{"_id":"6155f9288ebc3e09e411975f","slug":"etawah-news-reason-for-not-giving-loan-etawah-news-knp655490257","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऋण आवेदन पत्रों को अस्वीकृत करने का कारण बताना होगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऋण आवेदन पत्रों को अस्वीकृत करने का कारण बताना होगा
विज्ञापन
कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक में मौजूद डीएम श्रुति सिंह
- फोटो : ETAWAH
इटावा। रोजगार योजनाओं में ऋण आवेदन पत्रों को बिना किसी कारण बैंकर्स अस्वीकृत नहीं कर सकेंगे। बैंकर्स को आवेदन पत्र अस्वीकृत करने का कारण स्पष्ट रूप से बताना होगा।
ऋण आवेदन पत्रों को लंबित रखने और अस्वीकृत करने की शिकायतों पर डीएम श्रुति सिंह ने यह निर्देश दिया। गुरुवार को बैंकर्स के साथ जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने सभी बैंकर्स से कहा कि जो प्रार्थना पत्र रिजेक्ट किए गए हैं, उनका कारण सहित ब्योरा दें। किसान क्रेडिट कार्ड धारकों की ग्रामवार सूची भी मांगी।
कलक्ट्रेट सभागार में समीक्षा करते हुए डीएम ने पाया कि पीएम ग्राम स्वरोजगार योजना में 40 के लक्ष्य के सापेक्ष बैंकों को 109 ऋण आवेदन पत्र भेजे गए। इनमें 25 को स्वीकृत कर 18 पर ऋण उपलब्ध कराया गया।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में विभिन्न बैंकों को 165 पत्रावलियां भेजी र्गइं। इनमें 22 का ऋण स्वीकृत कर 16 को वितरण किया गया। इसी प्रकार एक जनपद एक उत्पाद योजना में 194 आवेदन पत्र भेजे गए, जिनमें से 47 स्वीकृत कर 37 को ऋण वितरण किया गया।
लंबित मिले सीसीएल के आवेदन
स्वयं सहायता समूहाें की कैश क्रेडिट लिमिट (सीसीएल) के लिए बैंकों को 2779 प्रार्थना पत्र भेजे गए। इनमें 448 को मंजूरी और सिर्फ 167 को सीसीएल दी गई। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने 887 प्रार्थना पत्रों के सापेक्ष 57 को स्वीकृत कर 203 को रिजेक्ट किया। अभी 627 लंबित हैं।
यूपी बड़ौदा बैंक ने 1161 प्रार्थना पत्रों के सापेक्ष 321 को स्वीकृत कर 814 रिजेक्ट कर दिए। अभी 26 लंबित हैं। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने 300 प्रार्थना पत्रों के सापेक्ष 11 को सीसीएल दी।
159 रिजेक्ट कर दिए, 130 लंबित हैं। इस स्थिति पर डीएम ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। बैठक में सीडीओ संतोष कुमार राय, उपायुक्त उद्योग सुधीर कुमार, विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि आदि उपस्थित रहे। संचालन अग्रणी जिला प्रबंधक कृष्ण कुमार ने किया।
विज्ञापन
ऋण आवेदन पत्रों को लंबित रखने और अस्वीकृत करने की शिकायतों पर डीएम श्रुति सिंह ने यह निर्देश दिया। गुरुवार को बैंकर्स के साथ जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने सभी बैंकर्स से कहा कि जो प्रार्थना पत्र रिजेक्ट किए गए हैं, उनका कारण सहित ब्योरा दें। किसान क्रेडिट कार्ड धारकों की ग्रामवार सूची भी मांगी।
विज्ञापन
कलक्ट्रेट सभागार में समीक्षा करते हुए डीएम ने पाया कि पीएम ग्राम स्वरोजगार योजना में 40 के लक्ष्य के सापेक्ष बैंकों को 109 ऋण आवेदन पत्र भेजे गए। इनमें 25 को स्वीकृत कर 18 पर ऋण उपलब्ध कराया गया।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में विभिन्न बैंकों को 165 पत्रावलियां भेजी र्गइं। इनमें 22 का ऋण स्वीकृत कर 16 को वितरण किया गया। इसी प्रकार एक जनपद एक उत्पाद योजना में 194 आवेदन पत्र भेजे गए, जिनमें से 47 स्वीकृत कर 37 को ऋण वितरण किया गया।
लंबित मिले सीसीएल के आवेदन
स्वयं सहायता समूहाें की कैश क्रेडिट लिमिट (सीसीएल) के लिए बैंकों को 2779 प्रार्थना पत्र भेजे गए। इनमें 448 को मंजूरी और सिर्फ 167 को सीसीएल दी गई। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने 887 प्रार्थना पत्रों के सापेक्ष 57 को स्वीकृत कर 203 को रिजेक्ट किया। अभी 627 लंबित हैं।
यूपी बड़ौदा बैंक ने 1161 प्रार्थना पत्रों के सापेक्ष 321 को स्वीकृत कर 814 रिजेक्ट कर दिए। अभी 26 लंबित हैं। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने 300 प्रार्थना पत्रों के सापेक्ष 11 को सीसीएल दी।
159 रिजेक्ट कर दिए, 130 लंबित हैं। इस स्थिति पर डीएम ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। बैठक में सीडीओ संतोष कुमार राय, उपायुक्त उद्योग सुधीर कुमार, विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि आदि उपस्थित रहे। संचालन अग्रणी जिला प्रबंधक कृष्ण कुमार ने किया।