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Etawah News: 1.30 करोड़ से ताखा, भरथना और चकरनगर में बनेंगे हेलीपैड
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इटावा। जिले में वीआईपी आवागमन और आपातकालीन परिस्थितियों में बेहतर हवाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ताखा, भरथना और चकरनगर में नए हेलीपैड बनाए जाएंगे। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार ताखा में सबसे बड़ा हेलीपैड बनाया जाएगा, जिस पर लगभग 86 लाख रुपये खर्च होंगे। वहीं भरथना में 8.80 लाख रुपये और चकरनगर में करीब 35 लाख रुपये की लागत से हेलीपैड का निर्माण प्रस्तावित है। तीनों परियोजनाओं पर कुल करीब 1.30 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आएगी, जबकि अन्य आवश्यक कार्यों को मिलाकर प्रस्तावित राशि करीब डेढ़ करोड़ रुपये है। विभाग के अधीक्षण अभियंता मलिखान ने बताया कि वर्तमान में इन क्षेत्रों में स्थायी हेलीपैड की सुविधा नहीं होने से वीआईपी कार्यक्रमों और आपदा या आपातकाल की स्थिति में अस्थायी व्यवस्थाएं करनी पड़ती हैं। स्थायी हेलीपैड बनने से मुख्यमंत्री, राज्यपाल और अन्य विशिष्ट अतिथियों के आगमन के साथ-साथ राहत एवं बचाव कार्यों में भी सुविधा मिलेगी।
लोक निर्माण विभाग ने प्रस्ताव शासन को भेज दिया है और स्वीकृति मिलने का इंतजार किया जा रहा है। विभाग का कहना है कि मंजूरी मिलते ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
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विभागीय अधिकारियों के अनुसार ताखा में सबसे बड़ा हेलीपैड बनाया जाएगा, जिस पर लगभग 86 लाख रुपये खर्च होंगे। वहीं भरथना में 8.80 लाख रुपये और चकरनगर में करीब 35 लाख रुपये की लागत से हेलीपैड का निर्माण प्रस्तावित है। तीनों परियोजनाओं पर कुल करीब 1.30 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आएगी, जबकि अन्य आवश्यक कार्यों को मिलाकर प्रस्तावित राशि करीब डेढ़ करोड़ रुपये है। विभाग के अधीक्षण अभियंता मलिखान ने बताया कि वर्तमान में इन क्षेत्रों में स्थायी हेलीपैड की सुविधा नहीं होने से वीआईपी कार्यक्रमों और आपदा या आपातकाल की स्थिति में अस्थायी व्यवस्थाएं करनी पड़ती हैं। स्थायी हेलीपैड बनने से मुख्यमंत्री, राज्यपाल और अन्य विशिष्ट अतिथियों के आगमन के साथ-साथ राहत एवं बचाव कार्यों में भी सुविधा मिलेगी।
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लोक निर्माण विभाग ने प्रस्ताव शासन को भेज दिया है और स्वीकृति मिलने का इंतजार किया जा रहा है। विभाग का कहना है कि मंजूरी मिलते ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
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