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आग लगे तो खुद ही बुझाओ
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
Updated Sat, 10 Mar 2018 11:49 PM IST
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पुलिस लाइन में बने दमकल विभाग के कार्यालय में खड़ी गाड़ियां
- फोटो : अमर उजाला
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गर्मियों का मौसम शुरू हो गया है। खेताें में फसलें पकने के लिए तैयार खड़ी है। तेज हवाएं चलने से अक्सर बिजली के तार आपस में टकराते हैं और उनसे निकली चिंगारी से फसलों में आग लगने का भी खतरा रहता है। जिले की फायर सर्विस ने आग की घटनाओं से निपटने की तैयारी तो शुरू कर दी है पर विभाग के पास पर्याप्त संसाधन मौजूद नहीं हैं। ऐसे में कहीं आग की घटना होती है तो खुद ही बुझाओ। विभाग के पास न तो पर्याप्त संख्या में मैन पावर है और न ही दमकलें। संसाधनों के अभाव में आग कैसे बुझेगी।
गर्मी के शुरूआत में ही रबी की फसल पककर तैयार होती है। जरा सी चिंगारी फसलों को तबाह कर जाती है। जहां तक सावधानियां बरतने का सवाल है तो अक्सर खेत के ऊपर से गुजरे बिजली के तार आग का कारण बनते है। समय रहते इस पर ध्यान दें। यदि कहीं पर बिजली के तार झूल रहे हैं तो तुरंत विद्युत विभाग में शिकायत कर उसको दुरुस्त करा लें। इसके अलावा खेत के आसपास घास पूस न जलाएं। खाना बनाने के बाद चूल्हे को पूरी तरह से बुझा दें। खेलते बच्चों पर भी ध्यान दें।
जहां तक आग की घटनाओं से निपटने के लिए विभागीय तैयारियों का सवाल है तो विभाग ने अपने पास मौजूद संसाधनों के जरिए कमर कस ली है। मगर विभाग के पास मौजूद सीमित संसाधन आग पर कैसे काबू पा सकेंगे यह प्रश्न बना हुआ है। जिले की भौगोलिक स्थित ऐसी है कि मैदानी क्षेत्र के अलावा बीहड़ का भी क्षेत्र आता है। जिले में छह तहसील हैं। सरकार की मंशा है कि प्रत्येक तहसील में फायर स्टेशन बनाए जाए। फिलहाल इटावा और सैफई तहसील में ही फायर स्टेशन बनाए जा सके हैं।
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पूरे जिले में आग की घटनाओं पर काबू पाने के लिए सिर्फ तीन दमक लें हैं। इनमें दो इटावा में व एक सैफई के फायर स्टेशन पर रहती है। इसके अलावा एक छोटी पंप गाड़ी है जो मुख्यालय पर रहती है। अब यदि भरथना, चकरनगर, जसवंतनगर, ताखा में यदि आग की घटनाएं होती है तो इन्हीं दमकलों को भेजा जाता है। कभी-कभी कई स्थानों पर आग की घटनाएं होती है ऐसे समय में अग्निशमन विभाग अपने को असहाय ही महसूस करता है।
जिले में सीएफओ का एक पद है। जिस पर अग्निशमन अधिकारी कार्यरत है। इसके अलावा एफएसओ के भी दो पद है जिसमें एक पर ही तैनाती है। सीनियर फायरमैन के 8 पद है जिसमें 4 रिक्त हैं। चालक के नौ पदों के सापेक्ष सात पद हैं। फायरमैन के 48 पदों के सापेक्ष 26 की तैनाती है।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी के वर्मा ने बताया कि उपलब्ध संसाधनों के आधार पर आग पर काबू पाने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। हमारी तैयारी के साथ लोगों की सावधानी भी जरूरी है। लोग अपने छप्परों पर प्लास्टिक का सामान न डालें। खाना बनाने के बाद चूल्हे की आग को पूरी तरह से बुझा दें। सबसे ज्यादा आग की घटनाएं ढीले बिजली के तारों के कारण होती है। किसान पहले ही बिजली विभाग के अधिकारियों को प्रार्थनापत्र देकर तारों में सेपरेटर लगवा लें। अग्निशमन विभाग भी बिजली विभाग को इस संबंध में पत्र लिख रहा है।
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गर्मी के शुरूआत में ही रबी की फसल पककर तैयार होती है। जरा सी चिंगारी फसलों को तबाह कर जाती है। जहां तक सावधानियां बरतने का सवाल है तो अक्सर खेत के ऊपर से गुजरे बिजली के तार आग का कारण बनते है। समय रहते इस पर ध्यान दें। यदि कहीं पर बिजली के तार झूल रहे हैं तो तुरंत विद्युत विभाग में शिकायत कर उसको दुरुस्त करा लें। इसके अलावा खेत के आसपास घास पूस न जलाएं। खाना बनाने के बाद चूल्हे को पूरी तरह से बुझा दें। खेलते बच्चों पर भी ध्यान दें।
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जहां तक आग की घटनाओं से निपटने के लिए विभागीय तैयारियों का सवाल है तो विभाग ने अपने पास मौजूद संसाधनों के जरिए कमर कस ली है। मगर विभाग के पास मौजूद सीमित संसाधन आग पर कैसे काबू पा सकेंगे यह प्रश्न बना हुआ है। जिले की भौगोलिक स्थित ऐसी है कि मैदानी क्षेत्र के अलावा बीहड़ का भी क्षेत्र आता है। जिले में छह तहसील हैं। सरकार की मंशा है कि प्रत्येक तहसील में फायर स्टेशन बनाए जाए। फिलहाल इटावा और सैफई तहसील में ही फायर स्टेशन बनाए जा सके हैं।
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पूरे जिले में आग की घटनाओं पर काबू पाने के लिए सिर्फ तीन दमक लें हैं। इनमें दो इटावा में व एक सैफई के फायर स्टेशन पर रहती है। इसके अलावा एक छोटी पंप गाड़ी है जो मुख्यालय पर रहती है। अब यदि भरथना, चकरनगर, जसवंतनगर, ताखा में यदि आग की घटनाएं होती है तो इन्हीं दमकलों को भेजा जाता है। कभी-कभी कई स्थानों पर आग की घटनाएं होती है ऐसे समय में अग्निशमन विभाग अपने को असहाय ही महसूस करता है।
जिले में सीएफओ का एक पद है। जिस पर अग्निशमन अधिकारी कार्यरत है। इसके अलावा एफएसओ के भी दो पद है जिसमें एक पर ही तैनाती है। सीनियर फायरमैन के 8 पद है जिसमें 4 रिक्त हैं। चालक के नौ पदों के सापेक्ष सात पद हैं। फायरमैन के 48 पदों के सापेक्ष 26 की तैनाती है।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी के वर्मा ने बताया कि उपलब्ध संसाधनों के आधार पर आग पर काबू पाने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। हमारी तैयारी के साथ लोगों की सावधानी भी जरूरी है। लोग अपने छप्परों पर प्लास्टिक का सामान न डालें। खाना बनाने के बाद चूल्हे की आग को पूरी तरह से बुझा दें। सबसे ज्यादा आग की घटनाएं ढीले बिजली के तारों के कारण होती है। किसान पहले ही बिजली विभाग के अधिकारियों को प्रार्थनापत्र देकर तारों में सेपरेटर लगवा लें। अग्निशमन विभाग भी बिजली विभाग को इस संबंध में पत्र लिख रहा है।