके। पुरुष अस्पताल के सीएमएस डाॅ. पारितोष शुक्ला ने बताया कि गर्मी के चलते मरीजों की संख्या बढ़ी है। गंभीर मरीजों को वार्ड में भर्ती किया जा रहा है। मरीजों को किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
ये बरतें सावधानियां-- -
घर से खाली पेट बाहर बिल्कुल न निकलें। फुल आस्तीन व हल्के रंग के कपड़े पहने। गर्मी में अधिक से अधिक पानी पीएं। धूप में निकलते समय चश्मे व छाते का प्रयोग करें। घर में बने पेय पदार्थों लस्सी, नींबू इत्यादि का प्रयोग करें। ओआरएस घोल का सेवन करें। रसीले मौसमी फलों को भोजन में शामिल करें। बीमार पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से ही दवा लें।
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-जिला अस्पताल में ओपीडी बंद होने के बाद इमरजेंसी में पहुंच रहे मरीज
संवाद न्यूज़ एजेंसी
इटावा। गर्मी के कारण उल्टी-दस्त व बुखार के मरीजों की संख्या में इजाफा होने लगा है। बृहस्पतिवार को ओपीडी में 795 मरीज पहुंचे। इनमें करीब 25-30 प्रतिशत उल्टी-दस्त और बुखार से पीड़ित थे। वहीं, ओपीडी बंद होने के बाद इमरजेंसी में मरीजों की भीड़ रही।
शनिवार को बाबा भीमराव आंबेडकर संयुक्त जिला अस्पताल की ओपीडी डायरिया, टाइफाइड व बुखार के मरीजों की संख्या में खासा इजाफा हुआ है। स्थिति बिगड़ने पर मरीज को भर्ती करने की नौबत भी आती है। जिला अस्पताल में रोजाना ऐसे 250 से 300 मरीज पहुंचते हैं जो पेट दर्द, डायरिया, बुखार, टाइफाइड आदि से पीड़ित होते हैं। दूषित पानी के कारण टाइफाइड के रोगियों की संख्या में भी इजाफा हुआ है।
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वरिष्ठ फिजीशियन डाॅ. अजय शर्मा ने बताया कि गर्मी मौसम में लोगों को खास ध्यान रखने की जरूरत है। बीमारी की मुख्य वजह बासी, बाजार का तली-भुना, तेज मसालेदार चीजें खाना भी है। उल्टी और दस्त होने से मरीज के शरीर में पानी की कमी हो जाती है। ऐसी स्थिति में भर्ती करने की जरूरत भी पड़ती है।
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उन्होंने बताया कि ओआरएस या नमक-चीनी का घोल लें। इससे शरीर में पानी की कमी को पूरा किया जा सके। पुरुष अस्पताल के सीएमएस डाॅ. पारितोष शुक्ला ने बताया कि गर्मी के चलते मरीजों की संख्या बढ़ी है। गंभीर मरीजों को वार्ड में भर्ती किया जा रहा है। मरीजों को किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
ये बरतें सावधानियां
घर से खाली पेट बाहर बिल्कुल न निकलें। फुल आस्तीन व हल्के रंग के कपड़े पहने। गर्मी में अधिक से अधिक पानी पीएं। धूप में निकलते समय चश्मे व छाते का प्रयोग करें। घर में बने पेय पदार्थों लस्सी, नींबू इत्यादि का प्रयोग करें। ओआरएस घोल का सेवन करें। रसीले मौसमी फलों को भोजन में शामिल करें। बीमार पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से ही दवा लें।