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पुलिस हिरासत से भागे हिस्ट्रीशीटर का रेलवे लाइन पर मिला शव
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फोटो संख्या 33- पोस्टमार्टम पर घटना की जानकारी देते मृतक मोनू के पिता सत्यभान व भाई सोनू के साथ गां?
- फोटो : ETAWHA
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फलवेदी थाने से हथकड़ी समेत भागे हिस्ट्रीशीटर मोनू उर्फ धीरेंद्र तोमर का शव शुक्रवार को भरथना स्टेशन के पास रेलवे लाइन पर पड़ा मिला।
सोशल मीडिया पर फोटो वायरल होने पर परिजनों ने शिनाख्त की। पिता ने पुलिस पर पीटने और मौत के बाद शव को पटरी पर फेंकने का आरोप लगाया है। उसने उच्चस्तरीय जांच की मांग भी की है।
लवेदी प्रतिनिधि संवाद के मुताबिक क्षेत्र के नवादा बहादुरपुर निवासी हिस्ट्रीशीटर व टॉप-टेन के बदमाश मोनू उर्फ धीरेंद्र सिंह तोमर को पुलिस ने बुधवार रात ददोरा पुलिया के पास से गिरफ्तार किया था।
उसकी वैन शराब व तमंचा, कारतूस बरामद हुआ था। पुलिस ने उसे आर्म्स व आबकारी एक्ट के साथ ही गुंडा एक्ट में गिरफ्तार किया था। था ना पुलिस का कहना था कि बुधवार देर रात ही मोनू पुलिस हिरासत से हथकड़ी समेत फरार हो गया था।
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पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीमें उसकी तलाश में लगी थीं। पुलिस मोनू के पिता सत्यभान, मां, पत्नी, भाई सोनू उर्फ धमेंद्र व मौसी उमा को हिरासत में लेकर पूछताछ भी कर रही थी।
शुक्रवार को सोशल मीडिया पर मोनू का फोटो वायरल हुआ। उसने लिखा था कि इस युवक का भरथना रेलवे स्टेशन के पास रेलवे लाइन पर शव मिला है। वायरल फोटो देखकर मोनू का एक रिश्तेदार शाम को लवेदी थाने पहुंचा।
पहले तो पुलिस को यकीन नहीं हुआ। परिजनों के मिन्नत करने पर पुलिस ने मोनू के पिता व भाई को शिनाख्त के लिए शवगृह ले गई। शव देखकर सत्यभान व धर्मेंद्र फफक पड़े। दोनों ने आरोप लगाया कि थाने में पुलिस वालों ने करीब चार घंटे तक मोनू को पीटा।
मौत होने से बाद आत्महत्या दिखाने के लिए शव को भरथना रेलवे स्टेशन के पास पटरी पर फेंक दिया गया। धर्मेंद्र व उसके साथ आए लोगों ने हंगामा भी शुरू कर दिया।
पुलिसकर्मियों ने किसी तरह उन्हें शांत कराया। देर रात पोस्टमार्टम के बाद शव पुलिस की निगरानी में उसके घर भेज दिया गया।
सत्यभान ने बेटे मोनू का शव देखने के बाद कहा कि कोई ट्रेन के सामने कूदकर जान देता, तो शरीर के परखच्चे उड़ जाते। हाथ-पैर टूट जाते, लेकिन मोनू के चेहरे व गले के अलावा शरीर पर पिटाई की चोटें दिखाई दे रही हैं।
ट्रेन के सामने कूदने जैसी चोटें नहीं है। इसके साफ जाहिर है कि पुलिस की पिटाई से ही बेटे की जान गई है। उन्होंने मामले की न्यायिक जांच व उच्चस्तरीय जांच के साथ ही मुआवजे की मांग की है।
भरथना रेलवे स्टेशन के पश्चमी ओर अपलाइन पर नगरा नगरु गांव के सामने मोनू का शव गुरुवार की रात मिला था। जीआरपी ने शव की शिनाख्त कराने का प्रयास नहीं किया। न ही जिला पुलिस को शव मिलने की सूचना ही दी।
सोशल मीडिया पर मोनू की मृत अवस्था का फोटो वायरल न होता तो उसे परिवार के लोगों का कांधा भी नहीं मिलता और पुलिस लावारिस में उसका अंतिम संस्कार करा देती।
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सोशल मीडिया पर फोटो वायरल होने पर परिजनों ने शिनाख्त की। पिता ने पुलिस पर पीटने और मौत के बाद शव को पटरी पर फेंकने का आरोप लगाया है। उसने उच्चस्तरीय जांच की मांग भी की है।
लवेदी प्रतिनिधि संवाद के मुताबिक क्षेत्र के नवादा बहादुरपुर निवासी हिस्ट्रीशीटर व टॉप-टेन के बदमाश मोनू उर्फ धीरेंद्र सिंह तोमर को पुलिस ने बुधवार रात ददोरा पुलिया के पास से गिरफ्तार किया था।
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उसकी वैन शराब व तमंचा, कारतूस बरामद हुआ था। पुलिस ने उसे आर्म्स व आबकारी एक्ट के साथ ही गुंडा एक्ट में गिरफ्तार किया था। था ना पुलिस का कहना था कि बुधवार देर रात ही मोनू पुलिस हिरासत से हथकड़ी समेत फरार हो गया था।
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पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीमें उसकी तलाश में लगी थीं। पुलिस मोनू के पिता सत्यभान, मां, पत्नी, भाई सोनू उर्फ धमेंद्र व मौसी उमा को हिरासत में लेकर पूछताछ भी कर रही थी।
शुक्रवार को सोशल मीडिया पर मोनू का फोटो वायरल हुआ। उसने लिखा था कि इस युवक का भरथना रेलवे स्टेशन के पास रेलवे लाइन पर शव मिला है। वायरल फोटो देखकर मोनू का एक रिश्तेदार शाम को लवेदी थाने पहुंचा।
पहले तो पुलिस को यकीन नहीं हुआ। परिजनों के मिन्नत करने पर पुलिस ने मोनू के पिता व भाई को शिनाख्त के लिए शवगृह ले गई। शव देखकर सत्यभान व धर्मेंद्र फफक पड़े। दोनों ने आरोप लगाया कि थाने में पुलिस वालों ने करीब चार घंटे तक मोनू को पीटा।
मौत होने से बाद आत्महत्या दिखाने के लिए शव को भरथना रेलवे स्टेशन के पास पटरी पर फेंक दिया गया। धर्मेंद्र व उसके साथ आए लोगों ने हंगामा भी शुरू कर दिया।
पुलिसकर्मियों ने किसी तरह उन्हें शांत कराया। देर रात पोस्टमार्टम के बाद शव पुलिस की निगरानी में उसके घर भेज दिया गया।
सत्यभान ने बेटे मोनू का शव देखने के बाद कहा कि कोई ट्रेन के सामने कूदकर जान देता, तो शरीर के परखच्चे उड़ जाते। हाथ-पैर टूट जाते, लेकिन मोनू के चेहरे व गले के अलावा शरीर पर पिटाई की चोटें दिखाई दे रही हैं।
ट्रेन के सामने कूदने जैसी चोटें नहीं है। इसके साफ जाहिर है कि पुलिस की पिटाई से ही बेटे की जान गई है। उन्होंने मामले की न्यायिक जांच व उच्चस्तरीय जांच के साथ ही मुआवजे की मांग की है।
भरथना रेलवे स्टेशन के पश्चमी ओर अपलाइन पर नगरा नगरु गांव के सामने मोनू का शव गुरुवार की रात मिला था। जीआरपी ने शव की शिनाख्त कराने का प्रयास नहीं किया। न ही जिला पुलिस को शव मिलने की सूचना ही दी।
सोशल मीडिया पर मोनू की मृत अवस्था का फोटो वायरल न होता तो उसे परिवार के लोगों का कांधा भी नहीं मिलता और पुलिस लावारिस में उसका अंतिम संस्कार करा देती।