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Etawah News: सुरक्षा नाकाफी, हादसों के 14 हाॅटस्पॉट पर अब तक 159 मौतें
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इटावा। जिले में सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने 14 स्थानों को ब्लैक स्पॉट के रूप में चिह्नित किया है। हालांकि, इन जगहों पर सुरक्षा व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित है। यहां रिफ्लेक्टर और रात में रोशनी की उचित व्यवस्था नहीं है। इससे वाहन चालकों को खतरे का अनुमान नहीं हो पाता है। एक छोटी सी चूक जानलेवा हादसे में बदल जाती है। परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या बढ़ी है। पिछले वर्ष 123 लोगों की जान गई थी। इस वर्ष अब तक 159 लोगों की मौत हो चुकी है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 36 अधिक मौतें हैं, जो 29.3 फीसदी की वृद्धि दर्शाती है।
फोटो 15: नेशनल हाईवे स्थित समृद्धि हॉस्पिटल के पास बना ब्लैक स्पॉट। संवाद
सीन-1
लाइट न रिफ्लेक्टर का इंतजाम, आए दिन होते हादसे
आगरा-कानपुर नेशनल हाईवे स्थित समृद्धि हॉस्पिटल के पास ब्लैक स्पॉट बना हुआ है। इस जगह पर रोशनी के अलावा रिफ्लेक्टर का कोई इंतजाम नहीं है। इसके अलावा यहां काफी समय पहले बनाए गए ब्रेकर भी घिस चुके हैं। शाम के समय यहां निजी बसें व डंपर खड़े हो जाते हैं। वहीं, तेजी से वाहन आने व अंधेरे में दिखाई न पड़ने से अक्सर यहां हादसे होते हैं। इसके बाद भी यहां सुधार के इंतजाम नहीं हुए हैं। डीएम शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने करीब 12 दिन पहले सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में ब्लैक स्पॉट पर ब्रेकर, रिफ्लेक्टर लाइट, रोशनी, साइन बोर्ड, जेब्रा क्रासिंग आदि के निर्देश दिए थे। इससे सड़क हादसों में कमी लाई जा सके। डीएम के आदेश के बाद भी यहां की स्थिति जस की तस है। इस कारण सड़क हादसों में कमी नहीं आ पा रही है।
फोटो 16: कुनैरा के पास बने ब्लैक स्पॉट के पास लगा बोर्ड। संवाद
सीन-2 बोर्ड व ब्रेकर बनाकर बना दिया ब्लैक स्पॉट
कुनैरा स्थित 28 वीं पीएसी बटालियन गेट नंबर तीन के पास ब्लैक स्पॉट बना हुआ है। यहां सुरक्षा के इंतजाम के नाम पर ब्रेकर व बोर्ड लगा हुआ है। यहां रोशनी का व रिफ्लेक्टर के कोई इंतजाम नहीं है। यहां आसपास दो स्कूल है। अक्सर वाहन चालक लापरवाही में वाहन चलाते हुए टक्कर मार देते हैं। इसमें यहां कई लोगों की जान जा चुकी है।
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जिले के ब्लैक स्पॉट
जिले में जिन 14 स्थानों को ब्लैक स्पॉट घोषित किया गया है, उनमें बकेवर का सराय मिट्ठे क्षेत्र, बिजौली ओवरब्रिज, महेवा स्थित शाह फूड सर्विस रोड, इकदिल मस्जिद के पास का क्षेत्र, मानिकपुर मोड़, विरारी आश्रम, फ्रेंड्स कॉलोनी में समृद्धि हॉस्पिटल के सामने, आईटीआई चौराहा सर्विस रोड, विचारपुरा गांव के पास, मलाजनी क्षेत्र, राहिन तिराहा, हेवरा पावर हाउस व आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के कुछ हिस्से शामिल हैं।
इस वजह से होते हादसे
ओवरब्रिज, सराय मिट्टे, महेवा शाह फूड सर्विस रोड ओर समृद्धि हॉस्पिटल के सामने वाले हिस्से में आगे का ट्रैफिक साफ दिखाई नहीं देता। इससे तेज रफ्तार वाहन चालक अचानक ब्रेक लगाने को मजबूर होते हैं और टक्कर की आशंका बढ़ जाती है। जसवंतनगर क्षेत्र में नेशनल हाईवे से कचोरा बाईपास की ओर जाने वाला मोड़ ब्लाइंड स्पॉट का ताजा उदाहरण है। यहां सुरक्षा संबंधी पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण लगातार हादसों का खतरा बना रहता है। परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार जनवरी से जून तक पिछले साल कुल 254 सड़क हादसे हुए थे, जो इस वार बढ़कर 297 हो गए हैं। यह पिछली वार की अपेक्षा 43 सड़क हादसे अधिक हुए हैं, जो 16.9 फीसदी अधिक है। इसी तरह इन सड़क हादसों में जान गंवाने वालों की तुलना की जाए तो पिछली वार 123 लोगों की जान चली गई थी। वहीं, इस बार अभी 159 लोगों की जान जा चुकी है। इस तरह पिछले वार की अपेक्षा 36 अधिक लोगों की सड़क हादसों में जान गई है, जो 29.3 फीसदी अधिक है। इसी तरह घायलों की बात करें तो पिछले साल सड़क हादसों में 205 लोग घायल हुए, जबकि इस बार घायलों की संख्या बढ़कर 212 हो गई हैं।
प्रमुख हादसे पर एक नजर
- एक जनवरी को ब्लैक स्पॉट बिजौली में कार ने पिकअप में मारी टक्कर, छह लोग हुए घायल हुए।
- चार जनवरी को जसवंतनगर के जमुना बाग के पास ट्रेलर ने बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में पिता व दो पुत्रों की मौके पर ही मौत हो गई थी। बाइक सवार युवक हेलमेट नहीं लगाए था।
- चार जनवरी को बरालोकपुर में फर्रुखाबाद रोड पर दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे के प्रमुख कारण
- तेज गति से वाहन चलना।
- गलत दिशा में वाहन भगाना।
- शराब पीकर वाहन चलाना।
- वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग।
- सड़कों की खराब हालत होना।
- नींद पूरी न होने पर भी वाहन चलाना।
वर्जन
जिले के सभी ब्लैक स्पॉट की नियमित समीक्षा की जा रही है। जहां संकेतक बोर्ड, रिफ्लेक्टर या अन्य सुरक्षा इंतजामों की कमी है, वहां संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में भी इन बिंदुओं की समीक्षा कर सुधार कार्य कराए जा रहे हैं। समय-समय पर वाहन चालकों को यातायात नियमों के पालन के प्रति जागरूक किया जाता है। -प्रदीप कुमार, एआरटीओ
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फोटो 15: नेशनल हाईवे स्थित समृद्धि हॉस्पिटल के पास बना ब्लैक स्पॉट। संवाद
सीन-1
लाइट न रिफ्लेक्टर का इंतजाम, आए दिन होते हादसे
आगरा-कानपुर नेशनल हाईवे स्थित समृद्धि हॉस्पिटल के पास ब्लैक स्पॉट बना हुआ है। इस जगह पर रोशनी के अलावा रिफ्लेक्टर का कोई इंतजाम नहीं है। इसके अलावा यहां काफी समय पहले बनाए गए ब्रेकर भी घिस चुके हैं। शाम के समय यहां निजी बसें व डंपर खड़े हो जाते हैं। वहीं, तेजी से वाहन आने व अंधेरे में दिखाई न पड़ने से अक्सर यहां हादसे होते हैं। इसके बाद भी यहां सुधार के इंतजाम नहीं हुए हैं। डीएम शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने करीब 12 दिन पहले सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में ब्लैक स्पॉट पर ब्रेकर, रिफ्लेक्टर लाइट, रोशनी, साइन बोर्ड, जेब्रा क्रासिंग आदि के निर्देश दिए थे। इससे सड़क हादसों में कमी लाई जा सके। डीएम के आदेश के बाद भी यहां की स्थिति जस की तस है। इस कारण सड़क हादसों में कमी नहीं आ पा रही है।
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फोटो 16: कुनैरा के पास बने ब्लैक स्पॉट के पास लगा बोर्ड। संवाद
सीन-2 बोर्ड व ब्रेकर बनाकर बना दिया ब्लैक स्पॉट
कुनैरा स्थित 28 वीं पीएसी बटालियन गेट नंबर तीन के पास ब्लैक स्पॉट बना हुआ है। यहां सुरक्षा के इंतजाम के नाम पर ब्रेकर व बोर्ड लगा हुआ है। यहां रोशनी का व रिफ्लेक्टर के कोई इंतजाम नहीं है। यहां आसपास दो स्कूल है। अक्सर वाहन चालक लापरवाही में वाहन चलाते हुए टक्कर मार देते हैं। इसमें यहां कई लोगों की जान जा चुकी है।
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जिले के ब्लैक स्पॉट
जिले में जिन 14 स्थानों को ब्लैक स्पॉट घोषित किया गया है, उनमें बकेवर का सराय मिट्ठे क्षेत्र, बिजौली ओवरब्रिज, महेवा स्थित शाह फूड सर्विस रोड, इकदिल मस्जिद के पास का क्षेत्र, मानिकपुर मोड़, विरारी आश्रम, फ्रेंड्स कॉलोनी में समृद्धि हॉस्पिटल के सामने, आईटीआई चौराहा सर्विस रोड, विचारपुरा गांव के पास, मलाजनी क्षेत्र, राहिन तिराहा, हेवरा पावर हाउस व आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के कुछ हिस्से शामिल हैं।
इस वजह से होते हादसे
ओवरब्रिज, सराय मिट्टे, महेवा शाह फूड सर्विस रोड ओर समृद्धि हॉस्पिटल के सामने वाले हिस्से में आगे का ट्रैफिक साफ दिखाई नहीं देता। इससे तेज रफ्तार वाहन चालक अचानक ब्रेक लगाने को मजबूर होते हैं और टक्कर की आशंका बढ़ जाती है। जसवंतनगर क्षेत्र में नेशनल हाईवे से कचोरा बाईपास की ओर जाने वाला मोड़ ब्लाइंड स्पॉट का ताजा उदाहरण है। यहां सुरक्षा संबंधी पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण लगातार हादसों का खतरा बना रहता है। परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार जनवरी से जून तक पिछले साल कुल 254 सड़क हादसे हुए थे, जो इस वार बढ़कर 297 हो गए हैं। यह पिछली वार की अपेक्षा 43 सड़क हादसे अधिक हुए हैं, जो 16.9 फीसदी अधिक है। इसी तरह इन सड़क हादसों में जान गंवाने वालों की तुलना की जाए तो पिछली वार 123 लोगों की जान चली गई थी। वहीं, इस बार अभी 159 लोगों की जान जा चुकी है। इस तरह पिछले वार की अपेक्षा 36 अधिक लोगों की सड़क हादसों में जान गई है, जो 29.3 फीसदी अधिक है। इसी तरह घायलों की बात करें तो पिछले साल सड़क हादसों में 205 लोग घायल हुए, जबकि इस बार घायलों की संख्या बढ़कर 212 हो गई हैं।
प्रमुख हादसे पर एक नजर
- एक जनवरी को ब्लैक स्पॉट बिजौली में कार ने पिकअप में मारी टक्कर, छह लोग हुए घायल हुए।
- चार जनवरी को जसवंतनगर के जमुना बाग के पास ट्रेलर ने बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में पिता व दो पुत्रों की मौके पर ही मौत हो गई थी। बाइक सवार युवक हेलमेट नहीं लगाए था।
- चार जनवरी को बरालोकपुर में फर्रुखाबाद रोड पर दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे के प्रमुख कारण
- तेज गति से वाहन चलना।
- गलत दिशा में वाहन भगाना।
- शराब पीकर वाहन चलाना।
- वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग।
- सड़कों की खराब हालत होना।
- नींद पूरी न होने पर भी वाहन चलाना।
वर्जन
जिले के सभी ब्लैक स्पॉट की नियमित समीक्षा की जा रही है। जहां संकेतक बोर्ड, रिफ्लेक्टर या अन्य सुरक्षा इंतजामों की कमी है, वहां संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में भी इन बिंदुओं की समीक्षा कर सुधार कार्य कराए जा रहे हैं। समय-समय पर वाहन चालकों को यातायात नियमों के पालन के प्रति जागरूक किया जाता है। -प्रदीप कुमार, एआरटीओ