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चंबल मैराथन में इटावा के खिलाड़ी भी दौड़ेंगे
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इटावा। चंबल परिवार प्रतिवर्ष चंबल मैराथन का आयोजन करता है। आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में यह आयोजन 16 जनवरी को प्रात: नौ बजे से अटेर घाट चंबल किनारे से होगा।
चंबल का पीला सोना यानी सरसों के खेतों के बीच से निकलते हुए पुरातात्विक और ऐतिहासिक धरोहर अटेर किला के नीचे प्रांगण में समापन होगा। चंबल नेचुरल टूरिज्म ‘स्प्रिट चंबल’ और ‘रन फॉर बेटर चंबल’ जैसी मुहिम से चंबल घाटी क्षेत्र का परिदृश्य और पहचान पूरे दुनिया को लगातार अपनी और आकर्षित कर रही है।
चंबल मैराथन के संयोजक और कार्यक्रम प्रभारी राधेगोपाल यादव और डॉ. रिपुदमन सिंह ने कहा कि चंबल क्षेत्र के युवाओं की शिक्षा, ऊर्जा और आवेश को रचनात्मक धरातल प्रदान करते हुए सृजनात्मक उपयोग होना आवश्यक है।
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कहा कि बीहड़ी इलाके के लिए विशेष पैकेज जारी किए जाए। चंबल के उपेक्षित स्थलों को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र से जोड़कर घाटी में पर्यटन की अपार संभावनाओं की राह खोली जाए।
इससे बड़े पैमाने पर स्वरोजगार का सृजन होगा। चंबल परिवार के मुखिया शाह आलम ने बताया कि चंबल नदी में मगरमच्छ, घड़ियाल और डॉल्फिनों के जीवंत दृश्य और चंबल के रेतीले तट सुकून का अहसास कराएंगे।
चंबल मैराथन घाटी की सांस्कृतिक ऊर्जा से विश्व को संदेश देने के साथ अब देश दुनिया के साथ कदमताल करने को बेताब है। मैराथन रूट का खाका तैयार करते समय उत्तम सिंह, गोविंद यादव, सागर कुमार, विमलेश यादव मौजूद रहे।
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चंबल का पीला सोना यानी सरसों के खेतों के बीच से निकलते हुए पुरातात्विक और ऐतिहासिक धरोहर अटेर किला के नीचे प्रांगण में समापन होगा। चंबल नेचुरल टूरिज्म ‘स्प्रिट चंबल’ और ‘रन फॉर बेटर चंबल’ जैसी मुहिम से चंबल घाटी क्षेत्र का परिदृश्य और पहचान पूरे दुनिया को लगातार अपनी और आकर्षित कर रही है।
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चंबल मैराथन के संयोजक और कार्यक्रम प्रभारी राधेगोपाल यादव और डॉ. रिपुदमन सिंह ने कहा कि चंबल क्षेत्र के युवाओं की शिक्षा, ऊर्जा और आवेश को रचनात्मक धरातल प्रदान करते हुए सृजनात्मक उपयोग होना आवश्यक है।
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कहा कि बीहड़ी इलाके के लिए विशेष पैकेज जारी किए जाए। चंबल के उपेक्षित स्थलों को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र से जोड़कर घाटी में पर्यटन की अपार संभावनाओं की राह खोली जाए।
इससे बड़े पैमाने पर स्वरोजगार का सृजन होगा। चंबल परिवार के मुखिया शाह आलम ने बताया कि चंबल नदी में मगरमच्छ, घड़ियाल और डॉल्फिनों के जीवंत दृश्य और चंबल के रेतीले तट सुकून का अहसास कराएंगे।
चंबल मैराथन घाटी की सांस्कृतिक ऊर्जा से विश्व को संदेश देने के साथ अब देश दुनिया के साथ कदमताल करने को बेताब है। मैराथन रूट का खाका तैयार करते समय उत्तम सिंह, गोविंद यादव, सागर कुमार, विमलेश यादव मौजूद रहे।