इटावा। जिले में संचालित कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाने वाली अमर उजाला की खबर प्रकाशित होते ही बुधवार को जिले के कोचिंग संचालकों में खलबली मच गई। कहीं आनन-फानन कोचिंग सेंटरों के बोर्ड और बैनर उतार दिए गए तो कहीं संचालक सेंटरों पर ताला लगाकर गायब हो गए। कई स्थानों पर छात्र-छात्राओं को कोचिंग में 30 जून तक अवकाश होने की सूचना फोन पर दी गई।
जिले में करीब 450 कोचिंग सेंटरों का संचालन हो रहा है, लेकिन डीआईओएस कार्यालय में महज पांच और अग्निशमन विभाग के अभिलेखों में केवल सात कोचिंग सेंटरों का ही पंजीकरण दर्ज है। ऐसे में अधिकांश संस्थान सुरक्षा मानकों और जरूरी अनुमतियों के बिना संचालित हो रहे है। बुधवार को अमर उजाला में सुरक्षा की परीक्षा में कोचिंग सेंटर फेल शीर्षक से खबर प्रकाशित हुई। खबर में फायर एनओसी, आपात निकास, अग्निशमन उपकरण और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की कमी को प्रमुखता से उठाया गया। इसके बाद कई संचालकों ने अपनी पहचान छिपाने की कोशिश शुरू कर दी। गुरुवार को शहर के चौगुर्जी, पक्का तालाब, हर्ष नगर, पक्का बाग, विजय नगर इलाकों में कई कोचिंग सेंटरों के बाहर लगे बड़े-बड़े बोर्ड और होर्डिंग हटे मिले। कुछ संस्थानों के शटर बंद रहे और संचालकों का कोई अता-पता नहीं था। स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्रवाई के डर से कई संचालकों ने अस्थायी रूप से सेंटर बंद कर दिए हैं।