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किसानों के आपस में चंदा जुटाकर कराई बंबा की सफाई
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इटावा। जब शासन व प्रशासन ने किसानों की नहीं सुनी, तो आखिर में किसानों ने खुद ही चंदा जमा और खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए बंबा की सफाई जेसीबी लगाकर करा ली। हम बात कर रहे हैं, बसरेहर ब्लाक के छह से ज्यादा गांवों के किसानों की। जिनकी सैकड़ों बीघा जमीन पर बोई गई धान की फसल पानी के अभाव में सूखने की कगार में पहुंच गई। तो उन्होंने चंदा करके क्षेत्र के पत्तापुरा के पास से निकले रिटोली फेटर बंबा को साफ कराया।
इस बंबे में पानी नहीं आ रहा था, ऐसे में खेत पर लगी फसल पानी के अभाव में सूख रही थी। किसानों ने कई बार स्थानीय से जिले स्तर तक प्रशासनिक अफसरों से अपना दुखड़ा रोया और बंबा की सफाई कराए जाने की गुजारिश की, लेकिन सब ने अनसुना कर दिया। किसानों ने आपस में चंदा जुटाया और शुक्रवार शाम जेसीबी और मजदूरों की मदद से बंबा की सफाई शुरू करा दी। शनिवार को भी बंबा की सफाई का काम चलता रहा।
किसान बलराम सिंह, गिरजेश कुमार, कपिल कुमार, अनमोल, रामसेवक, शिवम, ऋषभ तिवारी, रिंकू मिश्रा ने बताया कि उन लोगों ने कई बार अधिकारियों को अर्जी देकर बंबा की सफाई कराने की मांग की। बंबा में पानी न आने से रसूलाबाद, नगला बेरी, रिटोली, अगुपुर अनेक गांव के किसानों की फसल बर्बाद हो रही थी। जब किसानों की धान की फसल को सैकड़ों बीघा जमीन में पानी नहीं पहुंचा, तो उन लोगों ने अपनी फसल बचाने के लिए आपस में चंदा करके बंबा की सफाई कराए जाने का फैसला लिया। किसानों के मुताबिक एक-दो दिन में बंबा की सफाई का काम पूरा हो जाएगा।
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इस बंबे में पानी नहीं आ रहा था, ऐसे में खेत पर लगी फसल पानी के अभाव में सूख रही थी। किसानों ने कई बार स्थानीय से जिले स्तर तक प्रशासनिक अफसरों से अपना दुखड़ा रोया और बंबा की सफाई कराए जाने की गुजारिश की, लेकिन सब ने अनसुना कर दिया। किसानों ने आपस में चंदा जुटाया और शुक्रवार शाम जेसीबी और मजदूरों की मदद से बंबा की सफाई शुरू करा दी। शनिवार को भी बंबा की सफाई का काम चलता रहा।
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किसान बलराम सिंह, गिरजेश कुमार, कपिल कुमार, अनमोल, रामसेवक, शिवम, ऋषभ तिवारी, रिंकू मिश्रा ने बताया कि उन लोगों ने कई बार अधिकारियों को अर्जी देकर बंबा की सफाई कराने की मांग की। बंबा में पानी न आने से रसूलाबाद, नगला बेरी, रिटोली, अगुपुर अनेक गांव के किसानों की फसल बर्बाद हो रही थी। जब किसानों की धान की फसल को सैकड़ों बीघा जमीन में पानी नहीं पहुंचा, तो उन लोगों ने अपनी फसल बचाने के लिए आपस में चंदा करके बंबा की सफाई कराए जाने का फैसला लिया। किसानों के मुताबिक एक-दो दिन में बंबा की सफाई का काम पूरा हो जाएगा।
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