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हरछठ पूजा कर माताओं ने की पुत्रों की लंबी आयु की कामना
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इटावा/ बकेवर। भादो की कृष्ण पक्ष की षष्ठी (हरछठ) को पुत्र की दीर्घायु के लिए शनिवार को माताओं ने पूजन और व्रत किया। महिलाओं ने घरों में विधि विधान से पूजन किया।
शहर के पुरबिया टोला निवासी मनोरमा वर्मा ने बताया इसदिन बलदाऊ जी का जन्म हुआ था। इसी वजह से हर छठ मनाया जाता है। गोबर से बनी हर छठ माता का हल्दी, चावल, सिंदूर और काजल से शृंगार किया जाता है।
उन्हें सात प्रकार के अनाज और ढाक के पत्ते पर चावल को दही में मिलाकर भोग लगाया जाता है। इस व्रत में खेतों में बोई और जोती हुई चीजों का सेवन नहीं किया जाता है, बल्कि पानी में उगे सिंघाड़ा के अलावा फीका दूध और पानी पीतीं हैं।
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बकेवर संवाद के अनुसार कस्बा, लखना समेत आसपास के ग्रामीणांचल क्षेत्रों में संतान की लंबी आयु के लिए शनिवार को महिलाओं ने हलछठ का व्रत रखा। सुबह महिलाओं ने महुए का दातून किया। इस वजह से ब्लाक के उच्च व प्राथमिक विद्यालयों की महिला शिक्षकों का अवकाश रहा।
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शहर के पुरबिया टोला निवासी मनोरमा वर्मा ने बताया इसदिन बलदाऊ जी का जन्म हुआ था। इसी वजह से हर छठ मनाया जाता है। गोबर से बनी हर छठ माता का हल्दी, चावल, सिंदूर और काजल से शृंगार किया जाता है।
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उन्हें सात प्रकार के अनाज और ढाक के पत्ते पर चावल को दही में मिलाकर भोग लगाया जाता है। इस व्रत में खेतों में बोई और जोती हुई चीजों का सेवन नहीं किया जाता है, बल्कि पानी में उगे सिंघाड़ा के अलावा फीका दूध और पानी पीतीं हैं।
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बकेवर संवाद के अनुसार कस्बा, लखना समेत आसपास के ग्रामीणांचल क्षेत्रों में संतान की लंबी आयु के लिए शनिवार को महिलाओं ने हलछठ का व्रत रखा। सुबह महिलाओं ने महुए का दातून किया। इस वजह से ब्लाक के उच्च व प्राथमिक विद्यालयों की महिला शिक्षकों का अवकाश रहा।