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Etawah News: एआई से गैस्ट्रिक कैंसर का लगा पता, ऑपरेशन सफल

Wed, 27 May 2026 11:31 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 27 May 2026 11:31 PM IST
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Gastric Cancer Detected via AI; Surgery Successful
फोटो: 28 सफल ऑपरेशन करने वाली आयुर्विज्ञान विवि के गेस्ट्रो सर्जरी विभाग की टीम। स्रोत विवि
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- आयुर्विज्ञान विवि सैफई में हुआ गैस्ट्रिक कैंसर का ऑपरेशन, मरीज ने शुरू किया खाना-पीना
- बीमारी प्रति एक लाख लोगों में नौ से 10 व्यक्तियों में होता है गैस्ट्रिक कैंसर
संवाद न्यूज एजेंसी

इटावा। आयुर्विज्ञान विवि सैफई में गैस्ट्रो सर्जरी विभाग में गैस्ट्रिक कैंसर का सफल ऑपरेशन एआई आधारित एंडोस्कोपी से संभव हुआ है। ऑपरेशन के बाद अब मरीज पूरी तरह स्वस्थ है और उसने सामान्य रूप से पानी और भोजन लेना भी शुरू कर दिया है।
आयुर्विज्ञान विवि सैफई के गैस्ट्रो सर्जरी विभाग में मरीज विमलेश कुमार (42) पेट दर्द की समस्या लेकर पहुंचा था। यहां गैस्ट्रो सर्जरी ओपीडी में डॉ कन्हैया लाल चौधरी ने मरीज का परीक्षण किया और लक्षण के आधार पर एआई आधारित एंडोस्कोपी से जांच की सलाह दी। इसके बाद उन्होंने मरीज की एंडोस्कोपी की तो मरीज में गैस्ट्रिक कैंसर और उसके प्रकृति का पता चला।
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इस बीमारी में सर्जरी की तत्काल आवश्यकता थी इसके लिए मरीज को भर्ती कर ऑपरेशन के लिए तैयार किया जाना भी एक जटिल समस्या थी। क्योंकि इस तरह के ऑपरेशन में मरीज के जोड़ खुलने, खांसी आने, छाती में पानी एवं सांस फूलने से जान को खतरा रहता है। इन सब को ध्यान में रखते हुए मरीज को चार यूनिट खून चढ़ाया गया और टोटल गैस्ट्रेक्टॉमी व बाईपास ऑपरेशन किया। मरीज ने ऑपरेशन के पांच दिन बाद पानी पीना और सात दिन बाद भोजन लेना शुरू कर दिया है।
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डॉ. कन्हैया लाल चौधरी ने बताया कि गैस्ट्रिक कैंसर एक प्रकार का ट्यूमर है जो पेट में बन जाता है। इस समस्या से पीड़ित व्यक्ति को खून की कमी, भूख की कमी, वजन घटना, पेट दर्द काले मल जैसी समस्याएं रहती हैं। यह बीमारी प्रति एक लाख लोगों में नौ से 10 व्यक्तियों में भारत में पाई जाती है और 60 से 80 वर्ष आयु वाले व्यक्ति इसकी चपेट में ज्यादा आते हैं। इसका इलाज प्रारंभिक स्तर पर एंडोस्कोपिक सर्जरी व उन्नत अवस्था में टोटल गैस्ट्रेक्टॉमी विधि से किया जाता है।
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