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दहेज उत्पीडन में पति सहित पांच को दो दो साल की सजा
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इटावा। 22 वर्ष से चले रहे दहेज उत्पीड़न के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दिलीप कुमार सचान ने बुधवार को पति समेत पांच आरोपियों को दोषी करार दिया। दोषियों को दो-दो साल की सजा सुनाई गई। सभी पर साढ़े तीन तीनहजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर दो-दो माह का अतिरिक्त कारावास भोगना पड़ेगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार आलमपुरा निवासी कासिम की शादी एक नवंबर 1998 को शाकरा परवीन से हुई थी। ससुराल वाले दहेज में बाइक और रंगीन टीवी की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर शाकरा का उत्पीड़न करने लगे। भाई ने बहनाई कासिम व उसके परिवारवालों को समझाया, लेकिन उन्होंने शाकरा का उत्पीड़न बंद नहीं किया। आठ मार्च 1998 को मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया।
शाकरा ने पति कासिम, ससुर अब्दुल बहाव, सास शमी अख्तर, जेठ असलम, जेठानी आसिया के खिलाफ दहेज उत्पीड़न व मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने विवेचना कर पत्रावली कोर्ट में पेश की। मुकदमे की सुनवाई मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में हुई। सहायक अभियोजन अधिकारी आशुतोष सिंह व तारिक एन खान की ओर से प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों व गवाहों की गवाही के आधार पर कोर्ट ने सभी आरोपियों को दोषी करार दिया।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार आलमपुरा निवासी कासिम की शादी एक नवंबर 1998 को शाकरा परवीन से हुई थी। ससुराल वाले दहेज में बाइक और रंगीन टीवी की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर शाकरा का उत्पीड़न करने लगे। भाई ने बहनाई कासिम व उसके परिवारवालों को समझाया, लेकिन उन्होंने शाकरा का उत्पीड़न बंद नहीं किया। आठ मार्च 1998 को मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया।
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शाकरा ने पति कासिम, ससुर अब्दुल बहाव, सास शमी अख्तर, जेठ असलम, जेठानी आसिया के खिलाफ दहेज उत्पीड़न व मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने विवेचना कर पत्रावली कोर्ट में पेश की। मुकदमे की सुनवाई मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में हुई। सहायक अभियोजन अधिकारी आशुतोष सिंह व तारिक एन खान की ओर से प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों व गवाहों की गवाही के आधार पर कोर्ट ने सभी आरोपियों को दोषी करार दिया।
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