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खाद्यान्न वितरण बढ़ा फिर भी हजाराें लोगों की झोली खाली
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
Updated Sun, 28 Aug 2016 11:45 PM IST
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खाद्य सुरक्षा लागू होने के बाद से जिले में खाद्यान्न का वितरण 56 हजार मीट्रिक टन से बढ़कर 66 हजार मीट्रिक टन हो गया है। इसके बाद भी हजारों लोग योजना के लाभ से वंचित हैं। ये लोग पूर्ति विभाग दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं। लेकिन लक्ष्य पूरा होने की वजह से उन्हें राहत नहीं मिल रही।
जिले में केंद्र सरकार का खाद्य सुरक्षा गारंटी अधिनियम एक जनवरी से लागू हो चुका है। इसके तहत पात्र लोगों को बेहद सस्ती दरों पर गेहूं और चावल मुहैया कराया जा रहा है। इस नई व्यवस्था का लाभ ये मिला कि पहले जहां करीब 3.11 लाख परिवारों को 56 हजार मीट्रिक टन गेहूं-चावल मिलता था। वहीं अब आंकड़ों के अनुसार 2,77,400 लोगों को 66 हजार मीट्रिक टन अनाज बंट रहा है। लेकिन खाद्यान्न में करीब 10 हजार मीट्रिक टन की बढ़ोत्तरी होने के बाद भी हजारों लोग इससे वंचित हैं। कलक्ट्रेट स्थित जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय में रोजाना ऐसे लोग दस्तक दे रहे हैं। ये खाद्य सुरक्षा के तहत बनी पात्रों की सूची में अपना नाम शामिल कराना चाहते हैं। लेकिन ये सूची शासन से लॉक की जा चुकी है। लिहाजा इसमें परिवर्तन नहीं हो सकता।
नई व्यवस्था में लक्ष्य पूरा
खाद्य सुरक्षा के तहत लागू नई व्यवस्था का लक्ष्य पूरा हो चुका है। इसमें कुल आबादी के करीब 75 फीसदी को खाद्यान्न मुहैया कराना था। इसमें भी पूर्व में अंत्योदय कार्डधारकों को शत प्रतिशत शामिल करना अनिवार्य था। लिहाजा सभी 46082 अंत्योदय कार्डधारकों को पात्रों में जोड़ा गया है। शेष 2,31,318 शहरी और ग्रामीण क्षेत्र की पात्र गृहस्थियां हैं। जिसमें नगरीय क्षेत्र के करीब 54 हजार पात्र गृहस्थी के लाभार्थी शामिल हैं।
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जिले में केंद्र सरकार का खाद्य सुरक्षा गारंटी अधिनियम एक जनवरी से लागू हो चुका है। इसके तहत पात्र लोगों को बेहद सस्ती दरों पर गेहूं और चावल मुहैया कराया जा रहा है। इस नई व्यवस्था का लाभ ये मिला कि पहले जहां करीब 3.11 लाख परिवारों को 56 हजार मीट्रिक टन गेहूं-चावल मिलता था। वहीं अब आंकड़ों के अनुसार 2,77,400 लोगों को 66 हजार मीट्रिक टन अनाज बंट रहा है। लेकिन खाद्यान्न में करीब 10 हजार मीट्रिक टन की बढ़ोत्तरी होने के बाद भी हजारों लोग इससे वंचित हैं। कलक्ट्रेट स्थित जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय में रोजाना ऐसे लोग दस्तक दे रहे हैं। ये खाद्य सुरक्षा के तहत बनी पात्रों की सूची में अपना नाम शामिल कराना चाहते हैं। लेकिन ये सूची शासन से लॉक की जा चुकी है। लिहाजा इसमें परिवर्तन नहीं हो सकता।
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नई व्यवस्था में लक्ष्य पूरा
खाद्य सुरक्षा के तहत लागू नई व्यवस्था का लक्ष्य पूरा हो चुका है। इसमें कुल आबादी के करीब 75 फीसदी को खाद्यान्न मुहैया कराना था। इसमें भी पूर्व में अंत्योदय कार्डधारकों को शत प्रतिशत शामिल करना अनिवार्य था। लिहाजा सभी 46082 अंत्योदय कार्डधारकों को पात्रों में जोड़ा गया है। शेष 2,31,318 शहरी और ग्रामीण क्षेत्र की पात्र गृहस्थियां हैं। जिसमें नगरीय क्षेत्र के करीब 54 हजार पात्र गृहस्थी के लाभार्थी शामिल हैं।
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