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जीपीएस से लैस होंगे उड़नदस्ते
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
Updated Sun, 08 Jan 2017 11:13 PM IST
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विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों के चुनावी खर्च पर निगाह रखने वाले फ्लाइंग स्कॉट की गाड़ियां भी प्रेक्षक और कंट्रोल रूम की मॉनीटरिंग में रहेंगी। जिले में नौ उड़नदस्ते बनाए गए हैं। इन सभी पर जीपीएस (ग्लोबल पोजिशिनिंग सिस्टम) लगाया जाएगा, ताकि इनकी लोकेशन अधिकारियों को पता रहे।
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सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों का कहना है कि नोटबंदी के चलते इस बार विधानसभा चुनाव में नगदी का बोलबाला कम होगा। चुनाव आयोग ने खर्च की सीमा 28 लाख निर्धारित की है, जो पर्याप्त है। बावजूद इसके आयोग किसी भी प्रकार की छूट देने के मूड में नहीं है। उड़नदस्ता बनाए गए हैं और स्ट्रेटिक टीम गठित हुई हैं। जो विभिन्न स्थानों पर नाकाबंदी करके वाहनों की चेकिंग करेंगी। इस बार खास बात ये है कि उड़नदस्ता टीमों पर भी निगरानी रखी जाएगी। जिले में इटावा, जसवंतनगर व भरथना सुरक्षित तीन विधानसभा क्षेत्र हैं। हरेक विधानसभा क्षेत्र में तीन-तीन उड़नदस्ता बनाए गए हैं। जिनमें पुलिस व अधिकारी तैनात रहेंगे। ये टीमें किस जगह मौजूद हैं, कहीं से कोई सूचना मिलने के कितनी देर बाद संबंधित स्थल पर पहुंचेंगी या फिर कौन सी टीम किस लोकेशन पर मौजूद है। ये जानकारी कलक्ट्रेट में बनाए जा रहे कंट्रोल रूम को रहेगी।
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कंट्रोल रूम में व्यय नियंत्रण प्रभारी/ वरिष्ठ कोषाधिकारी राम अवतार मौजूद रहेंगे। साथ ही आयोग से भेजे गए व्यय प्रेक्षक भी टीम के लोकेशन से जुड़े रहेंगे। वरिष्ठ कोषाधिकारी राम अवतार ने बताया कि फ्लाइंग स्कॉट का अहम कार्य नामांकन की तारीख से शुरू हो जाएगा और मतगणना तक चलेगा। इस दौरान प्रत्याशियों के खर्चों के साथ नगदी लेकर आने जाने वालाें पर नजर रखी जाएगी। फ्लाइंग स्कॉट की सभी नौ गाड़ियों पर जल्द ही जीपीएस लगाए जाएंगे। सिस्टम इंस्टालेशन को जोड़कर एक गाड़ी पर करीब 1800 का खर्च आएगा। उल्लेखनीय है कि जिले में 24 जनवरी से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी।
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वर्जन
लखनऊ के ठेकेदार को जीपीएस लगाने का काम दिया गया है। जल्द ही उड़नदस्ता वाहनों पर ये सिस्टम लगा दिया जाएगा। जिससे गाड़ियों की लोकेशन पता रहेगी।
जितेंद्र सिंह, एडीएम/उप जिला निर्वाचन अधिकारी, इटावा