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इटावा: पंचायत चुनाव ने दी सपा को संजीवनी, जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों में बनाई मजबूत बढ़त
Fri, 07 May 2021 10:56 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
Published by: शिखा पांडेय
Updated Fri, 07 May 2021 10:56 PM IST
सार
पिछले पंचायत चुनाव में नौ जिला पंचायत सदस्य जिताने वाली सपा के सदस्यों की संख्या इस चुनाव में 18 पहुंच गई। तीनों ही विधानसभा क्षेत्रों में सपा का प्रदर्शन भाजपा से बेहतर रहा। दो जिला पंचायत सदस्य प्रसपा और एक बसपा के समर्थन से जीते।
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इटावा पंचायत चुनाव
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
इटावा में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के गृह जनपद में पंचायत चुनाव में भाजपा को बड़ा झटका लगा है। 2017 में दो विधायक और 2019 में एक सांसद जिताने वाली भाजपा केवल एक जिला पंचायत सदस्य ही जिता पाई है। पिछले पंचायत चुनाव में नौ जिला पंचायत सदस्य जिताने वाली सपा के सदस्यों की संख्या इस चुनाव में 18 पहुंच गई।
तीनों ही विधानसभा क्षेत्रों में सपा का प्रदर्शन भाजपा से बेहतर रहा। दो जिला पंचायत सदस्य प्रसपा और एक बसपा के समर्थन से जीते। दो सीटें निर्दलीय के खाते में गईं हैं। अगर अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव में जनता ने पंचायत चुनाव की तरह ही मतदान किया तो भाजपा को झटका लग सकता है।
जिले में जिला पंचायत सदस्य की 24 सीटें हैं। भाजपा, सपा, बसपा और कांग्रेस ने सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। प्रसपा ने वैसे तो 11 उम्मीदवार उतारे लेकिन उसके आठ उम्मीदवार वहीं थे जिसे सपा ने टिकट दिया था। सपा ने 18, प्रसपा ने दो और भाजपा व बसपा समर्थित एक-एक जिला पंचायत सदस्य जीता।
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सबसे बड़ा झटका भाजपा को लगा है। पार्टी के जिलाध्यक्ष से लेकर सांसद तक इस बार जिला पंचायत अध्यक्ष पद सपा से छीनने का दावा कर रहे थे। किंतु जसवंतनगर विधानसभा क्षेत्र के अलावा भरथना और सदर क्षेत्र में भी सपा ने बड़ी सफलता हासिल कर ली। भरथना क्षेत्र में ही भाजपा सांसद का गांव है।
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तीनों ही विधानसभा क्षेत्रों में सपा का प्रदर्शन भाजपा से बेहतर रहा। दो जिला पंचायत सदस्य प्रसपा और एक बसपा के समर्थन से जीते। दो सीटें निर्दलीय के खाते में गईं हैं। अगर अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव में जनता ने पंचायत चुनाव की तरह ही मतदान किया तो भाजपा को झटका लग सकता है।
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जिले में जिला पंचायत सदस्य की 24 सीटें हैं। भाजपा, सपा, बसपा और कांग्रेस ने सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। प्रसपा ने वैसे तो 11 उम्मीदवार उतारे लेकिन उसके आठ उम्मीदवार वहीं थे जिसे सपा ने टिकट दिया था। सपा ने 18, प्रसपा ने दो और भाजपा व बसपा समर्थित एक-एक जिला पंचायत सदस्य जीता।
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सबसे बड़ा झटका भाजपा को लगा है। पार्टी के जिलाध्यक्ष से लेकर सांसद तक इस बार जिला पंचायत अध्यक्ष पद सपा से छीनने का दावा कर रहे थे। किंतु जसवंतनगर विधानसभा क्षेत्र के अलावा भरथना और सदर क्षेत्र में भी सपा ने बड़ी सफलता हासिल कर ली। भरथना क्षेत्र में ही भाजपा सांसद का गांव है।
उन्होंने अपने चाचा को प्रधानी तो जितवा ली लेकिन पार्टी के जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशियों को विजय नहीं दिला पाए। भाजपा के लिए मजबूत रहे चकरनगर और महेवा ब्लॉक में भी सभी उम्मीदवार पराजित हो गए। भरथना, ताखा, जसवंतनगर और सैफई ब्लॉक में सपा ने लगभग सफाया कर दिया। बढ़पुरा की एक सीट ही भाजपा जीत पाई।
विधानसभा क्षेत्रवार स्थिति
इटावा विधानसभा क्षेत्र में पूरा बढ़पुरा ब्लॉक की तीन और बसरेहर की दो सीटें आती हैं। इसमें सपा ने तीन, भाजपा ने एक और एक सीट निर्दलीय ने जीती है। सपा 43529 और भाजपा को केवल 29000 वोट मिल पाए हैं।
भरथना विधानसभा क्षेत्र में महेवा की पांच, चकरनगर की दो और भरथना की तीन सीटें आती हैं। इसमें नौ सीटें सपा और एक बसपा ने जीती है। एक सीट निर्दलीय की खाते में गई हैं।
जसवंतनगर विधानसभा क्षेत्र में जसवंतनगर ब्लॉक की तीन, सैफई की दो, ताखा की तीन और बसरेहर की एक सीट आती है। यहां सपा ने छह, प्रसपा ने दो और एक निर्दलीय ने जीती है।
अंशुल यादव होंगे अगले अध्यक्ष
जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर 18 सीटें जीतने वाली सपा का दावा मजबूत है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के चचेरे भाई अभिषेक यादव उर्फ अंशुल को लगातार दूसरी बार अध्यक्ष बनाने की तैयारी है। प्रसपा भी अंशुल का समर्थन कर रही है। अध्यक्ष पद पर करीब 31 वर्ष से सपा का ही कब्जा है। मुलायम सिंह परिवार से रामगोपाल यादव, मुलायम सिंह के छोटे भाई की पत्नी प्रेमलता यादव और अंशुल अध्यक्ष बन चुके हैं।
विधानसभा क्षेत्रवार स्थिति
इटावा विधानसभा क्षेत्र में पूरा बढ़पुरा ब्लॉक की तीन और बसरेहर की दो सीटें आती हैं। इसमें सपा ने तीन, भाजपा ने एक और एक सीट निर्दलीय ने जीती है। सपा 43529 और भाजपा को केवल 29000 वोट मिल पाए हैं।
भरथना विधानसभा क्षेत्र में महेवा की पांच, चकरनगर की दो और भरथना की तीन सीटें आती हैं। इसमें नौ सीटें सपा और एक बसपा ने जीती है। एक सीट निर्दलीय की खाते में गई हैं।
जसवंतनगर विधानसभा क्षेत्र में जसवंतनगर ब्लॉक की तीन, सैफई की दो, ताखा की तीन और बसरेहर की एक सीट आती है। यहां सपा ने छह, प्रसपा ने दो और एक निर्दलीय ने जीती है।
अंशुल यादव होंगे अगले अध्यक्ष
जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर 18 सीटें जीतने वाली सपा का दावा मजबूत है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के चचेरे भाई अभिषेक यादव उर्फ अंशुल को लगातार दूसरी बार अध्यक्ष बनाने की तैयारी है। प्रसपा भी अंशुल का समर्थन कर रही है। अध्यक्ष पद पर करीब 31 वर्ष से सपा का ही कब्जा है। मुलायम सिंह परिवार से रामगोपाल यादव, मुलायम सिंह के छोटे भाई की पत्नी प्रेमलता यादव और अंशुल अध्यक्ष बन चुके हैं।