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इटावा ट्रेन हादसा: 24 घंटे बाद भी बहाल न हो सका फ्रेट कॉरिडोर रेलवे ट्रैक
Tue, 24 Aug 2021 02:45 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 24 Aug 2021 02:45 PM IST
सार
मंगलवार को घटनास्थल का निरीक्षण करने पहुंचे रेलवे के डीजीएम कार्यालय प्रयागराज ईडी अजय कुमार ने सबसे पहले रेल ट्रैक को साफ करने का निर्देश दिया, ताकि यातायात को बहाल किया जा सके।
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डीएफसी को साफ करते रेलवे कर्मी
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
इटावा जिले के जसवंतनगर में सोमवार शाम करीब छह बजे मालगाड़ियों के लिए बनाए गए फ्रेट कॉरिडोर के डाउन ट्रैक पर ग्राम राजपुर के पास मालगाड़ी के दुर्घटनाग्रस्त होने के दूसरे दिन मंगलवार को भी रेलवे ट्रैक बहाल नहीं हो सका है।
मंगलवार को बड़ी-बड़ी क्रेनें घटनास्थल से मालगाड़ी के डिब्बों व बिखरे पड़े मलबे को हटाने का काम करने में लगी रहीं। मंगलवार को डीएफसीसी के अधिकारी घटनास्थल का निरीक्षण करने पहुंचे। वहीं 24 घंटे बाद भी ट्रैक बहाल नहीं हो सका है।
करीब डेढ़ वर्ष पूर्व शुरू हुए फ्रेट कॉरिडोर ट्रैक पर अब तक का यह सबसे बड़ा रेल हादसा है। घटनास्थल पर सोमवार देर रात से ही डिब्बों को हटाने के लिए क्रेनें व अन्य मशीनी उपकरण पहुंचना शुरू हो गए थे। रात में चारों ओर घना अंधेरा होने की वजह से रेल ट्रैक को साफ करना काफी मुश्किल हो रहा था।
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सुबह होते ही मलबा हटाने के काम में तेजी आई। सबसे पहले मालगाड़ी के पलटे हुए डिब्बों को हटाने का काम शुरू किया गया। इसके साथ ही मालगाड़ी पर लदा सामान जो इधर-उधर लाइनों पर बिखरा पड़ा था। उसे हटाने के लिए मजदूर लगाए गए थे, जो रेल लाइन से हटाकर खेतों में रखने में लगे रहे।
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मंगलवार को बड़ी-बड़ी क्रेनें घटनास्थल से मालगाड़ी के डिब्बों व बिखरे पड़े मलबे को हटाने का काम करने में लगी रहीं। मंगलवार को डीएफसीसी के अधिकारी घटनास्थल का निरीक्षण करने पहुंचे। वहीं 24 घंटे बाद भी ट्रैक बहाल नहीं हो सका है।
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करीब डेढ़ वर्ष पूर्व शुरू हुए फ्रेट कॉरिडोर ट्रैक पर अब तक का यह सबसे बड़ा रेल हादसा है। घटनास्थल पर सोमवार देर रात से ही डिब्बों को हटाने के लिए क्रेनें व अन्य मशीनी उपकरण पहुंचना शुरू हो गए थे। रात में चारों ओर घना अंधेरा होने की वजह से रेल ट्रैक को साफ करना काफी मुश्किल हो रहा था।
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सुबह होते ही मलबा हटाने के काम में तेजी आई। सबसे पहले मालगाड़ी के पलटे हुए डिब्बों को हटाने का काम शुरू किया गया। इसके साथ ही मालगाड़ी पर लदा सामान जो इधर-उधर लाइनों पर बिखरा पड़ा था। उसे हटाने के लिए मजदूर लगाए गए थे, जो रेल लाइन से हटाकर खेतों में रखने में लगे रहे।
मंगलवार को घटनास्थल का निरीक्षण करने पहुंचे रेलवे के डीजीएम कार्यालय प्रयागराज ईडी अजय कुमार ने सबसे पहले रेल ट्रैक को साफ करने का निर्देश दिया, ताकि यातायात को बहाल किया जा सके। हालांकि उन्होंने मीडिया कर्मियों से यह कहकर बात करने से इंकार कर दिया कि घटना की जांच चल रही है।
जांच पूरी हुए बिना कुछ भी कहना संभव नहीं है। घटनास्थल पर देखने से पता चलता है कि काफी लंबी दूरी तक रेलवे लाइन क्षतिग्रस्त हो गई और इधर-उधर पड़ी है। ऐसे में उन्हें दुरुस्त कर ट्रैक पर यातायात बहाल करने में अभी कुछ और समय लगने का अनुमान लगाया जा रहा है।
जांच पूरी हुए बिना कुछ भी कहना संभव नहीं है। घटनास्थल पर देखने से पता चलता है कि काफी लंबी दूरी तक रेलवे लाइन क्षतिग्रस्त हो गई और इधर-उधर पड़ी है। ऐसे में उन्हें दुरुस्त कर ट्रैक पर यातायात बहाल करने में अभी कुछ और समय लगने का अनुमान लगाया जा रहा है।