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इटावा : सैफई मेडिकल कॉलेज में एआरवी नहीं, भटक रहे मरीज
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सैफई (इटावा)। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) खत्म हो गई है। इससे करीब 25 से 30 मरीज लौट रहे हैं। जिला अस्पताल में भी वैक्सीन नहीं है।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसपी सिंह का कहना है जिला अस्पताल और सीएससी पर एंटी रेबीज वैक्सीन लगाई जाती थी। विश्वविद्यालय में कम ही लोग लगवाते हैं। विश्वविद्यालय के कुलसचिव सुरेश चंद शर्मा ने बताया कि हमारे यहां पर कुत्ता काटने का इंजेक्शन रहता है। आगर जिला अस्पताल से मरीज रेफर कर आते हैं तो उन लोगों को इंजेक्शन लगाए जाते थे। अभी कुछ समय से यहां पर नहीं है जल्द ही आ जाएंगे।
इंजेक्शन खत्म होने से बढ़ गई चिंता
आलमपुर नरिया निवासी कौशलेंद्र ने बताया पिछले दिनों बंदर ने काट लिया था। एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने के लिए परिजनों के साथ अस्पताल में पहुंचे, लेकिन इंजेक्शन खत्म होने की जानकारी देने से चिंता बढ़ गई है।
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खर्च करने पड़ रहे 300 से अधिक
आलई निवासी संदेश कुमार ने बताया नि:शुल्क लगने वाले इंजेक्शन के बदले निजी अस्पताल में एक डोज के 300 से 350 रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। शुक्रवार को भाई को कुत्ते ने काट लिया था, इस वजह से इंजेक्शन लगवाने आए थे।
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चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसपी सिंह का कहना है जिला अस्पताल और सीएससी पर एंटी रेबीज वैक्सीन लगाई जाती थी। विश्वविद्यालय में कम ही लोग लगवाते हैं। विश्वविद्यालय के कुलसचिव सुरेश चंद शर्मा ने बताया कि हमारे यहां पर कुत्ता काटने का इंजेक्शन रहता है। आगर जिला अस्पताल से मरीज रेफर कर आते हैं तो उन लोगों को इंजेक्शन लगाए जाते थे। अभी कुछ समय से यहां पर नहीं है जल्द ही आ जाएंगे।
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इंजेक्शन खत्म होने से बढ़ गई चिंता
आलमपुर नरिया निवासी कौशलेंद्र ने बताया पिछले दिनों बंदर ने काट लिया था। एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने के लिए परिजनों के साथ अस्पताल में पहुंचे, लेकिन इंजेक्शन खत्म होने की जानकारी देने से चिंता बढ़ गई है।
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खर्च करने पड़ रहे 300 से अधिक
आलई निवासी संदेश कुमार ने बताया नि:शुल्क लगने वाले इंजेक्शन के बदले निजी अस्पताल में एक डोज के 300 से 350 रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। शुक्रवार को भाई को कुत्ते ने काट लिया था, इस वजह से इंजेक्शन लगवाने आए थे।