{"_id":"69503b8a493eb7405902b350","slug":"extreme-cold-for-the-second-time-temperature-dropped-to-62-etawah-news-c-216-1-etw1012-135447-2025-12-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etawah News: दूसरी बार पड़ी सर्वाधिक ठंड, तापमान लुढ़ककर 6.2 पर पहुंचा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etawah News: दूसरी बार पड़ी सर्वाधिक ठंड, तापमान लुढ़ककर 6.2 पर पहुंचा
विज्ञापन
इटावा। जिले में शनिवार को एक बार फिर तापमान प्रदेश में सबसे नीचे चला गया। न्यूनतम तापमान 6.2 डिग्री सेल्सियस पर आने का असर यह रहा है कि सुबह की शुरुआत कोहरे की चादर से हुई। ठिठुरन बढ़ने से शहर का आम जन जीवन भी प्रभावित रहा। सर्दी बढ़ने से सामान्य दिनों की अपेक्षा शहर में चहल पहल भी देरी से शुरू हुई। स्थिति यह रही कि सुबह आठ बजे तक कोहरे के बीच सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। जरूरी काम से जो लोग निकले भी तो वह सर्दी से ठिठुरते दिखाई दिए। दोपहर कुछ देर की धूप भी लोगों को सर्दी से राहत नहीं दे सकी। शाम फिर से कोहरे ने शहर को अपने आगोश में ले लिया जिससे लोग घर पर रजाई में दुबकने को मजबूर हो गए।
एक दिन पूर्व शुक्रवार को जहां जिले का न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 20.2 डिग्री सेल्सियस था तो वहीं शनिवार को तापमान गिरकर 6.2 व अधिकतम तापमान 15.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। जिले के अधिकतम तापमान में भी 4.6 डिग्री सेल्सियस का गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार रात नौ बजे से ही कोहरा पड़ना शुरू हो गया था। इससे विजिविल्टी पांच मीटर भी नहीं रह गई। इसके बाद सुबह जब लोग जागे तो कोहरे और ठिठुरन भरी सर्दी का सितम और बढ़ा दिखाई दिया।
यही कारण रहा कि लोग रजाई से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा सके और रोज मर्रा के कामकाज भी देरी से शुरू किए। सुबह से छाया कोहरा दोपहर 12 बजे तक रहा। दोपहर एक बजे के आसपास निकली हल्की धूप भी कुछ देर की ही रही इसके बाद फिर से कोहरा भारी पड़ने लगा और गलन से लोगों को बेहाल कर दिया।
विज्ञापन
बकेवर। शनिवार को कोहरे और सर्दी के प्रकोप के चलते लोग गांवों में जगह जगह अलाव जलाकर तापते दिखाई दिए। बकेवर लखना क्षेत्र में भोर से ही घना कोहरा छाया रहा। दोपहर करीब 11 बजे कोहरा छटने के बाद धूप निकली तो लोगों ने सर्दी से राहत महसूस की लेकिन दो बजे के बाद ही फिर से आसमान में बदली छा गई। शाम होते होत फिर से चारों ओर कोहरा छाने लगा। कोहरे के कारण शाम जल्द ही किसान खेतों से घर लौट आए। (संवाद)
भरथना। भरथना क्षेत्र में भी शुक्रवार रात से सर्दी का सितम चालू हो गया। शनिवार सुबह तक पूरे इलाके में घने कोहरे की चादर बिछ गई। कोहरा इतना घना था कि कुछ दूरी पर दिखाई देना मुश्किल हो गया जिससे सड़क पर वाहन भी रेंगते हुए दिखाई दिए। मुख्य व संपर्क मार्गों पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई। लोग अलाव का सहारा लेकर ठंड से बचाव करते नजर आए। स्कूल जाने वाले बच्चों, दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और सुबह टहलने निकलने वालों की संख्या भी इसके चलते कम दिखाई दी। (संवाद)
विज्ञापन
एक दिन पूर्व शुक्रवार को जहां जिले का न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 20.2 डिग्री सेल्सियस था तो वहीं शनिवार को तापमान गिरकर 6.2 व अधिकतम तापमान 15.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। जिले के अधिकतम तापमान में भी 4.6 डिग्री सेल्सियस का गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार रात नौ बजे से ही कोहरा पड़ना शुरू हो गया था। इससे विजिविल्टी पांच मीटर भी नहीं रह गई। इसके बाद सुबह जब लोग जागे तो कोहरे और ठिठुरन भरी सर्दी का सितम और बढ़ा दिखाई दिया।
विज्ञापन
यही कारण रहा कि लोग रजाई से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा सके और रोज मर्रा के कामकाज भी देरी से शुरू किए। सुबह से छाया कोहरा दोपहर 12 बजे तक रहा। दोपहर एक बजे के आसपास निकली हल्की धूप भी कुछ देर की ही रही इसके बाद फिर से कोहरा भारी पड़ने लगा और गलन से लोगों को बेहाल कर दिया।
विज्ञापन
बकेवर। शनिवार को कोहरे और सर्दी के प्रकोप के चलते लोग गांवों में जगह जगह अलाव जलाकर तापते दिखाई दिए। बकेवर लखना क्षेत्र में भोर से ही घना कोहरा छाया रहा। दोपहर करीब 11 बजे कोहरा छटने के बाद धूप निकली तो लोगों ने सर्दी से राहत महसूस की लेकिन दो बजे के बाद ही फिर से आसमान में बदली छा गई। शाम होते होत फिर से चारों ओर कोहरा छाने लगा। कोहरे के कारण शाम जल्द ही किसान खेतों से घर लौट आए। (संवाद)
भरथना। भरथना क्षेत्र में भी शुक्रवार रात से सर्दी का सितम चालू हो गया। शनिवार सुबह तक पूरे इलाके में घने कोहरे की चादर बिछ गई। कोहरा इतना घना था कि कुछ दूरी पर दिखाई देना मुश्किल हो गया जिससे सड़क पर वाहन भी रेंगते हुए दिखाई दिए। मुख्य व संपर्क मार्गों पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई। लोग अलाव का सहारा लेकर ठंड से बचाव करते नजर आए। स्कूल जाने वाले बच्चों, दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और सुबह टहलने निकलने वालों की संख्या भी इसके चलते कम दिखाई दी। (संवाद)