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आसई गांव की गोशाला समाप्त, धर्मपुरा में बनी नई गोशाला
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धर्मपुरा की गौशाला में पहुंचाए गए गौवंश
- फोटो : ETAWAH
बकेवर। परौली रमायन गोशाला से आसई गोशाला में भेजे गए गोवंश ग्राम प्रधान और सचिव की आपसी खींचतान में भूखे मर रहे थे। गोशाला के हालात और प्रधान व सचिव की आपसी रस्साकसी को देखते हुए प्रशासनिक अफसरों ने इस गोशाला को धर्मपुरा गांव में शिफ्ट करा दिया है।
बसरेहर ब्लाक की परौली रमायन गोशाला में गोवंशों की मौत के बाद प्रशासन ने 28 गोवंशों को आसई गांव में गोशाला स्थापित कर रखा गया था। इसके बाद यहां ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सचिव में गोवंश को भूसा देने को लेकर आपसी खींचतान शुरू हो गई।
इसके चलते गोवंशों को हरा चारा तो दूर सूखा भूसा भी नहीं मिल रहा था। गंदा पानी पीने को मिल रहा था। गोशाला में चारा भूसा न मिलने से भूख से दो गोवंशों की चार दिन पहले मौत हो गई थी।
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दो गोवंश बीमार हैं। मंगलवार को बीडीओ राजेश मिश्रा, एडीओ पंचायत श्याम वरन सिंह राजपूत आसई पहुंचे और गोशाला को समाप्त करा दिया।
इस गोशाला को पास की धर्मपुरा ग्राम पंचायत में नई गोशाला स्थापित कराई। यहां के सभी 26 गोवंशों को वहां शिफ्ट करा दिया। बीडीओ ने बताया कि आसई से गोवंशों को धर्मपुरा गांव की गोशाला में शिफ्ट किया गया है।
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बसरेहर ब्लाक की परौली रमायन गोशाला में गोवंशों की मौत के बाद प्रशासन ने 28 गोवंशों को आसई गांव में गोशाला स्थापित कर रखा गया था। इसके बाद यहां ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सचिव में गोवंश को भूसा देने को लेकर आपसी खींचतान शुरू हो गई।
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इसके चलते गोवंशों को हरा चारा तो दूर सूखा भूसा भी नहीं मिल रहा था। गंदा पानी पीने को मिल रहा था। गोशाला में चारा भूसा न मिलने से भूख से दो गोवंशों की चार दिन पहले मौत हो गई थी।
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दो गोवंश बीमार हैं। मंगलवार को बीडीओ राजेश मिश्रा, एडीओ पंचायत श्याम वरन सिंह राजपूत आसई पहुंचे और गोशाला को समाप्त करा दिया।
इस गोशाला को पास की धर्मपुरा ग्राम पंचायत में नई गोशाला स्थापित कराई। यहां के सभी 26 गोवंशों को वहां शिफ्ट करा दिया। बीडीओ ने बताया कि आसई से गोवंशों को धर्मपुरा गांव की गोशाला में शिफ्ट किया गया है।