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गोमती रिवर फ्रंट घोटाले की जांच को इटावा आई सीबीआई

Mon, 05 Jul 2021 11:01 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 05 Jul 2021 11:01 PM IST
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etawah news,River Front Scam: CBI raids contractor's house in Etawah
इटावा। अखिलेश यादव की सरकार में 1800 करोड़ के गोमती रिवर फ्रंट घोटाले की जांच उनके गृह जनपद तक पहुंच गई है। सोमवार को सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच की टीम ने सुबह छह बजे ठेकेदार पुनीत अग्रवाल के चौगुर्जी स्थित पुराने घर पर छापा मारा।
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सीबीआई टीम ने यहां छानबीन की, लेकिन वहां कोई नहीं मिला। इसके बाद टीम उनके आवास विकास स्थित नए घर पर पहुंची, तो वहां ताला लटका मिला।
टीम ने वहां गेट पर लगे ताले पर अपनी सील लगाकर उसे सीज कर दिया। देर रात तक सीबीआई टीम पुनीत से पूछताछ के लिए तैयार किए गए सवालों की फेहरिस्त लेकर उनकी तलाश करती रही। पुनीत को प्रसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव का करीबी माना जाता है।
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राजधानी लखनऊ में गोमती रिवर फ्रंट घोटाले को लेकर सीबीआई के मुकदमा दर्ज करने के बाद उत्तर प्रदेश, बंगाल और राजस्थान में आरोपियों के ठिकानों पर छापामारी हुई है।
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इस संबंध में 2 जून को हुई एफआईआर में 190 लोगों को नामजद किया गया है। प्रदेश के 42 शहरों में आरोपियों के ठिकानों पर सीबीआई की टीमें एक साथ छापामारी कर रही हैं।
इसी क्रम में इटावा में ठेकेदार पुनीत अग्रवाल के आवास पर सीबीआई के छह सदस्यीय दल ने छापा मारा। हालांकि, टीम के अफसरों ने मामले में मीडिया को कुछ तो नहीं बताया।
माना जा रहा है कि सीबीआई टीम ठेकेदार के घर से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज ले गई है। सीबीआई यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गोमती रिवर फ्रंट के निर्माण में ठेकेदार ने क्या भूमिका निभाई है।
सीबीआई की टीम चार घंटे से अधिक समय तक ठेकेदार के चौगुर्जी आवास पर रुकी रही। देर रात टीम पुनीत की तलाश में उनके संभावित ठिकानों पर नजर बनाए रही। इधर, पुनीत के नए आवास के बाहर पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। ताकि कोई घर में आए, तो कार्रवाई हो सके।
15 सवालों की लिस्ट लेकर आई टीम
सूत्रों के मुताबिक सीबीआई टीम पुनीत से पूछताछ के लिए 15 सवालों की सूची लेकर आई। इसमें ठेकेदार से यह जानने की कोशिश थी कि उन्होंने किस तरह से गोमती रिवर फ्रंट के लिए क्या-क्या सामग्री की आपूर्ति की अथवा कौन-कौन से निर्माण कार्य में भूमिका निभाई? किसी राजनेता ने ठेका दिलाने में मदद की? कमीशन का स्तर क्या रहा? इस तरह के कुछ सवाल टीम की सूची में शामिल थे। पुनीत के न मिलने से टीम के जल्द दोबारा आने की उम्मीद है।
एसएसपी से मिले अफसर
सीबीआई टीम कार्रवाई के बाद एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह से मिलने उनके दफ्तर पहुंची। टीम के दो अधिकारी एसएसपी से मिले और गोमती रिवर फ्रंट घोटाले के मामले की जानकारी दी। इसके साथ ही ठेकेदार पुनीत की भूमिका की जांच के बारे में बताया। एसएसपी ने अफसरों की पूरी तरह से मदद का भरोसा दिया।
एसएसपी का बयान
सीबीआई की एंटी करप्शन टीम लखनऊ गोमती रिवर फ्रंट घोटाले के मामले की जांच के सिलसिले में इटावा आई है। टीम के अफसर उनसे मिले हैं। जो भी मदद टीम को चाहिए वह की जाएगी। - डॉ. बृजेश कुमार सिंह, एसएसपी
चर्चा यह है भी
ठेकेदार पुनीत के दोनों घरों के आसपास रहने वालों में चर्चा है कि जिस दौरान सीबीआई टीम चौगुर्जी स्थित पुनीत के पुराने घर को घेर कर कार्रवाई कर रही थी। उस दौरान उसके आवास विकास स्थित नए घर में परिवार के कुछ लोग मौजूद थे। सीबीआई के छापा मारने की भनक लगते ही नए घर में ताला लगाकर सभी लोग कहीं चले गए और टीम के हाथ खाली रह गए।

सीबीआई के हाथ लगा ठेकेदार
ठेकेदार पुनीत अग्रवाल देर रात सीबीआई के हाथ लग गया। सीबीआई के अधिकारी पांच-छह गाड़ियों के साथ उसे लेकर घर पहुंचे। इसके बाद गेट पर लगी सील खोली गई। पुनीत के साथ उसके परिवार वाले भी थे। इन सभी के साथ सीबीआई टीम घर के अंदर चली गई।
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