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तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि, फसलें तबाह

Sun, 09 Jan 2022 10:27 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 09 Jan 2022 10:27 PM IST
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Hail rain with heavy rain, crops destroyed
इटावा/महेवा/बकेवर। रविवार को मौसम के कई बार रूप बदलने से लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। सुबह बूंदाबांदी के बाद करीब 10 बजे कुछ देर के लिए धूप निकली, लेकिन इसके बाद पूरे दिन बदली छाई रही।
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शाम करीब चार बजे कुछ देर के लिए हल्की बारिश हुई। कई जगहों पर ओलावृष्टि होने से सरसों और आलू की फसल तबाह हो गई। सर्द हवाएं चलने से दिन में गलन भरी सर्दी आ असर रहा। रविवार को न्यूनतम तापमान में एक डिग्री की गिरावट देखने को मिली।
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रविवार को न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 20 डिग्री पर रहा। गलन से बचने के लिए लोग घरों से जरूरत के अनुसार ही बाहर निकले। महेवा ब्लाक क्षेत्र में गेहूं, चना आदि की फसलों को फायदा होगा।
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सरसों की फूली हुई फसल को नुकसान होने की आशंका है। मौसम में आए बदलाव की वजह से कुछ किसान खुश हैं, तो कुछ निराश भी हैं। किसान नरेश तिवारी ने बताया कि सरसों की फसल में फूल आ गए हैं।
बारिश के चलते फसल गिर जाएगी और फूल भी झड़ जाएंगे। किसान रामचंद्र का कहना है बारिश थोड़ी रुककर होने पर फसलों को ज्यादा फायदा होता। रविवार को बकेवर और लखना क्षेत्र में बारिश होने से किसानों के चेहरों मुरझा गए हैं।
सुबह साढ़े आठ बजे से हुई तेज बारिश से किसान परेशान रहे। लवेदी क्षेत्र में सड़क पर कीचड़ से राहगीर परेशान रहे। बारिश से किसानों को काफी नुकसान हुआ है। हालांकि ,गेहूं की फसल को फायदा होगा।
सरसों, आलू, चना, मटर की फसल को नुकसान होने की आशंका बढ़ गई है। जिसके चलते किसान बेहद परेशान हैं। रविवार को सुबह सात बजे से हुई झमाझम बारिश से मटर, आलू, सरसों, चना को नुकसान हो सकता है।
इस वजह से चना, मटर, आलू की पैदावार में कमी आने की आशंका से किसान बेहद चिंतित हैं।
हालांकि, गेहूं बेझर की फसल को कोई नुकसान नहीं है। लवेदी के ग्राम ईकरी ,मड़ौली, असदपुर, बिधीपुरा, जैतपुरा, नगला शिवसिंह, बिलहटी, प्रहलादपुर समेत अन्य गांवों में गलियों में पानी भरने व कीचड़ से ग्रामीणों का निकलना दूभर हो गया।
ओलावृष्टि से आलू, सरसों उत्पादक किसान चिंतित
जसवंतनगर। ओलावृष्टि ने किसानों के माथे पर पसीना ला दिया है। इलाके में 60 प्रतिशत से आलू बोया गया है। अभी 15 से 20 प्रतिशत खेतों में सरसों और गेहूं की फसल खड़ी है।
आलू की बुवाई नवंबर से ही शुरू हो जाती है। इस समय आलू जमीन में बढ़ना शुरू हो गया है। किसान बुवाई के बाद दो पानी लगा चुके हैं, लेकिन लिए उन्हें बारिश से काफी नुकसान हो रहा है।

शनिवार को रात में ओला पड़ने से आलू की फसल गिर गई। ऐसे में आलू की बढ़त और पैदावार घट सकती है।
साथ ही आलू भी दागी हो सकता है। ग्राम निलोई, नगला इच्छा, हरकूपुर, अंडावली, कोकावली, बहादुरपुर नसीरपुर, नगला भगत, निजामपुर, बहोरीपुर, बिहारीपुर पीहरपुर, भीकनपुर में लगभग एक दर्जन गांव में करीब 25 मिनट तक ओला गिरे।
इससे आलू ही नहीं, बीहड़ी इलाके में फूल दे रही सरसों का फूल झड़ गया, पेड़ भी जमीन पर लेट गए।
किसान शिवप्रकाश, भारत सिंह, ब्रज किशोर, बादशाह, रक्षपाल सिंह आदि का कहना है सरसों की तिलहन फसल को इस वर्ष अच्छी कीमत मिलने की उम्मीद थी।
बरसात और ओलों ने अरमानों ने पानी फेर दिया। बरसात से गेहूं उत्पादक किसान तो खुश हैं, लेकिन ओलावृष्टि से खड़ी फसल जमीन पर बिछ गई।
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