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खंदी कटने से 200 बीघा खेत जलमग्न
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खंदी फटने से खेतों में भरा पानी
- फोटो : ETAWAH
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बकेवर। ग्राम पुरावली के निकट लीटेपुरा रजबहा में खंदी कटने से शनिवार को करीब दो सौ बीघा खेत में पानी भर गया। खेतों में खड़ी गेहूं की फसल डूबकर नष्ट हो गई। किसानों का आरोप है कि रजबहा का पानी ओवरफ्लो होेने के चलते खंदी हुई है।
ग्राम पुरावली से होकर निकले लीटेपुरा रजबहा में शनिवार सुबह अचानक खंदी हो गई। जिन किसानों के खेत जलमग्न हुए है, उनका कहना है कि सूचना के बाद भी रजबहा का पानी रोका नहीं गया और न ही कोई कर्मचारी खंदी को बंद कराने के लिए पहुंचा। किसानों को खुद ही खंदी बंद करने का काम करना पड़ा। रजबहा में पानी पूरी तरह से बंद न होने के कारण खंदी बंद करने के लिए रखी जा रही मिट्टी भरी बोरियां ठहर नहीं रहीं हैं।
जिसके चलते खंदी बंद करने की किसानों के द्वारा की जा रही कवायद सफल नहीं हो रही है, इस वजह से अभी और भी फसल नष्ट होने की आशंका बनी हुई है। ग्राम पुरावली निवासी हरिश्चंद्र, राधाकिशन, लल्ला, होरी लाल, सर्वेश कुमारी, ब्रजेश सिंह आदि किसानों की फसल नष्ट हुई। बताया कि बोई गयी फसल अभी अंकुरित ही हुई थी। नहर विभाग के जेई प्रदीप चौहान ने बताया कि रजबही में खांदी कटने के बारे में कोई जानकारी नहीं है। अगर ऐसा हुआ है तो खांदी बंद करवाई जाएगी।
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खेत पूरी तरह से जलमग्न हैं। यदि अब भी पानी बंद हो जाता है तो भी इन खेतों का पानी सूखने में वक्त लगेगा। जब तक खेतों का पानी सूखेगा तब तक गेहूं की बुवाई का समय निकल जाएगा। इन खेतों में गेहूं की पछेती किस्म भी बोना बहुत मुश्किल है। इस हिसाब से किसानों को अब रबी की फसल का नुकसान उठाना पड़ेगा।
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ग्राम पुरावली से होकर निकले लीटेपुरा रजबहा में शनिवार सुबह अचानक खंदी हो गई। जिन किसानों के खेत जलमग्न हुए है, उनका कहना है कि सूचना के बाद भी रजबहा का पानी रोका नहीं गया और न ही कोई कर्मचारी खंदी को बंद कराने के लिए पहुंचा। किसानों को खुद ही खंदी बंद करने का काम करना पड़ा। रजबहा में पानी पूरी तरह से बंद न होने के कारण खंदी बंद करने के लिए रखी जा रही मिट्टी भरी बोरियां ठहर नहीं रहीं हैं।
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जिसके चलते खंदी बंद करने की किसानों के द्वारा की जा रही कवायद सफल नहीं हो रही है, इस वजह से अभी और भी फसल नष्ट होने की आशंका बनी हुई है। ग्राम पुरावली निवासी हरिश्चंद्र, राधाकिशन, लल्ला, होरी लाल, सर्वेश कुमारी, ब्रजेश सिंह आदि किसानों की फसल नष्ट हुई। बताया कि बोई गयी फसल अभी अंकुरित ही हुई थी। नहर विभाग के जेई प्रदीप चौहान ने बताया कि रजबही में खांदी कटने के बारे में कोई जानकारी नहीं है। अगर ऐसा हुआ है तो खांदी बंद करवाई जाएगी।
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खेत पूरी तरह से जलमग्न हैं। यदि अब भी पानी बंद हो जाता है तो भी इन खेतों का पानी सूखने में वक्त लगेगा। जब तक खेतों का पानी सूखेगा तब तक गेहूं की बुवाई का समय निकल जाएगा। इन खेतों में गेहूं की पछेती किस्म भी बोना बहुत मुश्किल है। इस हिसाब से किसानों को अब रबी की फसल का नुकसान उठाना पड़ेगा।