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गोताखोर होते तो बच जाती दोनों की जान

Fri, 12 May 2017 11:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/इटावा
अमर उजाला ब्यूरो/इटावा Updated Fri, 12 May 2017 11:53 PM IST
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If the diver had survived then both of them died
रोते बिलखते परिजन। - फोटो : अमर उजाला

इटावा। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के तोड़ा के पास यमुना में अखंड रामायण पाठ की हवन सामग्री के साथ अन्य सामान का विसर्जन करने गए लोगों के साथ दो किशोरों की यमुना में डूबने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। लोगों का कहना था उन्होंने हादसे की जानकारी पुलिस को तुरंत दी थी। पुलिस करीब डेढ़ घंटे बाद पहुंची लेकिन उनके साथ कोई गोताखोर नहीं था।  बीहडी क्षेत्र होने के कारण वहां पर कोई ऐसा व्यक्ति नहीं था जो नदी में तैरना जानता हो। यदि समय रहते गोताखोर पहुंच जाते तो दोनों को बचाया जा सकता था।

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विक्रमपुर निवासी शंकर सिंह के यहां आयोजित अखंड रामायण में उनकी पुत्री अनीता देवी अपने पुत्र अजय के साथ व भतीजी रीता अपने पुत्र संकित के साथ उसमें शामिल होने के लिए आई थी। हंसी खुशी के साथ कार्यक्रम निबट गया था। शुक्रवार को पूजा सामग्री को यमुना में विसर्जन करने के लिए परिवार की महिलाओं के अलावा बच्चे गए थे। सामान विसर्जन करने के बाद सभी लोग स्नान करने लगे। संकित व अजय भी नहाने लगे। इस दौरान वह गहरे पानी में चले गए तभी वह डूबने लगे। साथ गए लोगों ने शोर मचाया लेकिन वहां पर कोई व्यक्ति नहीं था जो उनका बचाव करता। साथ गए लोगों को इसकी जानकारी पुलिस कंट्रोल रूम को दी। बच्चों के नदी में डूबने की जानकारी मिलने पर सिविल लाइन एसओ गोपाल सिंह यादव मय फोर्स के मौके पर पहुंचे लेकिन कोई गोताखोर उनके साथ नहीं था।
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बाद में उन्होंने आसपास के लोगों को बुलाकर डूबे किशोरों की खोजबीन शुरू कराई। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद लोगों ने किशोरों को ढूंढ निकाला। बाद में दोनों को पुलिस की गाड़ी से अस्पताल भेजा गया। वहां पर डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। विक्रमपुर निवासी विनीत सिंह ने बताया कि पुलिस करीब डेढ़ घंटे बाद मौके पर पहुंची लेकिन गोताखोर न होने के कारण बच्चों को निकालने के प्रयास शुरू नहीं हुए। बाद में जानकारी मिलने पर आसपास के लोग एकत्रित हो गए तो उन्होंने पानी में घुसकर उन्हें निकाला। यदि समय पर गोताखोर मौके पर पहुंच जाते तो बच्चों को बचाया जा सकता था। उन्होंने कहा कि इटावा में गोताखोरों की व्यवस्था होनी चाहिए क्योंकि इसके आसपास कई नदियां हैं और आएदिन हादसे होते रहते हैं। सीओ सिटी ने बताया कि पुलिस विभाग में गोताखोरों की व्यवस्था नहीं है।
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किशोरों की मौत से परिवार में कोहराम
एक साथ दो किशोरों की यमुना में डूबने से हुई मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। मृतक संकित की मां रीता व अजय की मां रीना का रो-रोकर बुरा हाल है। इसके अलावा ननिहाल पक्ष के लोगों में भी कोहराम मचा है। उनका कहना है कि दोनों बच्चे उनके यहां आए थे और हादसा हो गया। गांव के लोग परिजनों को सांत्वना दे रहे थे।

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