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Etawah News: यूपी में तीसरे नंबर पर रहा इटावा, रिकार्ड गिरावट के साथ पारा 3.8 डिग्री पहुंचा
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संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। जिले में ठंड ने अब अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के बाद वहां से आ रही मैदानी इलाकों की बर्फीली हवाओं ने इटावा को कोल्ड चैंबर बना दिया है। रविवार को जनपद का न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिसके साथ ही इटावा पूरे उत्तर प्रदेश में दूसरा सबसे ठंडा जिला दर्ज हुआ। भीषण गलन और ठिठुरन के चलते जनजीवन पूरी तरह पटरी से उतर गया है। इसके चलते दोपहर में निकलने वाली हल्की धूप भी सर्दी के असर को कम नहीं कर सकी।
पिछले तीन दिनों से तापमान में लगातार आ रही गिरावट ने लोगों की दुश्वारियां बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग के अनुसार, पछुआ हवाओं के सीधे असर की वजह से पारा सामान्य से 2.7 डिग्री नीचे चला गया है। 3.8 डिग्री सेल्सियस तापमान ने न केवल इस सीजन का रिकॉर्ड तोड़ा है, बल्कि पिछले कई सालों की ठंड की याद ताजा कर दी है। रविवार को दिन में हल्की धूप निकलने के बावजूद बर्फीली हवाओं के कारण लोगों को राहत महसूस नहीं हुई। इसके चलते शहर के रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और प्रमुख चौराहों पर लोग नगर पालिका की ओर से जलवाए गए अलाव के इर्द-गिर्द सिमटे नजर आए। ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी खराब है, जहां पशुपालकों को अपने मवेशियों को बचाने के लिए जूट के बोरे और आग का सहारा लेना पड़ रहा है। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएन सुनील पांडे ने बताया कि उत्तर पश्चिमी हवाओं की गति और बढ़ने की संभावना है। इसके कारण रात के तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी। साथ ही सुबह-शाम के साथ ही दिन में भी शीतलहर जैसे हालात बन रहे है। ऐसे में लोगों को सर्दी से बचने के लिए कारगार उपाय करने चाहिए।
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इटावा। जिले में ठंड ने अब अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के बाद वहां से आ रही मैदानी इलाकों की बर्फीली हवाओं ने इटावा को कोल्ड चैंबर बना दिया है। रविवार को जनपद का न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिसके साथ ही इटावा पूरे उत्तर प्रदेश में दूसरा सबसे ठंडा जिला दर्ज हुआ। भीषण गलन और ठिठुरन के चलते जनजीवन पूरी तरह पटरी से उतर गया है। इसके चलते दोपहर में निकलने वाली हल्की धूप भी सर्दी के असर को कम नहीं कर सकी।
पिछले तीन दिनों से तापमान में लगातार आ रही गिरावट ने लोगों की दुश्वारियां बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग के अनुसार, पछुआ हवाओं के सीधे असर की वजह से पारा सामान्य से 2.7 डिग्री नीचे चला गया है। 3.8 डिग्री सेल्सियस तापमान ने न केवल इस सीजन का रिकॉर्ड तोड़ा है, बल्कि पिछले कई सालों की ठंड की याद ताजा कर दी है। रविवार को दिन में हल्की धूप निकलने के बावजूद बर्फीली हवाओं के कारण लोगों को राहत महसूस नहीं हुई। इसके चलते शहर के रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और प्रमुख चौराहों पर लोग नगर पालिका की ओर से जलवाए गए अलाव के इर्द-गिर्द सिमटे नजर आए। ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी खराब है, जहां पशुपालकों को अपने मवेशियों को बचाने के लिए जूट के बोरे और आग का सहारा लेना पड़ रहा है। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएन सुनील पांडे ने बताया कि उत्तर पश्चिमी हवाओं की गति और बढ़ने की संभावना है। इसके कारण रात के तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी। साथ ही सुबह-शाम के साथ ही दिन में भी शीतलहर जैसे हालात बन रहे है। ऐसे में लोगों को सर्दी से बचने के लिए कारगार उपाय करने चाहिए।
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