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मांगें नहीं मानीं तो बदल देंगे सरकार

Thu, 28 Oct 2021 11:48 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 28 Oct 2021 11:48 PM IST
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If the demands are not accepted, the government will change
इटावा। शिक्षक कर्मचारी पेंशन अधिकार मंच के आह्वान पर राज्य कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन किया। विकास भवन में धरना सभा में कर्मचारियों की भीड़ उमड़ पड़ी। पुरानी पेंशन बहाली सहित कई मामलों को उठाया गया।
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कर्मचारियों ने हुंकार भरी कि मांगें पूरी नहीं हुई तो आगामी विस चुुनाव में सरकार बदल देंगे। मंच के जिलाध्यक्ष विनोद यादव के नेतृत्व में विकास भवन में पुरानी पेंशन बहाली सहित अन्य मांगों को मनवाने को धरना दिया।
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कर्मियों और शिक्षकों की भीड़ से विकास भवन भर गया तो आंबेडकर चौराहे से डीएम चौराहे के मध्य वाली सड़क पर बैठकर धरना देना पड़ा। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश अध्यक्ष इंजीनियर हरि किशोर तिवारी ने कहा कि पूरे प्रदेश का कर्मचारी आज आंदोेलित है।
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कर्मियों के साथ भाजपा सरकार बराबर अन्याय करती आ रही है। पुरानी पेंशन बहाली सहित अन्य मांगों को पूरा करके ही दम लेना है। सभी को एकजुट होकर आंदोलन में सहभागिता देनी चाहिए।
मंच के जिलाध्यक्ष विनोद यादव ने कहा कि सरकार शिक्षकों एवं कर्मचारियों के हितों के प्रति संवेदन शून्य है। जनप्रतिनिधि स्वयं तो पुरानी पेंशन ले रहे और जो शिक्षक, कर्मी पूरा जीवन सरकार की सेवा में लगा रहा, उसे पुरानी पेंशन से वंचित कर बुढ़ापे की लाठी को छीन लिया।
कहा कि ऑनलाइन कार्य के नाम पर शिक्षकों का शोषण बंद किया जाए और शिक्षामित्र, अनुदेशक विशेष शिक्षक, रसोइया, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं आउटसोर्सिंग के कर्मचारियों को स्थायी किया जाए।
सरकार की निजीकरण की नीति का हम लोग विरोध करते हैं। कहा कि हमारी मांगे न मानी गईं तो 30 नवंबर को लखनऊ कूच करेंगे।
मंच के जिला संयोजक राजेश मिश्रा ने कहा कि सरकार ने पुरानी पेंशन बहाली सहित अन्य मांगों के लिए समितियां गठित की, लेकिन समितियों ने कोई भी कार्य नहीं किया।
पुरानी पेंशन बहाली, कर्मचारियों के महंगाई भत्ते के एरियर का भुगतान, काटे गए भत्तों की बहाली आदि सभी मांगों पर सरकार जब तक निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
सरकार को जल्द शासनादेश जारी करना होगा
मंच के जिला महासचिव अरविंद शर्मा ने कहा कि कलक्ट्रेट को विशिष्ट प्रतिष्ठा प्रदान करते हुए ग्रेड वेतन के उच्चीकरण का शासनादेश विभाग अध्यक्ष की संस्तुति के बाद भी जारी नहीं किया गया।
मंच के वरिष्ठ उपाध्यक्ष कृपा शंकर यादव ने कहा कि हमारी मांगे जायज हैं। सरकार को इन्हें स्वीकार कर जल्द शासनादेश जारी करना चाहिए। मंच के सह संयोजक राजीव यादव ने कहा कि आंगनबाड़ी, रसोइयों, आशाओं एवं आउट सोर्सिंग कर्मियों को स्थायी किया जाए।
मंच के राष्ट्रीय कवि कमलेश शर्मा ने कहा कि महंगाई भत्ते के एरियर का भुगतान, सरकार द्वारा काटे गए भत्तों की बहाली एवं वित्तविहीन शिक्षकों के मानदेय की बहाली की जाए। मंच के उपाध्यक्ष एवं लेखपाल संघ के अध्यक्ष गुरुप्रसाद चौधरी ने कहा कि की वर्तमान सरकार कर्मचारी विरोधी सरकार है।

ये रहे मौजूद
बृजानंद शर्मा, डॉ शैलेंद्र शर्मा, दिलीप मिश्रा, ओमकार यादव, बृजेश यादव, उमा शंकर गुप्ता, प्रदीप सक्सेना, पवन श्रीवास्तव, शारदेंदु शरद, उपेंद्र वर्मा, पूरन सिंह, राजदा खातून, अनिल यादव, उर्वशी दीक्षित, प्रशांत पोरवाल, आफताब हुसैन, ओमकार यादव, अरविंद धनग समेत कर्मचारियों, शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशाओं एवं रसोइया।
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