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Etawah News: तीन साल बाद भी अधूरा पड़ा टंकियों का निर्माण

Fri, 23 Jan 2026 12:38 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 23 Jan 2026 12:38 AM IST
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Even after three years, the construction of tanks remained incomplete.
चकरनगर। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना चकरनगर ब्लॉक में दम तोड़ती नजर आ रही है। शुद्ध पेयजल का सपना संजोए बैठे 12 गांवों के ग्रामीणों का सब्र अब जवाब दे रहा है। वर्ष 2023 में शुरू हुई पानी की टंकी का निर्माण तीन साल बीतने के बाद भी अधूरा है। आलम यह है कि खारे पानी की समस्या से जूझ रहे करीब 20 हजार लोग आज भी दो किलोमीटर दूर से मीठा पानी ढोने को मजबूर हैं।
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परियोजना की धीमी गति और बाधाएं सहसों पंचायत समेत कोटरा, कोला, टिटावली, अर्रुपुरा, गोपियाखार, अनैठा, हरौली बहादुर, भरेह, कंधेशीघार, नदा, मिटहटी, नीमाडाडा और भोया को मीठा पानी उपलब्ध कराने के लिए करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से इस परियोजना की नींव रखी गई थी। कार्यदायी संस्था को काम सौंपा गया, लेकिन काम की रफ्तार कछुआ गति से चल रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग 50 प्रतिशत कार्य पूरा होने का दावा कर रहा है जबकि धरातल पर महज 15 प्रतिशत काम ही दिख रहा है। परियोजना की राह में सबसे बड़ी बाधा खारा पानी बना है। सहसों, टिटावली और कंधेशीघार में बोरिंग के दौरान खारा पानी निकलने से काम ठप हो गया। सहसों में तो दो बार बोरिंग फेल हो चुकी है। कोटरा के ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि बोरिंग के लिए खोदे गए गहरे गड्ढों को विभाग ने सही तरीके से बंद नहीं किया है, जिससे बच्चों और मवेशियों के लिए हर वक्त हादसे का खतरा बना रहता है। अब विभाग हनुमंतपुरा के पास सरकारी नलकूप के पास बोरिंग करने की जगह चिन्हित कर रहा है।---------------------
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सहसों निवासी राजेश यादव ने बताया कि तीन साल से टंकी का इंतजार कर रहे हैं। खारा पानी होने से बोरिंग फेल हो गई और अब काम बंद है। दो किलोमीटर दूर से पानी भरकर लाते हैं। प्रशासन हमारी सुध नहीं ले रहा।
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चकरनगर निवासी सतीश का कहना है कि ब्लॉक में निर्माण कार्य पूरी तरह बंद पड़ा है। जल जीवन मिशन का उद्देश्य तभी पूरा होगा जब लोगों के घरों तक पानी पहुंचेगा। अधिकारियों की लापरवाही से जनता प्यासी है।



सहसों, टिटावली और कंधेशीघार की बोरिंग में खारा पानी मिला था। अब इनके लिए नई जगह चिह्नित कर ली गई है। सहसों की बोरिंग अब हनुमंतपुरा के पास पुराने सरकारी नलकूप वाली जगह पर कराई जाएगी।
उमेश चौहान, सहायक अभियंता, जल निगम
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