{"_id":"ef1adb8eb0bb4d0d8a1924ace108e8a0","slug":"get-rid-of-water-logging-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मिलेगी जलभराव से मुक्ति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मिलेगी जलभराव से मुक्ति
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
Updated Wed, 04 Feb 2015 11:53 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर के रामनगर तथा महेरा चुंगी क्षेत्र में जलभराव की समस्या का समाधान निकालने के लिए पालिका ने गंभीरता से काम करना शुरू कर दिया है। पालिका के अभियंताआें ने इन क्षेत्रों का भ्रमण करने के बाद समस्या का समाधान निकालने के लिए जल निगम निर्माण शाखा को पत्र लिखकर कार्य योजना तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी है।
विज्ञापन
संभवता फरवरी के आखिर तक कार्ययोजना तैयार कर शासन के पास मंजूरी के लिए भेज दी जाएगी। शासन से वित्तीय स्वीकृत मिलते ही कार्य योजना पर काम शुरू कर दिया जाएगा। उम्मीद है कि आने वाले अगले चार महीने के अंदर समस्या से मुक्ति मिल जाएगी। बता दें कि जलभराव के कारण दोनों मोहल्ले के लोग नारक ीय जीवन जीने के लिए मजबूर हैं।
विज्ञापन
लाइन पार क्षेत्र का रामनगर मोहल्ला लंबे समय से जलभराव की समस्या से जूझ रहा है। पुरानी तलैया पर अतिक्रमण के कारण पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। मोहल्ले के एक बड़े हिस्से का पानी इसी तालाब में आता है। तलैया के ओवर फ्लो हो जाने से आधा सैकड़ा से अधिक घर हर समय पानी से घिरे रहते हैं।
विज्ञापन
बरसात के मौसम में तो गंदा पानी घरों में घुस जाता है। पानी के साथ कीड़े मकोड़े भी घरों में घुस आते हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत स्कूल जाने वाले बच्चों को होती है। जलभराव के कारण स्कूली वाहन भी इस क्षेत्र में नहीं आते। अभिभावकों को स्वयं ही सड़क तक बच्चों को छोड़ने के लिए जाना होता है।
इसी प्रकार रामनगर फाटक के पास जलभराव की समस्या विकराल रूप लिए है। यहां नाला न होने के कारण पानी एक ही स्थान पर बिजली स्टेशन के पास भर रहता है। करीब आधा दर्जन घर पांच-पांच फीट तक पानी में डूबे हैं। नाले के जरिए मैनपुरी फाटक तक का पानी यहां आकर भर जाता है। कई बार स्थानीय लोगाें के द्वारा तहसील दिवस में शिकायत की जा चुकी है।
वहीं महेरा चुंगी क्षेत्र में जलभराव की समस्या गंभीर रूप धारण किए हुए है। पिछले साल तक घरों का गंदा पानी प्राचीन महेरा तालाब में जाता रहा। मगर अब कुछ लोगों के द्वारा तालाब की जमीन पर अतिक्रमण कर लिए जाने से जलनिकासी की समस्या पैदा हो गई है।
दिसंबर के महीने में तो जलनिकासी को लेकर प्रकाशनगर में दो गुट आमने-सामने आ गए थे। पुलिस के साथ गए नगरपालिका के अमले पर भी स्थानीय लोगाेें ने पथराव कर खदेड़ दिया था। प्रकाश नगर मंदिर के सामने एक गुट ने अवरोध खड़ा कर पानी क ी निकासी रोक दी थी।
कोर्ट के आदेश पर अवरोध तो हटा दिए गए, लेकिन इसके बाद से दोनों पक्षों में तनाव है। रामनगर और प्रकाशनगर में जलनिकासी की समस्या को जिलाधिकारी ने गंभीरता से लिया। उनके निर्देश पर पालिका के अधिकारियों ने जलनिगम के अधिकारियों के साथ दोनों मोहल्लों का मुआयना किया।
पालिका की अपील पर जलनिगम तथा सीएनडीएस के द्वारा कार्ययोजना तैयार की जा रही है। कार्ययोजना तैयार होने के बाद फंड स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जाएगा। बजट पास होने के बाद कार्ययोजना पर अमल शुरू कर दिया जाएगा।
क्यों है समस्या
लाइनपार क्षेत्र में बीचों बीच रेल लाइन होने के कारण जलभराव की समस्या का समाधान नहीं निकल पा रहा है। पालिका के अधिकारियों का कहना है कि पानी नदी में डालनें के लिए रेलवे की लाइन के नीचे से नाला निकाला जाएगा। रेलवे से नाला निर्माण की अनुमति मिलना संभव नहीं है। सीवर प्रोजेक्ट सफल हो जाने के बाद ही समस्या का हल निकल सकता है।